मंगोलिया में FMD का SAT-1 स्ट्रेन पहली बार, 1,230 से अधिक पशु मारे गए; दो प्रांत हाई अलर्ट पर
सारांश
मुख्य बातें
मंगोलिया के पश्चिमी प्रांत बायन-उलगी और खोव्द में फुट-एंड-माउथ डिजीज (FMD) का प्रकोप गंभीर रूप धारण कर चुका है, जिसके चलते 1,230 से अधिक पशुओं को मारा जा चुका है। देश की जनरल अथॉरिटी फॉर वेटरिनरी सर्विसेज (GAVS) ने मंगलवार, 10 जून को यह जानकारी दी। विशेष रूप से चिंताजनक यह है कि इस बार पहचाना गया SAT-1 स्ट्रेन मंगोलिया में पहले कभी नहीं देखा गया था।
मुख्य घटनाक्रम
GAVS के अनुसार, संक्रमण का स्रोत FMD वायरस का SAT-1 स्ट्रेन है, जिसे पहली बार मंगोलिया में दर्ज किया गया है। यह प्रकोप मई के अंत में पहली बार सामने आया था और तब से लगातार फैल रहा है। इसके अतिरिक्त, देश के 21 में से 6 अन्य प्रांतों में FMD वायरस के O स्ट्रेन की भी उपस्थिति दर्ज की गई है, जो वैश्विक स्तर पर इस रोग के अधिकांश मामलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
SAT-1 स्ट्रेन क्यों है खतरनाक
GAVS के अनुसार, SAT-1 स्ट्रेन अत्यधिक घातक माना जाता है। यह हवा, दूषित वाहनों और उपकरणों, मनुष्यों तथा जंगली जानवरों के माध्यम से तेज़ी से फैल सकता है। FMD मूलतः गाय, भेड़, बकरी और सूअर जैसे खुर वाले जानवरों को प्रभावित करता है और इसकी संक्रामकता असाधारण रूप से अधिक होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन पशुओं को वैक्सीनेशन नहीं मिली है, उन पर खतरा सबसे अधिक है।
पशुपालन अर्थव्यवस्था पर असर
मंगोलिया में पशुपालन अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और देश अपनी सदियों पुरानी घुमंतू जीवनशैली के लिए जाना जाता है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आँकड़ों के अनुसार, 2025 के अंत तक देश में लगभग 5.81 करोड़ पशुधन थे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.8 प्रतिशत अधिक है। यह प्रकोप ऐसे समय में आया है जब देश की पशु-संपदा रिकॉर्ड स्तर पर थी, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका और गहरी हो गई है।
सरकार की प्रतिक्रिया
खतरे की गंभीरता को देखते हुए बायन-उलगी और खोव्द प्रांतों को अनिश्चितकाल के लिए हाई अलर्ट पर रख दिया गया है। अधिकारियों ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि FMD अंतरराष्ट्रीय पशु व्यापार को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है, जिससे सीमावर्ती देशों के लिए भी यह चेतावनी है।
आगे क्या होगा
विशेषज्ञों के अनुसार, SAT-1 स्ट्रेन की नई पहचान और O स्ट्रेन का एक साथ 6 प्रांतों में फैलाव यह संकेत देता है कि प्रकोप और व्यापक हो सकता है। बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान और अंतरराष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य संगठनों के साथ समन्वय आने वाले हफ्तों में निर्णायक भूमिका निभाएगा।