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क्या रात भर भीगे हुए सूखे मेवों के सेवन से दोगुने फायदे होते हैं?

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क्या रात भर भीगे हुए सूखे मेवों के सेवन से दोगुने फायदे होते हैं?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि रातभर भिगोए गए सूखे मेवे आपके स्वास्थ्य के लिए कितने फायदेमंद होते हैं? जानें कि कैसे ये मेवे आपके शरीर को मजबूती और ऊर्जा प्रदान करते हैं।

मुख्य बातें

रातभर भिगोने से सूखे मेवों का पोषण बढ़ता है।
भीगे हुए बादाम से पाचन में आसानी होती है।
किशमिश भिगोने पर शरीर को ठंडक देती है।
अंजीर का सेवन दूध के साथ करने से ऊर्जा मिलती है।
मेथी के बीजों का सेवन ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है।

नई दिल्ली, 18 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। अपने शरीर को हमेशा चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए केवल आहार ही नहीं, बल्कि सूखे मेवों का सेवन भी आवश्यक है। सूखे मेवे न केवल शरीर की कोशिकाओं को पोषण प्रदान करते हैं, बल्कि मस्तिष्क और मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखते हैं।

कहा जाता है कि सूखे मेवों को रातभर भिगोकर खाना चाहिए। लेकिन ऐसा क्यों? आइए जानते हैं कि भिगोने से सूखे मेवों के सेवन से शरीर को क्या-क्या लाभ होते हैं और कौन से मेवे बिना भिगोए खाए जा सकते हैं।

बादाम का सेवन सभी के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसे भिगोकर खाना चाहिए। रातभर भिगोए जाने से बादाम में मौजूद फाइटिक एसिड कम हो जाते हैं, जो पोषण के अवशोषण में रुकावट डालते हैं। इससे पाचन आसान हो जाता है और बादाम का पूरा पोषण लाभ मिलता है।

किशमिश का सेवन भी रात को भिगोकर करना चाहिए। भीगी हुई किशमिश में सूखी किशमिश की तुलना में आयरन की मात्रा बढ़ जाती है, और ये पाचन में मदद करती हैं। सूखी किशमिश में तासीर गर्म होती है, लेकिन भिगोने के बाद ये शरीर को ठंडक प्रदान करती हैं।

अंजीर का सेवन भी भिगोकर करना चाहिए। सूखने पर अंजीर के रेशे कठोर हो जाते हैं, जिससे पाचन में कठिनाई होती है। भिगोने से अंजीर नरम हो जाती है और इससे कैल्शियम, पोटैशियम और अन्य मिनरल्स का अवशोषण बेहतर होता है। यदि इसे दूध के साथ लिया जाए, तो यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।

कुछ बीज जैसे मेथी और धनिए के बीजों को रातभर भिगोकर लेना चाहिए। मेथी के बीजों को भिगोने से इसका कड़वापन कम हो जाता है और पाचन सुगम होता है। मेथी का पानी या बीजों का सेवन ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में सहायक है।

असली के बीजों को भी भिगोकर खाना चाहिए। भिगोने से असली में मौजूद फाइटिक एसिड कम हो जाते हैं, जिससे पाचन में कोई समस्या नहीं होती। असली में प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन होते हैं, जो शरीर को कई बीमारियों से बचाते हैं। इसके अलावा, अखरोट, खसखस, काजू, पिस्ता और मगज के बीजों का सेवन बिना भिगोए भी किया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्वस्थ जीवन के लिए सही आहार आवश्यक है। सूखे मेवों का सेवन, विशेषकर भिगोकर, हमारे शरीर को बेहतर पोषण और ऊर्जा प्रदान करता है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सूखे मेवे भिगोने से उनका पोषण बढ़ता है?
हाँ, सूखे मेवे भिगोने से उनके पोषण तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है।
क्या सभी सूखे मेवे भिगोकर खाने चाहिए?
नहीं, कुछ मेवे जैसे अखरोट, काजू और पिस्ता बिना भिगोए भी खाए जा सकते हैं।
कौन से मेवे रातभर भिगोने पर लाभकारी होते हैं?
बादाम, किशमिश, अंजीर और मेथी के बीज रातभर भिगोकर खाने पर स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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