11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या महंगे कॉस्मेटिक्स छोड़ने से रंजक पित्त के ठीक होने से चेहरे का निखार बढ़ सकता है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या महंगे कॉस्मेटिक्स छोड़ने से रंजक पित्त के ठीक होने से चेहरे का निखार बढ़ सकता है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि आपके चेहरे की खूबसूरती का राज आपके लिवर में छिपा है? जानिए आयुर्वेद के अनुसार रंजक पित्त कैसे आपके चेहरे के निखार को बढ़ा सकता है।

मुख्य बातें

रंजक पित्त का संतुलन चेहरे की खूबसूरती के लिए आवश्यक है।
आहार में आंवला और अनार जैसे खाद्य पदार्थ शामिल करें।
तनाव और गुस्से को नियंत्रित करना जरूरी है।

नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जब भी हम चेहरे की खूबसूरती की बात करते हैं, तो हमारे मन में पहले महंगी क्रीम, सीरम, फेस पैक और पार्लर के ट्रीटमेंट का ख्याल आता है। लेकिन, आयुर्वेद की धारणा इससे बिल्कुल भिन्न है। आयुर्वेद का मानना है कि असली सुंदरता बाहरी नहीं, बल्कि आंतरिक होती है, विशेषकर हमारे यकृत से।

आयुर्वेद के अनुसार, चेहरे की रंगत, चमक और ताजगी का सीधा संबंध रंजक पित्त से होता है, जो कि लिवर और प्लीहा में पाया जाता है। जब रंजक पित्त सही से कार्य कर रहा होता है, तो खून शुद्ध रहता है, जिसका प्रभाव सीधे चेहरे पर दिखाई देता है।

आयुर्वेद में पित्त के पांच प्रकारों का वर्णन किया गया है, जिनमें रंजक पित्त का कार्य बहुत महत्वपूर्ण है। इसका मुख्य कार्य भोजन से बने रस को रक्त में परिवर्तित करना है। जब रंजक पित्त संतुलित रहता है, तो शरीर में हीमोग्लोबिन सही रहता है, थकान कम होती है और त्वचा में प्राकृतिक चमक बनी रहती है। लेकिन, जब यह बिगड़ता है, तो चेहरे पर पीलापन, काले घेरे, पिगमेंटेशन, मुंहासे और बेजानपन दिखाई देने लगते हैं।

आजकल की जीवनशैली रंजक पित्त को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है। देर रात तक जागना, जंक फूड, अत्यधिक तला-भुना और मसालेदार खाना, शराब, सिगरेट और लगातार तनाव ये सब लिवर को कमजोर करते हैं। इसका असर रंजक पित्त पर पड़ता है, जिससे खून अशुद्ध होने लगता है और यह असर चेहरे पर साफ नजर आता है। इसलिए सिर्फ क्रीम लगाने से असली समस्या का समाधान नहीं होता।

आयुर्वेद का कहना है कि रंजक पित्त को संतुलित और मजबूत करने के लिए आहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आंवला, अनार, चुकंदर, मुनक्का और नारियल पानी जैसे खाद्य पदार्थ खून को साफ करते हैं और लिवर को ताकत देते हैं। गिलोय, भृंगराज और भूमि आंवला जैसी जड़ी-बूटियां लिवर टॉनिक के रूप में कार्य करती हैं। इसके साथ ही गुस्से और तनाव को नियंत्रित करना भी आवश्यक है, क्योंकि ज्यादा क्रोध सीधे लिवर को प्रभावित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि आयुर्वेद के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए, हमें अपनी जीवनशैली और आहार का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए। यह न केवल हमारी त्वचा को निखारता है, बल्कि समग्र स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैसे रंजक पित्त को संतुलित किया जा सकता है?
आहार में आंवला, अनार, चुकंदर जैसे खाद्य पदार्थों को शामिल करके और तनाव को नियंत्रित करके रंजक पित्त को संतुलित किया जा सकता है।
क्या जीवनशैली का रंजक पित्त पर प्रभाव पड़ता है?
हां, देर रात तक जागना, जंक फूड और तनाव रंजक पित्त को कमजोर कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले