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डोलासन: डेस्क जॉब करने वालों के लिए सबसे असरदार योगासन, जानें सही तरीका और फायदे

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डोलासन: डेस्क जॉब करने वालों के लिए सबसे असरदार योगासन, जानें सही तरीका और फायदे

सारांश

घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने वालों के लिए आयुष मंत्रालय ने डोलासन को खास तौर पर उपयोगी बताया है। यह पेंडुलम-शैली का हठ योग आसन रीढ़ को लचीला बनाता है, पीठ दर्द घटाता है और रोज़ सिर्फ 1-2 मिनट में किया जा सकता है।

मुख्य बातें

डोलासन एक हठ योग मुद्रा है जिसमें धड़ को पेंडुलम की तरह दाएं-बाएं झुलाया जाता है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इसे लचीलापन, रीढ़ की मजबूती और संतुलन के लिए उपयोगी बताया है।
रोज़ाना 1-2 मिनट के अभ्यास से थकान, सिरदर्द, पीठ दर्द और तनाव में राहत मिलती है।
उच्च रक्तचाप के रोगी यह आसन न करें; हर्निया या गंभीर कमर दर्द में डॉक्टर की सलाह ज़रूरी।
संतुलित आहार के साथ इस आसन को अपनाने पर ही पूर्ण लाभ मिलता है।

डोलासन (पेंडुलम मुद्रा) उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी योगासन है, जो घंटों एक ही स्थान पर बैठकर काम करते हैं। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह एक गतिशील हठ योग मुद्रा है जो लचीलापन, रीढ़ की मजबूती और शारीरिक संतुलन को बेहतर बनाती है। अनियमित जीवनशैली और लंबे समय तक बैठे रहने से उत्पन्न थकान, पीठ दर्द और तनाव में यह आसन राहत देता है।

डोलासन क्या है और यह कैसे काम करता है

डोलासन दो संस्कृत शब्दों से बना है — 'डोल' (झूलना) और 'आसन' (योग मुद्रा)। इस आसन में शरीर के ऊपरी हिस्से को घड़ी के पेंडुलम की भाँति दाएं से बाएं और बाएं से दाएं झुलाया जाता है। यह गतिशील क्रिया रीढ़ की नसों को सक्रिय करती है और पूरे धड़ में रक्त संचार बेहतर करती है।

डोलासन के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ

आयुष मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, इस आसन के नियमित अभ्यास से निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:

यह पेट और कोर की मांसपेशियों को मजबूत करता है। पीठ के निचले हिस्से में खिंचाव देकर दर्द को कम करता है। हैमस्ट्रिंग यानी जांघ के पीछे की नसों को टोन करता है। साथ ही, रीढ़ की नसों को सक्रिय कर रीढ़ को लचीला बनाता है। थकान, सिरदर्द और मानसिक तनाव में भी राहत मिलती है।

डोलासन करने का सही तरीका

सबसे पहले दोनों पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा अधिक फैलाकर सीधे खड़े हो जाएं। गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को आपस में इंटरलॉक करें और सिर के पीछे रखें। सांस छोड़ते हुए धड़ को पेंडुलम की तरह दाएं से बाएं झुलाएं।

रोज़ाना 1-2 मिनट के अभ्यास से शरीर में हल्कापन और ऊर्जा का अनुभव होने लगता है। शुरुआत में अभ्यासकर्ता को कठिनाई हो सकती है, लेकिन नियमित अभ्यास से यह दिनचर्या का सहज हिस्सा बन जाता है।

सावधानियाँ और ज़रूरी बातें

उच्च रक्तचाप के रोगियों को यह आसन नहीं करना चाहिए। हर्निया या गंभीर कमर दर्द की स्थिति में इसे करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक है। केवल योगासन पर्याप्त नहीं है — संतुलित और पोषणयुक्त आहार के साथ इसे अपनाने पर ही पूरा लाभ मिलता है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डेस्क जॉब करने वाले लोगों में पीठ दर्द और मांसपेशियों की जकड़न तेज़ी से बढ़ रही है। ऐसे में डोलासन जैसे सरल और प्रभावी आसन कार्यस्थल पर भी थोड़े समय में किए जा सकते हैं। यह आसन न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी माना जाता है। आयुष मंत्रालय इसे अपनी दैनिक योग दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि भारत में कार्यस्थल स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता अभी भी सीमित है। अधिकांश कॉर्पोरेट संस्थानों में योग या व्यायाम के लिए संरचित समय का अभाव है। ऐसे सरल आसनों की जानकारी तब तक अधूरी है जब तक नियोक्ता स्तर पर इसे प्रोत्साहित नहीं किया जाता। केवल जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि कार्यस्थल नीतियों में बदलाव ज़रूरी है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डोलासन क्या है और इसे क्यों करना चाहिए?
डोलासन एक हठ योग मुद्रा है जिसमें शरीर के ऊपरी हिस्से को पेंडुलम की तरह दाएं-बाएं झुलाया जाता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार यह रीढ़ की लचीलापन, मांसपेशियों की मजबूती और शारीरिक संतुलन बढ़ाने में सहायक है।
डोलासन करने का सही तरीका क्या है?
पैरों को कंधे की चौड़ाई से अधिक फैलाकर खड़े हों, हाथों को इंटरलॉक कर सिर के पीछे रखें और सांस छोड़ते हुए धड़ को दाएं-बाएं झुलाएं। रोज़ाना 1-2 मिनट का अभ्यास पर्याप्त माना जाता है।
डोलासन से डेस्क जॉब करने वालों को क्या फायदा होता है?
लंबे समय तक बैठे रहने से होने वाले पीठ के निचले हिस्से के दर्द, मांसपेशियों की जकड़न और थकान में डोलासन राहत देता है। यह हैमस्ट्रिंग को टोन करता है और रीढ़ की नसों को सक्रिय करता है।
डोलासन किन लोगों को नहीं करना चाहिए?
उच्च रक्तचाप के रोगियों को यह आसन नहीं करना चाहिए। हर्निया या गंभीर कमर दर्द की स्थिति में इसे करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक है।
क्या डोलासन को आयुष मंत्रालय की मान्यता प्राप्त है?
हाँ, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने डोलासन को एक गतिशील और लाभकारी योगासन के रूप में मान्यता दी है और इसे दैनिक योग दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी है।
राष्ट्र प्रेस
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