13 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भिवाड़ी अवैध दवा गोदाम: 18 में से 5 सैंपल फेल, राजस्थान ड्रग कंट्रोल ने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में भेजी टीमें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भिवाड़ी अवैध दवा गोदाम: 18 में से 5 सैंपल फेल, राजस्थान ड्रग कंट्रोल ने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में भेजी टीमें

सारांश

भिवाड़ी के एक बिना लाइसेंस वाले दवा गोदाम से ₹4 करोड़ की दवाएँ जब्त हुईं और 18 में से 5 सैंपल घटिया निकले। राजस्थान ड्रग कंट्रोल कमिश्नरेट ने अब संबंधित विनिर्माण इकाइयों में निरीक्षण टीमें भेजी हैं और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

भिवाड़ी के बिना लाइसेंस वाले दवा गोदाम से 1,500 कार्टन दवाएँ जब्त, अनुमानित कीमत ₹4 करोड़ ।
गुणवत्ता परीक्षण में 18 में से 5 सैंपल घटिया गुणवत्ता के पाए गए।
ड्रग कंट्रोल कमिश्नर अविचल चतुर्वेदी के निर्देश पर संबंधित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में निरीक्षण दल भेजे गए।
जब्त सामग्री न्यायालय के आदेश पर ड्रग कंट्रोल अधिकारी की अभिरक्षा में रखी गई है।
जाँच में विनिर्माण रिकॉर्ड, बैच उत्पादन डेटा और आपूर्ति शृंखला दस्तावेज़ों की जाँच होगी; ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

राजस्थान ड्रग कंट्रोल कमिश्नरेट ने भिवाड़ी में बिना लाइसेंस संचालित एक दवा गोदाम पर छापेमारी के बाद व्यापक जाँच अभियान तेज़ कर दिया है, क्योंकि गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट में वहाँ से जब्त दवाओं के 18 सैंपल में से 5 घटिया गुणवत्ता के पाए गए हैं। प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने गुरुवार को यह जानकारी सार्वजनिक की।

मुख्य घटनाक्रम

सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में अधिकारियों ने भिवाड़ी के उस अवैध गोदाम से लगभग 1,500 कार्टन दवाएँ और अन्य सामग्री बरामद की, जिनकी अनुमानित कीमत ₹4 करोड़ बताई गई है। न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में जब्त सामग्री को ड्रग कंट्रोल अधिकारी की अभिरक्षा में रखा गया है। गोदाम में विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्मित और विपणित दवाएँ पाई गईं, जिनमें से गुणवत्ता परीक्षण के लिए 18 नमूने लिए गए थे।

मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में जाँच दल रवाना

ड्रग कंट्रोल कमिश्नर अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि कमिश्नरेट के निर्देशों पर संबंधित विनिर्माण इकाइयों में निरीक्षण दल भेज दिए गए हैं। ये दल विनिर्माण रिकॉर्ड, कच्चे माल, गुणवत्ता-नियंत्रण दस्तावेज़, बैच उत्पादन रिकॉर्ड तथा संबंधित बैचों की वितरण एवं आपूर्ति शृंखला से जुड़े अभिलेखों की बारीकी से जाँच करेंगे।

निरीक्षण में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि दवाओं का विनिर्माण, गुणवत्ता परीक्षण, भंडारण और वितरण निर्धारित मानकों तथा नियामक आवश्यकताओं के अनुरूप था अथवा नहीं।

आम जनता पर असर

यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि घटिया दवाएँ सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए सीधा खतरा उत्पन्न करती हैं। बिना लाइसेंस के फार्मास्युटिकल व्यापार में गुणवत्ता जाँच की अनदेखी से मरीज़ों तक अप्रभावी या हानिकारक दवाएँ पहुँच सकती हैं। गौरतलब है कि राजस्थान में यह उन मामलों में से एक है जहाँ अवैध दवा भंडारण की इतनी बड़ी मात्रा बरामद हुई है।

कानूनी कार्रवाई की तैयारी

चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि जाँच के निष्कर्षों के आधार पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत संबंधित व्यक्तियों, संस्थाओं और अन्य पक्षों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दवाओं की गुणवत्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्या होगा आगे

विनिर्माण इकाइयों में जारी निरीक्षण के बाद अधिकारी आपूर्ति शृंखला का पूरा नक्शा तैयार करने की कोशिश करेंगे ताकि यह पता चल सके कि घटिया दवाएँ किन बाज़ारों तक पहुँची हैं। जाँच रिपोर्ट के आधार पर आगे के कदम तय होंगे और यह प्रकरण राज्य में फार्मा नियमन की सख्ती की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नियमित तृतीय-पक्ष गुणवत्ता निगरानी के बिना इस तरह के मामले बार-बार सामने आते रहेंगे।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भिवाड़ी अवैध दवा गोदाम मामला क्या है?
राजस्थान ड्रग कंट्रोल कमिश्नरेट ने भिवाड़ी में बिना लाइसेंस संचालित एक दवा गोदाम पर छापा मारकर लगभग 1,500 कार्टन दवाएँ जब्त कीं, जिनकी कीमत ₹4 करोड़ आँकी गई है। गुणवत्ता परीक्षण में 18 नमूनों में से 5 घटिया पाए गए हैं।
घटिया दवाएँ किन कंपनियों की थीं?
जब्त दवाएँ अलग-अलग कंपनियों द्वारा निर्मित और विपणित बताई गई हैं। अधिकारियों ने अभी तक किसी विशेष कंपनी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है; संबंधित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में निरीक्षण टीमें भेजी गई हैं जो विस्तृत जाँच करेंगी।
राजस्थान ड्रग कंट्रोल आगे क्या कार्रवाई करेगा?
ड्रग कंट्रोल कमिश्नर अविचल चतुर्वेदी के अनुसार निरीक्षण दल विनिर्माण रिकॉर्ड, बैच उत्पादन डेटा और आपूर्ति शृंखला दस्तावेज़ों की जाँच करेंगे। निष्कर्षों के आधार पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जब्त दवाओं का अभी क्या हुआ है?
न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में सभी जब्त दवाएँ ड्रग कंट्रोल अधिकारी की अभिरक्षा में रखी गई हैं। इन्हें जाँच पूरी होने तक सुरक्षित रखा जाएगा।
क्या ये घटिया दवाएँ आम बाज़ार तक पहुँच सकती हैं?
इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि गोदाम में विभिन्न कंपनियों की दवाएँ बड़ी मात्रा में भंडारित थीं। अधिकारी वितरण और आपूर्ति शृंखला की विस्तृत जाँच करके यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि संबंधित बैच कहाँ-कहाँ गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले