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स्किन का पीएच बैलेंस बिगड़ने से मुंहासे और रूखापन: धूप, तनाव और गलत खानपान हैं मुख्य कारण

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स्किन का पीएच बैलेंस बिगड़ने से मुंहासे और रूखापन: धूप, तनाव और गलत खानपान हैं मुख्य कारण

सारांश

बाहरी चमक नहीं, स्किन का पीएच बैलेंस असली स्वास्थ्य का पैमाना है। 4.5–5.5 की एसिडिक रेंज में रहने वाला यह संतुलन धूप, तनाव, गलत खानपान और हार्श केमिकल्स से बिगड़ता है — और नतीजा होता है मुंहासे, रूखापन और कमज़ोर स्किन बैरियर।

मुख्य बातें

मानव त्वचा का आदर्श पीएच स्तर 4.5 से 5.5 के बीच हल्का एसिडिक होता है।
धूप, तनाव, नींद की कमी और गलत खानपान स्किन के पीएच बैलेंस को बिगाड़ सकते हैं।
तेज केमिकल वाले फेसवॉश और साबुन त्वचा का प्राकृतिक तेल घटाकर रूखापन या अतिरिक्त ऑयल की समस्या पैदा करते हैं।
पीएच असंतुलन के संकेतों में खिंची हुई त्वचा, बार-बार खुजली, मुंहासे और लालपन शामिल हैं।
विशेषज्ञ रोज़ाना सनस्क्रीन, पर्याप्त पानी, संतुलित आहार और अच्छी नींद की सलाह देते हैं।
गंभीर लक्षणों पर त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित माना जाता है।

त्वचा का पीएच बैलेंस बिगड़ना आज के समय में एक बड़ी स्किन समस्या बनता जा रहा है। नई दिल्ली, 23 मई को त्वचा विशेषज्ञों ने चेताया कि धूप, तनाव और गलत खानपान त्वचा के प्राकृतिक पीएच को बाधित करते हैं, जिससे मुंहासे, रूखापन, जलन और एलर्जी जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, स्वस्थ त्वचा की असली पहचान बाहरी चमक नहीं, बल्कि उसका संतुलित पीएच स्तर है।

स्किन पीएच बैलेंस क्या होता है

पीएच एक मापदंड है जो यह बताता है कि कोई पदार्थ कितना एसिडिक है या कितना अल्कलाइन। इसे 0 से 14 के पैमाने पर मापा जाता है — 7 को सामान्य, 7 से कम को एसिडिक और 7 से अधिक को अल्कलाइन माना जाता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, मानव त्वचा का प्राकृतिक पीएच हल्का एसिडिक होता है — आमतौर पर 4.5 से 5.5 के बीच। इसी संतुलन के कारण त्वचा पर एक पतली सुरक्षात्मक परत बनी रहती है, जिसे स्किन बैरियर कहा जाता है। यह परत बैक्टीरिया, धूल, प्रदूषण और अन्य हानिकारक तत्वों से त्वचा की रक्षा करती है।

पीएच बैलेंस बिगड़ने के मुख्य कारण

डॉक्टरों का कहना है कि जब त्वचा का पीएच संतुलन बना रहता है, तो नमी बरकरार रहती है और स्किन मुलायम होती है। लेकिन जैसे ही यह संतुलन टूटता है, समस्याएं सामने आने लगती हैं।

अत्यधिक साबुन का उपयोग, तेज रासायनिक तत्वों वाले फेसवॉश और बार-बार चेहरा धोने से त्वचा का प्राकृतिक तेल घटने लगता है, जिससे स्किन सूखी और संवेदनशील हो जाती है। वहीं कुछ लोगों में इसके विपरीत अत्यधिक तेल उत्पादन होता है, जो मुंहासों और पिंपल्स को बढ़ावा देता है।

मेडिकल शोध के अनुसार, उम्र, मौसम, खानपान और मानसिक तनाव भी त्वचा के पीएच पर सीधा असर डालते हैं। गर्मियों में पसीना और तेज धूप त्वचा को प्रभावित करती है, जबकि सर्दियों में रूखापन बढ़ जाता है। इसके अतिरिक्त, नींद की कमी और असंतुलित आहार त्वचा की सुरक्षा परत को कमज़ोर कर सकते हैं।

पीएच असंतुलन के चेतावनी संकेत

त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ लक्षण स्पष्ट संकेत देते हैं कि स्किन का पीएच बिगड़ रहा है। यदि चेहरा धोने के बाद त्वचा बहुत खिंची हुई महसूस हो, बार-बार खुजली हो, त्वचा अचानक बहुत ऑयली या अत्यधिक रूखी हो जाए, या बार-बार मुंहासे निकलने लगें — तो ये पीएच असंतुलन के संकेत हो सकते हैं।

ऐसे मामलों में विशेषज्ञ किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) से परामर्श लेने की सलाह देते हैं। यह भी ध्यान देने योग्य है कि कई बार लोग बिना जानकारी के ऐसे उत्पाद इस्तेमाल करते हैं जिनका पीएच त्वचा के अनुकूल नहीं होता, जिससे जलन, लालपन और खुजली जैसी परेशानियां उत्पन्न होती हैं।

स्वस्थ त्वचा के लिए विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों के अनुसार, धूप भी त्वचा के पीएच को प्रभावित करती है, इसलिए रोज़ाना सनस्क्रीन का उपयोग ज़रूरी है। इसके साथ ही पर्याप्त पानी पीना, पौष्टिक और संतुलित भोजन लेना और पर्याप्त नींद लेना त्वचा के पीएच को संतुलित रखने में सहायक माना जाता है।

यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब बाज़ार में अनगिनत स्किनकेयर उत्पाद उपलब्ध हैं और अधिकांश उपभोक्ता पीएच-संगत उत्पाद चुनने में असमर्थ हैं। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि उत्पाद खरीदते समय उसके पीएच स्तर की जानकारी अवश्य लें और त्वचा की प्रकृति के अनुसार ही स्किनकेयर रूटीन अपनाएं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उनमें से कई का पीएच त्वचा के अनुकूल नहीं होता। मुख्यधारा की स्किनकेयर कवरेज अक्सर 'क्या लगाएं' पर केंद्रित रहती है, जबकि 'क्यों लगाएं और किसके लिए सही है' — यह सवाल उपेक्षित रह जाता है। बिना डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह के ट्रेंडिंग उत्पाद आज़माने की प्रवृत्ति ही इन समस्याओं की जड़ है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्किन का पीएच बैलेंस क्या होता है और यह क्यों ज़रूरी है?
स्किन का पीएच बैलेंस यह दर्शाता है कि त्वचा कितनी एसिडिक या अल्कलाइन है। वैज्ञानिकों के अनुसार, स्वस्थ त्वचा का पीएच 4.5 से 5.5 के बीच होता है, जो एक सुरक्षात्मक स्किन बैरियर बनाए रखता है और बैक्टीरिया व प्रदूषण से रक्षा करता है।
स्किन का पीएच बैलेंस क्यों बिगड़ता है?
धूप, मानसिक तनाव, गलत खानपान, नींद की कमी, तेज केमिकल वाले फेसवॉश और बार-बार चेहरा धोने से स्किन का पीएच बैलेंस बिगड़ सकता है। मेडिकल शोध के अनुसार, उम्र और मौसम में बदलाव भी इस पर असर डालते हैं।
स्किन पीएच असंतुलन के क्या संकेत होते हैं?
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, चेहरा धोने के बाद त्वचा का बहुत खिंचा हुआ महसूस होना, बार-बार खुजली, अचानक अत्यधिक रूखापन या ऑयलीनेस, और बार-बार मुंहासे निकलना — ये सभी पीएच असंतुलन के संकेत हो सकते हैं।
स्किन का पीएच बैलेंस कैसे बनाए रखें?
विशेषज्ञ रोज़ाना सनस्क्रीन लगाने, पर्याप्त पानी पीने, पौष्टिक भोजन खाने और अच्छी नींद लेने की सलाह देते हैं। इसके अलावा, पीएच-संगत और माइल्ड स्किनकेयर उत्पाद चुनना भी ज़रूरी माना जाता है।
क्या स्किन पीएच बिगड़ने पर डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है?
यदि जलन, लालपन, खुजली या बार-बार मुंहासों की समस्या बनी रहे, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) से परामर्श लेना बेहतर माना जाता है। स्व-उपचार से स्थिति और बिगड़ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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