अन्ना हजारे बॉम्बे अस्पताल से डिस्चार्ज, 90 साल की उम्र में बोले — '100 तक सेवा जारी रखूँगा'
सारांश
मुख्य बातें
वरिष्ठ समाजसेवी और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के प्रमुख चेहरे अन्ना हजारे को 10 सितंबर 2026 को बॉम्बे अस्पताल, मुंबई से छुट्टी दे दी गई। 90 वर्षीय हजारे को करीब 10 दिन पहले मूत्र संक्रमण और गंभीर डिहाइड्रेशन की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था। अस्पताल से बाहर निकलते ही उन्होंने साफ कहा कि अंतिम सांस तक जनसेवा ही उनका एकमात्र उद्देश्य है।
अस्पताल से डिस्चार्ज और हजारे का संदेश
पत्रकारों से बातचीत में अन्ना हजारे ने कहा, 'अभी मेरी तबीयत ठीक है। स्वास्थ्य थोड़ा बिगड़ गया था, लेकिन अब पहले से बेहतर हूँ। मेरी उम्र 90 साल हो गई है और मैं 100 साल पूरे करना चाहता हूँ।' उन्होंने जोड़ा कि सेवा का अर्थ निस्वार्थ कर्म है और जनता की सेवा करना ही सच्ची ईश्वर भक्ति है।
हजारे के शब्दों में, 'जब तक जिंदा हूँ, लोगों की सेवा करना चाहता हूँ। मैंने अपना पूरा जीवन सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। मुझे अपने बैंक बैलेंस की कोई चिंता नहीं है। मेरे लिए धन-दौलत नहीं, बल्कि लोगों की सेवा ही सबसे बड़ा उद्देश्य है।'
बीमारी का पूरा घटनाक्रम
बॉम्बे अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गौतम भंसाली ने बताया कि हजारे पहले वायरल बुखार और दस्त की शिकायत के चलते शिरूर के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती हुए थे। उन्होंने कहा, 'वायरल बीमारी और गंभीर डिहाइड्रेशन की वजह से उन्हें पेशाब संबंधी दिक्कतें होने लगी थीं। उनका क्रिएटिनिन स्तर काफी बढ़ गया था, जिससे मूत्र संक्रमण हो गया।' इसी कारण आगे के उपचार के लिए उन्हें बॉम्बे अस्पताल, मुंबई में स्थानांतरित किया गया।
गौरतलब है कि 90 वर्ष की आयु में गंभीर डिहाइड्रेशन से किडनी के कार्य पर तत्काल असर पड़ सकता है, जिसे चिकित्सकों ने समय रहते नियंत्रित किया।
अन्ना हजारे: एक परिचय
अन्ना हजारे देश के प्रमुख समाज सुधारकों में गिने जाते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के अपने गाँव रालेगण सिद्धि को जल संरक्षण, वनीकरण, ग्रामीण आत्मनिर्भरता और नशामुक्ति जैसे अभियानों के ज़रिए आदर्श गाँव के रूप में विकसित किया। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब देश में ग्रामीण विकास के मॉडल की चर्चा लगातार होती रहती है।
राष्ट्रीय स्तर पर वे 2011 के जन लोकपाल आंदोलन के लिए सबसे अधिक जाने जाते हैं, जिसने पूरे देश को एकजुट किया था और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी जनचेतना जगाई थी।
समर्थकों की प्रतिक्रिया
हजारे के अस्पताल में भर्ती होने की खबर आते ही देशभर के उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उनके डिस्चार्ज की खबर से राहत की लहर देखी गई। यह कोई पहली बार नहीं है जब उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यापक हुई हो — उनकी उम्र और सक्रियता दोनों देश के लिए सांकेतिक महत्व रखते हैं।
आगे क्या
डॉक्टरों के अनुसार हजारे का स्वास्थ्य अब स्थिर है। उनके सहयोगियों के मुताबिक वे पूर्ण स्वस्थ होने के बाद अपनी सामाजिक गतिविधियाँ फिर से शुरू करने की योजना रखते हैं। 90 वर्षीय हजारे का यह संकल्प कि वे 100 साल की उम्र तक सेवा जारी रखेंगे, उनके जीवन-दर्शन का प्रतीक बना हुआ है।