ऐतिहासिक मतदान: तमिलनाडु चुनाव 2026 में 85%25 वोटिंग, TVK प्रमुख विजय बोले — सभी रिकॉर्ड टूटे
सारांश
Key Takeaways
- तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में 23 अप्रैल को लगभग 85 प्रतिशत मतदान हुआ — राज्य के चुनावी इतिहास का सर्वाधिक मतदान प्रतिशत।
- TVK प्रमुख विजय ने सोशल मीडिया पर जनता का आभार जताते हुए इसे युवाओं और महिलाओं की राजनीतिक जागरूकता की जीत बताया।
- पिछले 2021 विधानसभा चुनाव में 74.26 प्रतिशत मतदान हुआ था, इस बार यह करीब 10-11 प्रतिशत अंक अधिक रहा।
- कई मतदाता दूसरे राज्यों और विदेशों से भारी खर्च उठाकर सिर्फ वोट डालने के लिए तमिलनाडु पहुंचे।
- TVK तमिलनाडु में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही है — यह मतदान आंकड़ा DMK और AIADMK की रणनीतिक गणनाओं को जटिल बना सकता है।
- अब सभी की नजरें मतगणना पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि रिकॉर्ड मतदान का राजनीतिक लाभ किसे मिला।
चेन्नई, 24 अप्रैल 2026 (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में 23 अप्रैल को हुए मतदान ने राज्य के चुनावी इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। इस बार लगभग 85 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो तमिलनाडु के अब तक के सभी विधानसभा चुनावों में सर्वाधिक मतदान प्रतिशत है। तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के संस्थापक एवं प्रमुख विजय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आम लोगों की राजनीति में वापसी का प्रमाण है।
रिकॉर्ड मतदान: क्या कहते हैं आंकड़े
तमिलनाडु में इससे पहले 2016 के विधानसभा चुनाव में लगभग 74.27 प्रतिशत और 2021 में करीब 74.26 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था। इस बार 85 प्रतिशत का आंकड़ा पिछले दोनों चुनावों से करीब 10-11 प्रतिशत अंक अधिक है, जो किसी भी राज्य के लिए असाधारण छलांग मानी जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस उछाल के पीछे युवा मतदाताओं की बड़े पैमाने पर भागीदारी, महिला मतदाताओं का सक्रिय रुझान और TVK जैसे नए राजनीतिक दल द्वारा पैदा की गई उत्साहजनक लहर प्रमुख कारण रहे। यह मतदान प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से भी काफी ऊपर है।
विजय की प्रतिक्रिया: जनता को समर्पित जीत
TVK प्रमुख विजय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) हैंडल पर एक भावनात्मक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि राजनीति अब केवल अनुभवी नेताओं या पद का सुख भोगने वालों की बपौती नहीं रही — आम जनता, युवाओं और महिलाओं ने इसे अपने हाथों में ले लिया है।
उन्होंने कहा कि जो लोग राजनीति को कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित रखना चाहते थे, उनकी सारी गणनाएं इस रिकॉर्ड मतदान ने धूल में मिला दी हैं। विजय ने यह भी उल्लेख किया कि कई मतदाता दूसरे राज्यों और यहां तक कि विदेशों से भारी खर्च उठाकर सिर्फ वोट डालने के लिए तमिलनाडु पहुंचे।
मतदान केंद्रों पर उत्सव जैसा माहौल
TVK प्रमुख ने अपने बयान में बताया कि 23 अप्रैल को मतदान केंद्रों पर मंदिरों जैसी भारी भीड़ उमड़ी। परिवार के सदस्य एक-एक करके, छोटे-छोटे बच्चों को साथ लेकर मतदान केंद्रों तक पहुंचे। उन्होंने इस दिन को 'लोकतांत्रिक उत्सव' और 'चुनाव का त्योहार' करार दिया।
पार्टी ने उन सभी मतदाताओं को 'सच्चे लोकतंत्र प्रेमी' बताया जो दूर-दराज से वोट डालने आए। विजय ने अपने परिवार के सबसे छोटे और प्रिय साथी को विशेष रूप से 'विजय मामा' कहकर संबोधित करते हुए उनका आभार जताया, जिन्होंने परिवार के सदस्यों का मार्गदर्शन किया।
पार्टी कार्यकर्ताओं को सराहना, आलोचकों को जवाब
TVK प्रमुख विजय ने मतदान केंद्रों पर तैनात पार्टी एजेंटों, कार्यकर्ताओं (कॉमरेड्स) और सभी स्तर के पार्टी प्रशासकों को हार्दिक धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कभी कहा था कि 'तुम्हें राजनीति की क्या समझ है' या 'तुम टिक नहीं पाओगे', उन्हें TVK के कार्यकर्ताओं ने अपने काम से करारा जवाब दिया है।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पार्टी के साथियों को मजबूत सहारा देने वाले परिवार के सदस्यों का योगदान अमूल्य रहा। विजय ने सभी समर्थकों से आशावान बने रहने की अपील की और कहा कि 'जीत निश्चित है, सिर्फ अच्छा ही होगा।'
तमिलनाडु की राजनीति में नया अध्याय
यह रिकॉर्ड मतदान ऐसे समय में आया है जब TVK एक नवगठित दल के रूप में अपनी पहली विधानसभा चुनावी परीक्षा दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस उच्च मतदान प्रतिशत ने द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) जैसे स्थापित दलों की रणनीतिक गणनाओं को जटिल बना दिया है।
गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी तमिलनाडु में 72 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था, लेकिन विधानसभा स्तर पर 85 प्रतिशत का आंकड़ा बताता है कि राज्य में राजनीतिक चेतना तेजी से बढ़ रही है। युवा और महिला मतदाताओं की बढ़ती सक्रियता आने वाले वर्षों में तमिलनाडु की राजनीति की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं। परिणाम यह तय करेंगे कि क्या TVK इस रिकॉर्ड मतदान को सीटों में तब्दील कर पाती है और तमिलनाडु की राजनीति में एक स्थायी तीसरी शक्ति के रूप में उभर सकती है।