जयपुर में ड्रग विभाग की बड़ी कार्रवाई: 1 लाइसेंस रद्द, 4 निलंबित — श्री श्याम मेडिकोज पर गिरी गाज
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के जयपुर में दवाओं की बिक्री और रिकॉर्ड-रखरखाव में गंभीर अनियमितताएँ उजागर होने के बाद ड्रग विभाग ने 24 अगस्त 2026 को पाँच दवा प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए। गोविंदपुरा, सांगानेर स्थित श्री श्याम मेडिकोज का ड्रग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया, जबकि चार अन्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस 14 से 30 दिनों के लिए निलंबित किए गए।
मुख्य घटनाक्रम
यह कार्रवाई प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ के निर्देशों पर, ड्रग कमिश्नर टी. शुभमंगला और ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक के मार्गदर्शन में हुई। ड्रग कंट्रोल ऑफिसर (जयपुर) मदन मोहन सिंघल ने सांगानेर सदर पुलिस स्टेशन की टीम के साथ मिलकर विभिन्न दवा प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दवाओं की बिक्री के रिकॉर्ड, शेड्यूल एच और एच-1 ड्रग रजिस्टर, बिक्री बिल, स्टॉक रजिस्टर, पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति और अन्य अनिवार्य कानूनी दस्तावेज़ों की जाँच की। इसके बाद संबंधित लाइसेंसधारकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और उनके जवाबों की जाँच के उपरांत उल्लंघन की पुष्टि होने पर कार्रवाई की गई।
किन प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई
श्री श्याम मेडिकोज (गोविंदपुरा, सांगानेर) का लाइसेंस गंभीर अनियमितताओं, रिकॉर्ड-रखरखाव में कमियों और अनिवार्य बिक्री बिल तथा अन्य दस्तावेज़ प्रस्तुत न कर पाने के कारण तत्काल प्रभाव से रद्द किया गया।
इसके अलावा चार अन्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए — अभी भी मेडिकल एंड जनरल स्टोर, देवेश मेडिकल एजेंसी, शुभम मेडिकल एंड जनरल स्टोर और बालाजी मेडिकल। इन सभी पर नियंत्रित श्रेणी की दवाओं की बिक्री से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं।
किन नियमों के उल्लंघन पर रहेगी नज़र
विभाग के अनुसार आगामी निरीक्षणों में विशेष रूप से सही बिक्री बिल, नियमित रिकॉर्ड-कीपिंग, निर्धारित रजिस्टरों का रखरखाव, पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनिवार्य उपस्थिति और अन्य ज़रूरी दस्तावेज़ीकरण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। शेड्यूल एच, एच-1 और अन्य नियंत्रित श्रेणी की दवाओं की अनधिकृत या अनुचित बिक्री पर सख्त रोक सुनिश्चित की जाएगी।
आम जनता पर असर
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन जाँचों का मूल उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएँ उपलब्ध कराना और नियंत्रित दवाओं की अवैध या अनुचित बिक्री पर अंकुश लगाना है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नकली और घटिया दवाओं की बिक्री को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।
क्या होगा आगे
विभाग ने स्पष्ट किया है कि शेड्यूल एच, एच-1 और अन्य नियंत्रित श्रेणियों की दवाओं के नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। गौरतलब है कि लाइसेंस निलंबन की अवधि पूरी होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को अनुपालन का प्रमाण देना होगा, तभी उनके लाइसेंस बहाल होंगे।