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'बिग बॉस' की आवाज विजय विक्रम सिंह बोले: वायरलिटी की होड़ में लोग अपनी असली पहचान भूल रहे

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'बिग बॉस' की आवाज विजय विक्रम सिंह बोले: वायरलिटी की होड़ में लोग अपनी असली पहचान भूल रहे

सारांश

बिग बॉस की पहचानी आवाज और नेटफ्लिक्स फिल्म 'इक्का' के अभिनेता विजय विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल होने की अंधी दौड़ ने लोगों को उनकी असली पहचान से दूर कर दिया है — और यह समस्या सिर्फ रियलिटी टीवी की नहीं, पूरे समाज की है।

मुख्य बातें

विजय विक्रम सिंह लोकप्रिय रियलिटी शो 'बिग बॉस' की नैरेटर आवाज के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन वे स्वयं को 'बिग बॉस की आवाज' बताते हैं, 'बिग बॉस' नहीं।
उनके अनुसार वायरलिटी की होड़ में लोग अपनी मौलिक पहचान से समझौता कर रहे हैं — यह समस्या रियलिटी टीवी से आगे पूरे समाज में फैल चुकी है।
नेटफ्लिक्स की फिल्म 'इक्का' में उन्होंने जज कामरा की भूमिका निभाई और इसे अपने अभिनय करियर का वही मुकाम बताया जो 'बिग बॉस' ने उनकी आवाज को दिया।
उनका मानना है कि 'बिग बॉस' शो का फॉर्मेट ऐसा है कि किसी भी प्रतिभागी की असलियत अंत तक सामने आ ही जाती है।

वॉयस-ओवर आर्टिस्ट विजय विक्रम सिंह — जिन्हें करोड़ों दर्शक लोकप्रिय रियलिटी शो 'बिग बॉस' की दमदार नैरेटर आवाज के रूप में पहचानते हैं — ने सोशल मीडिया के दौर में पहचान और व्यक्तित्व के बीच बढ़ते टकराव पर खुलकर बात की। 20 अगस्त को मुंबई में हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि वायरल होने की अंधी दौड़ में लोग यह भूल रहे हैं कि वे असल में कौन हैं।

'मैं बिग बॉस नहीं, बिग बॉस की आवाज हूँ'

विजय विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी पहचान और शो के बीच अक्सर भ्रम की स्थिति बनती है। उन्होंने कहा, 'बहुत से लोगों को लगता है कि मैं ही बिग बॉस हूँ और इस वजह से हमेशा कुछ कंफ्यूजन रहता है, लेकिन ये पहचान मेरे ऊपर कभी भारी नहीं पड़ी, बल्कि इसने हमेशा ही मेरी मदद की है।' उनका यह स्वीकारोक्ति उस दुर्लभ आत्मविश्वास को दर्शाती है जो परदे के पीछे काम करने वाले कलाकारों में कम देखने को मिलती है।

बिग बॉस शो और असलियत का आईना

'बिग बॉस' के बारे में विजय विक्रम सिंह ने कहा कि यह शो इस तरह बनाया गया है कि कोई कितना भी बड़ा अभिनेता क्यों न हो, शो के अंत तक सभी की असलियत सामने आने लगती है। गौरतलब है कि यह शो वर्षों से भारतीय टेलीविजन पर सबसे अधिक चर्चित और विवादास्पद रियलिटी फॉर्मेट बना हुआ है, और इसकी नैरेशन उसकी पहचान का अभिन्न हिस्सा है।

वायरलिटी की होड़: समाज की बड़ी समस्या

सोशल मीडिया पर वायरल होने की प्रवृत्ति पर विजय विक्रम सिंह ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'आज के समय हर किसी को वायरल होना है। पब्लिक आई में बने रहने, मार्केट में बने रहने के लिए कुछ टैलेंट की जरूरत होती है। आज लोग कभी-कभी न्यूज में बने रहने के लिए खुद को एक्सपोज करने या अपनी पर्सनैलिटी से कॉम्प्रोमाइज करने को भी तैयार हो जाते हैं।'

उन्होंने आगे जोड़ा, 'वायरल होने के चक्कर में लोग भूल रहे हैं कि वे असल में कौन हैं और जो वे खुद हैं, उससे दूर जा रहे हैं। यह सिर्फ रियलिटी टेलीविजन की प्रॉब्लम नहीं है — यह हमारे समाज के अंदर एक गहरी समस्या बन गई है। लोग वही बनना चाहते हैं जो उन्हें वायरल कर सके। वे अपनी ओरिजिनल या यूनिक पर्सनैलिटी को खोजने की कोशिश नहीं कर रहे।'

नेटफ्लिक्स फिल्म 'इक्का' और अभिनय की नई पहचान

नेटफ्लिक्स की कोर्टरूम ड्रामा फिल्म 'इक्का' में विजय विक्रम सिंह ने जज कामरा की भूमिका निभाई — एक छोटा लेकिन प्रभावशाली किरदार। कम स्क्रीन टाइम में असर छोड़ने के बारे में उन्होंने कहा, 'जब आप किसी बेहतरीन कहानी का इम्पॉर्टेंट हिस्सा होते हैं, तो आपको बस उस प्रोसेस के लिए खुद को सरेंडर करना होता है। हमारे निर्देशक का एक विजन था, जिसे मैंने आसानी से समझ लिया था और उसी में रम गया था। इसीलिए लोगों को कैरेक्टर याद रहा।'

उन्होंने 'इक्का' को अपने अभिनय करियर का वही मुकाम बताया जो 'बिग बॉस' ने उनकी आवाज को दिया था। उनके शब्दों में, 'इक्का ने मेरे एक्टिंग करियर के लिए वही किया जो बिग बॉस ने मेरे वॉइस करियर के लिए किया था — इसने मुझे एक एक्टर के तौर पर पहचान दिलाई।' यह टिप्पणी उस कलाकार की परिपक्वता दर्शाती है जो परदे के सामने और पीछे, दोनों जगह समान रूप से सशक्त है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि स्वाभाविक अवस्था। विडंबना यह है कि जो व्यक्ति वर्षों से परदे के पीछे रहकर करोड़ों की आवाज बना, वही आज परदे के सामने आकर पहचान की प्रामाणिकता का सवाल उठा रहा है। मुख्यधारा की मनोरंजन कवरेज इस बहस को अक्सर सेलिब्रिटी गॉसिप तक सीमित कर देती है, जबकि असली मुद्दा यह है कि डिजिटल दर्शकों की माँग ने 'प्रदर्शन' और 'व्यक्तित्व' के बीच की रेखा को मिटा दिया है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजय विक्रम सिंह कौन हैं और 'बिग बॉस' से उनका क्या संबंध है?
विजय विक्रम सिंह एक भारतीय वॉयस-ओवर आर्टिस्ट हैं जो लोकप्रिय रियलिटी शो 'बिग बॉस' की नैरेटर आवाज के रूप में पहचाने जाते हैं। वे स्वयं स्पष्ट करते हैं कि वे 'बिग बॉस की आवाज' हैं, 'बिग बॉस' नहीं — हालाँकि कई दर्शक इस अंतर को लेकर भ्रमित रहते हैं।
विजय विक्रम सिंह ने वायरल कल्चर पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि वायरल होने की होड़ में लोग अपनी मौलिक पहचान से दूर होते जा रहे हैं और ऐसी चीजें करने लगते हैं जो उन्हें वायरल कर सकें। उनके अनुसार यह समस्या केवल रियलिटी टेलीविजन तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज में फैल चुकी है।
नेटफ्लिक्स की फिल्म 'इक्का' में विजय विक्रम सिंह ने कौन-सी भूमिका निभाई?
विजय विक्रम सिंह ने नेटफ्लिक्स की कोर्टरूम ड्रामा फिल्म 'इक्का' में जज कामरा की भूमिका निभाई। यह एक छोटा लेकिन प्रभावशाली किरदार था, जिसे उन्होंने निर्देशक के विजन के साथ तालमेल बिठाकर यादगार बनाया।
'इक्का' फिल्म ने विजय विक्रम सिंह के करियर को कैसे प्रभावित किया?
विजय विक्रम सिंह के अनुसार 'इक्का' ने उनके अभिनय करियर के लिए वही किया जो 'बिग बॉस' ने उनके वॉयस करियर के लिए किया था — यानी उन्हें एक नई और अलग पहचान दिलाई। इस फिल्म ने उन्हें एक अभिनेता के रूप में स्थापित किया।
क्या 'बिग बॉस' शो प्रतिभागियों की असली पहचान उजागर करता है?
विजय विक्रम सिंह के अनुसार 'बिग बॉस' का फॉर्मेट ऐसा बनाया गया है कि कोई कितना भी बड़ा अभिनेता क्यों न हो, शो के अंत तक उसकी असलियत सामने आ ही जाती है। यह शो की संरचनात्मक विशेषता है, जो इसे अन्य रियलिटी फॉर्मेट से अलग करती है।
राष्ट्र प्रेस
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