भिवाड़ी अवैध दवा गोदाम: 18 में से 5 सैंपल फेल, ₹4 करोड़ की दवाएं जब्त — राजस्थान ड्रग कंट्रोल की कार्रवाई तेज
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान ड्रग कंट्रोल कमिश्नरेट ने भिवाड़ी स्थित एक अवैध दवा गोदाम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की है, जहाँ गुणवत्ता जाँच रिपोर्ट में सामने आया कि जब्त दवाओं के 18 सैंपल में से 5 घटिया गुणवत्ता के पाए गए हैं। प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने 10 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी। गोदाम से लगभग 1,500 कार्टन दवाएं और अन्य सामान जब्त किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹4 करोड़ बताई गई है।
ऑपरेशन का पूरा घटनाक्रम
गुप्त सूचना के आधार पर राजस्थान ड्रग कंट्रोल कमिश्नरेट की टीम ने भिवाड़ी में बिना लाइसेंस के संचालित एक दवा गोदाम पर छापेमारी की। इस ऑपरेशन में अलग-अलग कंपनियों द्वारा निर्मित और वितरित की जाने वाली दवाएं मिलीं। गुणवत्ता परीक्षण के लिए कुल 18 सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 5 सैंपल मानक गुणवत्ता पर खरे नहीं उतरे।
न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में जब्त सभी दवाएं और सामान ड्रग कंट्रोल ऑफिसर की अभिरक्षा में रखे गए हैं।
मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों में जाँच के आदेश
ड्रग कंट्रोल कमिश्नर अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि कमिश्नरेट के निर्देशों पर संबंधित मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों में निरीक्षण दल भेजे गए हैं। ये दल निम्नलिखित दस्तावेजों की बारीकी से जाँच करेंगे — मैन्युफैक्चरिंग रिकॉर्ड, कच्चा माल, गुणवत्ता नियंत्रण रिकॉर्ड, बैच प्रोडक्शन रिकॉर्ड और संबंधित बैचों की वितरण एवं आपूर्ति शृंखला से जुड़े दस्तावेज।
जाँच में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि दवाओं की निर्माण, गुणवत्ता परीक्षण, भंडारण और वितरण प्रक्रियाएं निर्धारित मानकों और नियामक आवश्यकताओं के अनुरूप थीं या नहीं।
सार्वजनिक स्वास्थ्य पर असर
गायत्री राठौड़ के अनुसार, बिना लाइसेंस के संचालित इस गोदाम से घटिया दवाओं का संभावित वितरण आम जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में नकली और घटिया दवाओं के खिलाफ नियामक सक्रियता बढ़ी है।
गौरतलब है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत घटिया या नकली दवाओं की बिक्री एवं वितरण गंभीर दंडनीय अपराध है, जिसमें कारावास तक का प्रावधान है।
आगे क्या होगा
चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि जाँच के निष्कर्षों के आधार पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत संबंधित व्यक्तियों, संस्थानों और अन्य पक्षों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि दवाओं की गुणवत्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में अथवा बिना लाइसेंस के फार्मास्युटिकल व्यापार से संबंधित प्रकरणों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।