भिवाड़ी अवैध दवा गोदाम: 18 में से 5 सैंपल फेल, ₹4 करोड़ की दवाएं जब्त; राजस्थान ड्रग कंट्रोल की बड़ी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान ड्रग कंट्रोल कमिश्नरेट ने भिवाड़ी के एक बिना लाइसेंस वाले दवा गोदाम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की है, जहाँ गुणवत्ता परीक्षण में जब्त 18 सैंपल में से 5 घटिया क्वालिटी के पाए गए। प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने गुरुवार को यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि छापेमारी में लगभग 1,500 कार्टन दवाएं और अन्य सामान जब्त किया गया, जिनकी अनुमानित कीमत ₹4 करोड़ है।
मुख्य घटनाक्रम
सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के दौरान गोदाम में अलग-अलग कंपनियों द्वारा निर्मित और बेची जाने वाली दवाएं मिलीं। गुणवत्ता परीक्षण के लिए कुल 18 नमूने लिए गए, जिनमें से 5 निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए जब्त समस्त सामान को ड्रग कंट्रोल अधिकारी की अभिरक्षा में रखा गया है।
गौरतलब है कि बिना लाइसेंस के इतने बड़े पैमाने पर दवाओं का भंडारण न केवल ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का उल्लंघन है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य में नकली और घटिया दवाओं के विरुद्ध अभियान तेज किए जा रहे हैं।
विनिर्माण इकाइयों में जाँच
ड्रग कंट्रोल कमिश्नर अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि कमिश्नरेट के निर्देश पर संबंधित मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों में निरीक्षण दल भेजे गए हैं। ये दल मैन्युफैक्चरिंग रिकॉर्ड, कच्चे माल, गुणवत्ता नियंत्रण दस्तावेज़, बैच प्रोडक्शन रिकॉर्ड और संबंधित बैचों की वितरण एवं आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े कागज़ात की गहन जाँच करेंगे।
निरीक्षण में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि दवाओं का उत्पादन, गुणवत्ता परीक्षण, भंडारण और वितरण तय नियामक मानकों के अनुरूप था या नहीं।
सरकार की प्रतिक्रिया
चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि जाँच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों, संस्थानों और अन्य पक्षों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि 'दवाओं की गुणवत्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में, या बिना लाइसेंस के फार्मास्युटिकल व्यापार से जुड़े मामलों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।'
प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने भी रेखांकित किया कि राज्य सरकार दवा क्षेत्र में अनियमितताओं के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर कायम है।
आम जनता पर असर
घटिया दवाओं का बाज़ार में आना सीधे मरीजों की सुरक्षा को जोखिम में डालता है — विशेषकर तब जब ये दवाएं सामान्य नुस्खे वाली श्रेणियों में हों। 5 फेल सैंपल की पहचान यह सुनिश्चित करने के लिए महत्त्वपूर्ण है कि वे बाज़ार में और न जाएं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बिना लाइसेंस के संचालित गोदाम प्रायः कोल्ड-चेन भंडारण नियमों का पालन नहीं करते, जिससे तापमान-संवेदनशील दवाएं अप्रभावी हो सकती हैं।
क्या होगा आगे
जाँच दल मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं और दोषी बैचों के पूरे वितरण नेटवर्क को चिह्नित किया जाएगा। कमिश्नरेट के अनुसार, परिणामों के आधार पर संबंधित पक्षों के लाइसेंस निलंबित या रद्द करने सहित अन्य दंडात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। यह मामला राजस्थान में दवा नियमन की व्यापक समीक्षा की माँग को भी बल दे सकता है।