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तेलंगाना: करीमनगर में बिना लाइसेंस मेडिकल दुकान पर डीसीए का छापा, ₹5.51 लाख की दवाएं जब्त

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तेलंगाना: करीमनगर में बिना लाइसेंस मेडिकल दुकान पर डीसीए का छापा, ₹5.51 लाख की दवाएं जब्त

सारांश

तेलंगाना के करीमनगर में डीसीए की छापेमारी ने अवैध दवा व्यापार की एक और कड़ी उजागर की — बिना लाइसेंस चल रही दुकान से ₹5.51 लाख की 28 किस्म की दवाएं जब्त, दोषी के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई तय।

मुख्य बातें

ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (डीसीए) ने करीमनगर जिले के चोप्पाडांडी गांव में बिना लाइसेंस मेडिकल दुकान पर छापा मारा।
छापे में ₹5.51 लाख मूल्य की 28 प्रकार की दवाएं जब्त की गईं, जिनमें एंटीबायोटिक्स, आईवी फ्लूइड्स और डायग्नोस्टिक किट शामिल हैं।
दुकान संचालक मल्लारापु अखिल के पास कोई वैध ड्रग लाइसेंस नहीं था।
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत बिना लाइसेंस दवा बिक्री पर पाँच साल तक की जेल का प्रावधान है।
बिना लाइसेंस दुकानों को दवा सप्लाई करने वाले थोक विक्रेता भी इसी कानून के तहत दंडनीय माने जाएंगे।
दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए; मामले में विस्तृत जांच जारी है।

तेलंगाना के करीमनगर जिले में अवैध दवा बिक्री के खिलाफ ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (डीसीए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चोप्पाडांडी गांव स्थित एक बिना लाइसेंस मेडिकल दुकान पर छापा मारा और ₹5.51 लाख मूल्य की दवाएं जब्त कीं। बुधवार, 11 जून को की गई इस कार्रवाई में 28 प्रकार की दवाएं बरामद हुईं, जिनमें एंटीबायोटिक्स, आईवी फ्लूइड्स और इन-विट्रो डायग्नोस्टिक टेस्ट किट शामिल हैं।

कैसे हुई कार्रवाई

डीसीए के अनुसार, विभाग को चोप्पाडांडी मंडल के इस गांव में अवैध रूप से दवाओं की बिक्री किए जाने की विश्वसनीय सूचना मिली थी। इसी के आधार पर अधिकारियों की एक टीम ने बुधवार को उक्त मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की।

जांच में सामने आया कि मल्लारापु अखिल नामक व्यक्ति बिना किसी वैध ड्रग लाइसेंस के यह दुकान संचालित कर रहा था। दुकान में बड़ी मात्रा में विभिन्न श्रेणियों की दवाएं बिक्री के लिए रखी गई थीं।

जब्त दवाओं का विवरण

अधिकारियों ने कुल 28 प्रकार की दवाएं जब्त कीं, जिनमें इन-विट्रो डायग्नोस्टिक टेस्ट किट, एंटीबायोटिक्स, आईवी फ्लूइड्स, दर्द निवारक दवाएं (एनाल्जेसिक्स) और अन्य औषधियां शामिल हैं। इन दवाओं के नमूने आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला को भेजे गए हैं।

कानूनी प्रावधान और चेतावनी

डीसीए ने स्पष्ट किया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत बिना लाइसेंस दवाएं बेचना या स्टॉक करना दंडनीय अपराध है, जिसमें पाँच साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। गौरतलब है कि विभाग ने बिना लाइसेंस वाली दुकानों को दवाएं सप्लाई करने वाले थोक विक्रेताओं और डीलरों को भी इसी कानून के तहत दोषी माने जाने की चेतावनी दी है।

विभाग ने थोक विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे किसी भी संस्था को दवा सप्लाई करने से पहले उसका वैध ड्रग लाइसेंस अनिवार्य रूप से सत्यापित करें।

आम जनता के लिए अपील

डीसीए ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना लाइसेंस वाली दुकानों, अनियमित वेबसाइटों या संदिग्ध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से दवाएं न खरीदें। विभाग ने कहा कि दवाओं का भंडारण और बिक्री केवल वैध लाइसेंस के आधार पर ही की जा सकती है।

आगे की जांच

डीसीए के अनुसार, इस मामले में विस्तृत जांच जारी है और दोषी पाए जाने वाले सभी पक्षों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई तेलंगाना में अवैध दवा व्यापार के खिलाफ विभाग के चल रहे अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसी दुकानें बिना किसी जाँच के कितने समय से चल रही थीं। थोक विक्रेताओं को चेतावनी देना सही दिशा में कदम है, पर जब तक आपूर्ति श्रृंखला में लाइसेंस सत्यापन अनिवार्य और डिजिटल नहीं होता, छिटपुट छापे पर्याप्त नहीं होंगे।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना डीसीए ने चोप्पाडांडी में क्या कार्रवाई की?
ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (डीसीए) ने करीमनगर जिले के चोप्पाडांडी गांव में बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल दुकान पर छापा मारकर ₹5.51 लाख मूल्य की 28 प्रकार की दवाएं जब्त कीं। दुकान संचालक मल्लारापु अखिल के पास कोई वैध ड्रग लाइसेंस नहीं था।
जब्त की गई दवाओं में क्या-क्या शामिल था?
जब्त की गई 28 प्रकार की दवाओं में इन-विट्रो डायग्नोस्टिक टेस्ट किट, एंटीबायोटिक्स, आईवी फ्लूइड्स, दर्द निवारक दवाएं (एनाल्जेसिक्स) और अन्य औषधियां शामिल हैं। इनके नमूने आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला को भेजे गए हैं।
बिना लाइसेंस दवा बेचने पर क्या सजा हो सकती है?
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत बिना वैध लाइसेंस के दवाओं का भंडारण या बिक्री करने पर पाँच साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। यह प्रावधान दुकान संचालकों के साथ-साथ ऐसी दुकानों को दवाएं सप्लाई करने वाले थोक विक्रेताओं पर भी लागू होता है।
क्या थोक विक्रेताओं पर भी कार्रवाई हो सकती है?
हाँ, डीसीए ने स्पष्ट किया है कि बिना लाइसेंस वाली दुकानों को दवाएं सप्लाई करने वाले थोक विक्रेता और डीलर भी ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत दंडनीय अपराध के दोषी माने जाएंगे। विभाग ने सभी थोक विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे आपूर्ति से पहले वैध ड्रग लाइसेंस की जाँच अनिवार्य रूप से करें।
आम नागरिक दवाएं खरीदते समय क्या सावधानी बरतें?
डीसीए ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल वैध लाइसेंसधारी दुकानों से ही दवाएं खरीदें और बिना लाइसेंस वाली दुकानों, अनियमित वेबसाइटों या संदिग्ध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से दवाएं खरीदने से बचें। ऐसा करना न केवल कानूनी दृष्टि से जोखिमपूर्ण है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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