देहरादून में अवैध दवा कारोबार पर शिकंजा: 2 वर्षों में 89 गिरफ्तार, 10 साल की सजा तक
सारांश
मुख्य बातें
देहरादून प्रशासन ने अवैध दवा कारोबार और बिना लाइसेंस फार्मेसियों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ा है। एडिशनल कमिश्नर एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने 9 जून 2026 को स्पष्ट किया कि देहरादून में बिना लाइसेंस कोई भी व्यक्ति दवा का कारोबार नहीं कर सकता, और उल्लंघन पर न्यूनतम तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है। वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान अब तक 89 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और दो मामलों में अदालत ने दोषियों को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई है।
कानूनी प्रावधान और कार्रवाई का दायरा
जग्गी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति बिना लाइसेंस दवा व्यवसाय करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 18(सी)/27 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाता है, जिसमें न्यूनतम तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है। फर्जी डॉक्टरों के मामलों में डीएलसी टीम जिला प्रशासन और सीएमओ कार्यालय के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करती है। दवाओं से संबंधित मामलों में ड्रग्स विभाग स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करता है।
गिरफ्तारियाँ और न्यायिक फैसले
पिछले दो वर्षों में नशे के कारोबार, बिना लाइसेंस दवा व्यवसाय और नकली दवाओं के व्यापार में संलिप्त 89 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से दो मामलों में अदालत का फैसला आ चुका है, जिनमें दोषियों को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई गई है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नकली और अवैध दवाओं की बिक्री एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है।
गर्मी और मौसमी बीमारियों से बचाव की तैयारी
देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि भीषण गर्मी के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने हीट स्ट्रोक, डायरिया, जलजनित एवं मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक तैयारियाँ की हैं। सभी सरकारी अस्पतालों में ओआरएस, आईवी फ्लूड्स, आइस पैक, कूलर और एसी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने नागरिकों से दोपहर की धूप में न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और सूती कपड़े पहनने की अपील की।
डेंगू नियंत्रण के लिए आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से सर्वे कराया जा रहा है। देहरादून और ऋषिकेश में डेंगू वॉलंटियर्स की तैनाती कर घर-घर लार्वा जाँच और जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। नगर निगम को नियमित फॉगिंग और लार्वा नियंत्रण गतिविधियाँ संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार कर ली गई है और गंभीर व पुरानी बीमारियों से पीड़ित मरीजों का डाटा संकलित किया जा रहा है। प्रसव से पहले गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुँचाने के लिए माइक्रो प्लानिंग की जा रही है।
चारधाम यात्रा और मानसून के लिए 108 एंबुलेंस सेवा की तैयारी
108 एंबुलेंस सेवा के प्रभारी अनिल शर्मा ने बताया कि चारधाम यात्रा और मानसून सीजन को देखते हुए विशेष तैयारियाँ की गई हैं। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मार्गों पर जरूरत के अनुसार एंबुलेंस तैनात की जाती हैं और मुख्य यात्रा मार्गों पर करीब 75 एंबुलेंस सक्रिय हैं। अब तक चारधाम यात्रा के दौरान 3 हजार से अधिक आपातकालीन मामलों में 108 सेवा सहायता प्रदान कर चुकी है।
शर्मा ने यात्रियों और वाहन चालकों से पहाड़ी मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की। प्री-मानसून बारिश, नेटवर्क बाधा और सड़क संपर्क प्रभावित होने जैसी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं।