तेलंगाना: करीमनगर में बिना लाइसेंस मेडिकल दुकान पर डीसीए का छापा, ₹5.51 लाख की दवाएं जब्त
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के करीमनगर जिले में अवैध दवा बिक्री के खिलाफ ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (डीसीए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चोप्पाडांडी गांव स्थित एक बिना लाइसेंस मेडिकल दुकान पर छापा मारा और ₹5.51 लाख मूल्य की दवाएं जब्त कीं। बुधवार, 11 जून को की गई इस कार्रवाई में 28 प्रकार की दवाएं बरामद हुईं, जिनमें एंटीबायोटिक्स, आईवी फ्लूइड्स और इन-विट्रो डायग्नोस्टिक टेस्ट किट शामिल हैं।
कैसे हुई कार्रवाई
डीसीए के अनुसार, विभाग को चोप्पाडांडी मंडल के इस गांव में अवैध रूप से दवाओं की बिक्री किए जाने की विश्वसनीय सूचना मिली थी। इसी के आधार पर अधिकारियों की एक टीम ने बुधवार को उक्त मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की।
जांच में सामने आया कि मल्लारापु अखिल नामक व्यक्ति बिना किसी वैध ड्रग लाइसेंस के यह दुकान संचालित कर रहा था। दुकान में बड़ी मात्रा में विभिन्न श्रेणियों की दवाएं बिक्री के लिए रखी गई थीं।
जब्त दवाओं का विवरण
अधिकारियों ने कुल 28 प्रकार की दवाएं जब्त कीं, जिनमें इन-विट्रो डायग्नोस्टिक टेस्ट किट, एंटीबायोटिक्स, आईवी फ्लूइड्स, दर्द निवारक दवाएं (एनाल्जेसिक्स) और अन्य औषधियां शामिल हैं। इन दवाओं के नमूने आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला को भेजे गए हैं।
कानूनी प्रावधान और चेतावनी
डीसीए ने स्पष्ट किया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत बिना लाइसेंस दवाएं बेचना या स्टॉक करना दंडनीय अपराध है, जिसमें पाँच साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। गौरतलब है कि विभाग ने बिना लाइसेंस वाली दुकानों को दवाएं सप्लाई करने वाले थोक विक्रेताओं और डीलरों को भी इसी कानून के तहत दोषी माने जाने की चेतावनी दी है।
विभाग ने थोक विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे किसी भी संस्था को दवा सप्लाई करने से पहले उसका वैध ड्रग लाइसेंस अनिवार्य रूप से सत्यापित करें।
आम जनता के लिए अपील
डीसीए ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना लाइसेंस वाली दुकानों, अनियमित वेबसाइटों या संदिग्ध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से दवाएं न खरीदें। विभाग ने कहा कि दवाओं का भंडारण और बिक्री केवल वैध लाइसेंस के आधार पर ही की जा सकती है।
आगे की जांच
डीसीए के अनुसार, इस मामले में विस्तृत जांच जारी है और दोषी पाए जाने वाले सभी पक्षों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई तेलंगाना में अवैध दवा व्यापार के खिलाफ विभाग के चल रहे अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।