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जन्म के तुरंत बाद नवजात के लिए स्तनपान क्यों महत्वपूर्ण है? जानें इसके लाभ

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जन्म के तुरंत बाद नवजात के लिए स्तनपान क्यों महत्वपूर्ण है? जानें इसके लाभ

सारांश

जानें कि क्यों जन्म के तुरंत बाद नवजात के लिए मां का दूध अत्यंत आवश्यक है। यह न केवल पोषण का स्रोत है, बल्कि शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है। इस लेख में हम इसके लाभ और सही स्तनपान तकनीक पर चर्चा करेंगे।

मुख्य बातें

नवजात के लिए मां का दूध आवश्यक पोषण का स्रोत है।
कोलोस्ट्रम बच्चे की पहली वैक्सीन है।
बच्चे को छह महीने तक केवल मां का दूध देना चाहिए।
डिमांड फीडिंग सर्वोत्तम होती है।
स्तनपान करते समय बच्चे की सही पकड़ महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नवजात शिशु के लिए मां का दूध वास्तव में एक अनमोल पोषण का स्रोत है। जन्म के तुरंत बाद, यह शिशु को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है, जो उसके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसमें मौजूद एंटीबॉडी शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं और उसे विभिन्न संक्रमणों एवं बीमारियों से सुरक्षित रखने में मदद करते हैं।

जन्म के तुरंत बाद निकलने वाला गाढ़ा पीला दूध, जिसे कोलोस्ट्रम कहते हैं, इसे कभी भी फेंकना नहीं चाहिए। यह बच्चे की पहली वैक्सीन के समान कार्य करता है। इसमें विटामिन ए और इम्युनिटी बढ़ाने वाले तत्वों की भरपूर मात्रा होती है। इसलिए प्रयास करें कि बच्चे को जन्म के पहले घंटे के भीतर ही स्तनपान शुरू किया जाए।

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चे को पहले छह महीने तक केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। कई लोग मानते हैं कि गर्मी में बच्चे को पानी देना चाहिए, लेकिन ऐसा आवश्यक नहीं है। मां के दूध में पर्याप्त पानी होता है, जो बच्चे की प्यास को भी बुझा देता है और भूख को भी मिटा देता है।

ध्यान में रखने वाली बात यह है कि जब भी बच्चे को भूख लगे, उसे स्तनपान कराएं। कोई निश्चित समय बनाने की आवश्यकता नहीं होती। इसे डिमांड फीडिंग कहते हैं, जो बच्चे के लिए सर्वोत्तम होती है। इससे बच्चे का पेट भी भरा रहता है और दूध का उत्पादन भी सही बना रहता है।

स्तनपान करते समय बच्चे की सही पकड़ (अटैचमेंट) बहुत आवश्यक है। यदि बच्चा ठीक से स्तन नहीं पकड़ता, तो उसे पूरा दूध नहीं मिल पाता और मां को भी दर्द या परेशानी हो सकती है। इसलिए शुरुआत में थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी है, आवश्यकता पड़ने पर किसी डॉक्टर से सलाह लें।

कभी भी बच्चे को जन्म के बाद शहद, घुट्टी या कोई अन्य चीज (जिसे प्री-लैक्टियल फीड कहते हैं) नहीं देनी चाहिए। ये चीजें साफ-सुथरी नहीं होतीं और बच्चे को संक्रमण या दस्त जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

मां के लिए भी स्तनपान फायदेमंद है। इससे शरीर जल्दी रिकवरी करता है और गर्भाशय जल्दी सामान्य स्थिति में लौट आता है। इसके अतिरिक्त, यह प्राकृतिक रूप से कुछ समय तक अगली गर्भावस्था को भी टालने में मदद करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नवजात शिशुओं के लिए स्तनपान का महत्व अत्यधिक है। यह न केवल शिशु के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि मां के लिए भी इसके अनेक फायदे हैं। देश के सभी माता-पिता को इस विषय पर जागरूक होना चाहिए।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बच्चे को कब से स्तनपान शुरू करना चाहिए?
बच्चे को जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना चाहिए।
क्या नवजात को पानी देना चाहिए?
नहीं, पहले छह महीने तक बच्चे को केवल मां का दूध ही देना चाहिए।
स्तनपान करने का सही तरीका क्या है?
बच्चे की सही पकड़ (अटैचमेंट) सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है।
क्या बच्चे को जन्म के बाद कुछ और देना चाहिए?
नहीं, जन्म के बाद शहद या कोई अन्य चीज नहीं देनी चाहिए।
स्तनपान के फायदे क्या हैं?
स्तनपान से बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और यह मां के लिए भी फायदेमंद है।
राष्ट्र प्रेस
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