25 अगस्त 2026
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जयपुर में ड्रग विभाग की बड़ी कार्रवाई: 1 लाइसेंस रद्द, 4 निलंबित — श्री श्याम मेडिकोज पर गिरी गाज

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जयपुर में ड्रग विभाग की बड़ी कार्रवाई: 1 लाइसेंस रद्द, 4 निलंबित — श्री श्याम मेडिकोज पर गिरी गाज

सारांश

जयपुर में ड्रग विभाग ने 5 दवा प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कसा — श्री श्याम मेडिकोज का लाइसेंस तत्काल रद्द, 4 अन्य 14 से 30 दिनों के लिए निलंबित। शेड्यूल एच और एच-1 दवाओं की अनियमित बिक्री और रिकॉर्ड-रखरखाव में खामियाँ मुख्य वजह।

मुख्य बातें

जयपुर ड्रग विभाग ने 24 अगस्त 2026 को पाँच दवा प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई की।
श्री श्याम मेडिकोज (गोविंदपुरा, सांगानेर) का ड्रग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द किया गया।
अभी भी मेडिकल एंड जनरल स्टोर, देवेश मेडिकल एजेंसी, शुभम मेडिकल एंड जनरल स्टोर और बालाजी मेडिकल के लाइसेंस 14 से 30 दिनों के लिए निलंबित।
उल्लंघन में शेड्यूल एच और एच-1 रजिस्टर न रखना, बिक्री बिल न दिखाना और पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति शामिल।
कार्रवाई प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ के निर्देश और ड्रग कमिश्नर टी.
शुभमंगला व ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक के मार्गदर्शन में हुई।

राजस्थान के जयपुर में दवाओं की बिक्री और रिकॉर्ड-रखरखाव में गंभीर अनियमितताएँ उजागर होने के बाद ड्रग विभाग ने 24 अगस्त 2026 को पाँच दवा प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए। गोविंदपुरा, सांगानेर स्थित श्री श्याम मेडिकोज का ड्रग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया, जबकि चार अन्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस 14 से 30 दिनों के लिए निलंबित किए गए।

मुख्य घटनाक्रम

यह कार्रवाई प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ के निर्देशों पर, ड्रग कमिश्नर टी. शुभमंगला और ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक के मार्गदर्शन में हुई। ड्रग कंट्रोल ऑफिसर (जयपुर) मदन मोहन सिंघल ने सांगानेर सदर पुलिस स्टेशन की टीम के साथ मिलकर विभिन्न दवा प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दवाओं की बिक्री के रिकॉर्ड, शेड्यूल एच और एच-1 ड्रग रजिस्टर, बिक्री बिल, स्टॉक रजिस्टर, पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति और अन्य अनिवार्य कानूनी दस्तावेज़ों की जाँच की। इसके बाद संबंधित लाइसेंसधारकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और उनके जवाबों की जाँच के उपरांत उल्लंघन की पुष्टि होने पर कार्रवाई की गई।

किन प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई

श्री श्याम मेडिकोज (गोविंदपुरा, सांगानेर) का लाइसेंस गंभीर अनियमितताओं, रिकॉर्ड-रखरखाव में कमियों और अनिवार्य बिक्री बिल तथा अन्य दस्तावेज़ प्रस्तुत न कर पाने के कारण तत्काल प्रभाव से रद्द किया गया।

इसके अलावा चार अन्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए — अभी भी मेडिकल एंड जनरल स्टोर, देवेश मेडिकल एजेंसी, शुभम मेडिकल एंड जनरल स्टोर और बालाजी मेडिकल। इन सभी पर नियंत्रित श्रेणी की दवाओं की बिक्री से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं।

किन नियमों के उल्लंघन पर रहेगी नज़र

विभाग के अनुसार आगामी निरीक्षणों में विशेष रूप से सही बिक्री बिल, नियमित रिकॉर्ड-कीपिंग, निर्धारित रजिस्टरों का रखरखाव, पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनिवार्य उपस्थिति और अन्य ज़रूरी दस्तावेज़ीकरण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। शेड्यूल एच, एच-1 और अन्य नियंत्रित श्रेणी की दवाओं की अनधिकृत या अनुचित बिक्री पर सख्त रोक सुनिश्चित की जाएगी।

आम जनता पर असर

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन जाँचों का मूल उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएँ उपलब्ध कराना और नियंत्रित दवाओं की अवैध या अनुचित बिक्री पर अंकुश लगाना है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नकली और घटिया दवाओं की बिक्री को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।

क्या होगा आगे

विभाग ने स्पष्ट किया है कि शेड्यूल एच, एच-1 और अन्य नियंत्रित श्रेणियों की दवाओं के नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। गौरतलब है कि लाइसेंस निलंबन की अवधि पूरी होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को अनुपालन का प्रमाण देना होगा, तभी उनके लाइसेंस बहाल होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि शेड्यूल एच और एच-1 जैसी संवेदनशील दवाएँ बिना रिकॉर्ड के इतने समय तक बिकती रहीं और नियामक तंत्र को भनक क्यों नहीं लगी। निलंबन और रद्दीकरण दंडात्मक कदम हैं, पर जब तक नियमित और अघोषित निरीक्षण की व्यवस्था नहीं बनती, ऐसी अनियमितताएँ दूसरे प्रतिष्ठानों में भी जारी रह सकती हैं। राजस्थान में दवा नियंत्रण ढाँचे को प्रतिक्रियात्मक से निवारक मोड में लाना ज़रूरी है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में किस दवा प्रतिष्ठान का लाइसेंस रद्द किया गया?
गोविंदपुरा, सांगानेर स्थित श्री श्याम मेडिकोज का ड्रग लाइसेंस 24 अगस्त 2026 को तत्काल प्रभाव से रद्द किया गया। गंभीर अनियमितताओं, रिकॉर्ड-रखरखाव में कमियों और अनिवार्य बिक्री बिल प्रस्तुत न कर पाने को इसकी वजह बताया गया।
किन चार दवा प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए?
अभी भी मेडिकल एंड जनरल स्टोर, देवेश मेडिकल एजेंसी, शुभम मेडिकल एंड जनरल स्टोर और बालाजी मेडिकल के लाइसेंस 14 से 30 दिनों के लिए निलंबित किए गए हैं। इन सभी पर नियंत्रित श्रेणी की दवाओं की बिक्री से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं।
शेड्यूल एच और एच-1 दवाएँ क्या होती हैं और इनके नियम क्यों सख्त हैं?
शेड्यूल एच और एच-1 वे दवाएँ हैं जिन्हें केवल पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे पर बेचा जा सकता है और जिनकी बिक्री का विस्तृत रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। इनमें एंटीबायोटिक्स, नशीली और अन्य संवेदनशील दवाएँ शामिल होती हैं, जिनके दुरुपयोग से सार्वजनिक स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है।
यह कार्रवाई किसके निर्देश पर और कैसे हुई?
यह कार्रवाई प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ के निर्देशों पर, ड्रग कमिश्नर टी. शुभमंगला और ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक के मार्गदर्शन में हुई। ड्रग कंट्रोल ऑफिसर मदन मोहन सिंघल ने सांगानेर सदर पुलिस टीम के साथ औचक निरीक्षण किया, कारण बताओ नोटिस जारी किए और जवाबों की जाँच के बाद कार्रवाई की।
क्या भविष्य में भी ऐसी जाँच जारी रहेगी?
हाँ, ड्रग विभाग ने स्पष्ट किया है कि शेड्यूल एच, एच-1 और अन्य नियंत्रित श्रेणी की दवाओं के नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। विभाग का लक्ष्य जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएँ सुनिश्चित करना और नियंत्रित दवाओं की अवैध बिक्री रोकना है।
राष्ट्र प्रेस
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