इबोला अलर्ट: बीएमसी ने कस्तूरबा अस्पताल में 10 बिस्तरों का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया, मुंबई हाई अलर्ट पर
सारांश
मुख्य बातें
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने 29 मई 2026 को मुंबई की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को हाई अलर्ट पर रखते हुए कस्तूरबा अस्पताल में 10 बिस्तरों का विशेष आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया है। यह कदम विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा सहित अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इबोला के प्रकोप को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किए जाने के बाद उठाया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भारत में अभी तक इबोला का कोई प्रकोप या सामुदायिक प्रसार नहीं हुआ है।
मुख्य घटनाक्रम
बीएमसी ने कस्तूरबा अस्पताल को वायरल हेमोरेजिक बुखार के किसी भी संदिग्ध मामले के लिए प्राथमिक आइसोलेशन सुविधा के रूप में नामित किया है। यह अस्पताल मुंबई का विशेष संक्रामक रोग केंद्र है और सख्त आइसोलेशन प्रोटोकॉल को संभालने में सक्षम है।
कस्तूरबा के अतिरिक्त, कामा अस्पताल में भी 8 बिस्तरों का एक अलग आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। बीएमसी प्रशासन ने प्रमुख नगर निगम मेडिकल कॉलेजों को अपनी टीमें तैयार रखने और तत्परता प्रोटोकॉल स्थापित करने के निर्देश जारी किए हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुंबई के डिप्टी मेयर संजय घाडी ने कहा कि बीएमसी पूरी तरह से तैयार है और जनता को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि कस्तूरबा अस्पताल में बिस्तरों की व्यवस्था हो चुकी है और निकट भविष्य में शहर के अन्य अस्पतालों में भी इसी प्रकार की सुविधाएँ तैयार की जाएंगी।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर संक्रामक रोगों की निगरानी को लेकर सतर्कता बढ़ी है। गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी के बाद से बीएमसी ने अपने संक्रामक रोग प्रबंधन ढाँचे को काफी मज़बूत किया है।
चिकित्सा समुदाय की भूमिका
महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स ने फ्रंटलाइन मेडिकल कर्मचारियों के लिए मानक संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण प्रथाओं की रूपरेखा बताते हुए एक औपचारिक परामर्श जारी किया है। इससे अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों और नर्सों को सुरक्षित प्रोटोकॉल का पालन करने में मदद मिलेगी।
आम जनता पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इबोला वायरस सीधे संपर्क — जैसे संक्रमित व्यक्ति के रक्त या शारीरिक तरल पदार्थ — से फैलता है और हवा के ज़रिए नहीं फैलता। इसलिए सामान्य नागरिकों के लिए जोखिम अत्यंत कम है। बीएमसी की यह तैयारी एक एहतियाती उपाय है, न कि किसी सक्रिय खतरे की प्रतिक्रिया।
क्या होगा आगे
बीएमसी के अनुसार, शहर भर के अन्य अस्पतालों में भी आइसोलेशन सुविधाएँ विस्तारित की जाएंगी। अधिकारी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की स्क्रीनिंग और संदिग्ध मामलों की त्वरित पहचान के लिए निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ करने की योजना पर काम कर रहे हैं।