27 जून 2026
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क्या आप रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए ये आयुर्वेदिक उपाय अपनाना चाहेंगे?

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क्या आप रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए ये आयुर्वेदिक उपाय अपनाना चाहेंगे?

सारांश

आजकल की व्यस्त ज़िंदगी में स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना आम हो गया है। हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता घट रही है। जानें कैसे आयुर्वेदिक उपायों से इसे बढ़ाया जा सकता है।

मुख्य बातें

पर्याप्त पानी पीना आवश्यक है।
योग और प्राणायाम से स्वास्थ्य में सुधार होता है।
हल्दी और लहसुन से इम्युनिटी बढ़ती है।
च्यवनप्राश का सेवन फायदेमंद है।
ऑयल पुलिंग से मुंह स्वस्थ रहता है।

नई दिल्ली, 23 जून (राष्ट्र प्रेस)। आजकल की व्यस्त जीवनशैली में स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना आम बात बन गई है। हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता निरंतर घट रही है, जिससे शरीर बीमारियों का आश्रय बनता जा रहा है। रोगों से मुकाबला करने की शक्ति बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय काफी प्रभावी हैं, क्योंकि आयुर्वेद न केवल शरीर को बीमारियों से बचाता है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार लाता है।

आयुष मंत्रालय ने कुछ सरल उपायों के माध्यम से सेहतमंद रहने के तरीके साझा किए हैं। इसमें बताया गया है कि पूरे दिन पर्याप्त पानी पीना अत्यंत आवश्यक है। पानी न केवल प्यास बुझाता है, बल्कि शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है, पाचन में सुधार करता है, त्वचा को साफ रखता है और ऊर्जा को बनाए रखता है। दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और आप खुद को ताजगी महसूस करें। रोजाना कम से कम 30 मिनट योग, प्राणायाम और ध्यान करना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। यह शरीर को मजबूत बनाता है, मन को शांति प्रदान करता है और तनाव को कम करता है। योग से लचीलापन बढ़ता है, प्राणायाम से सांसों पर नियंत्रण बेहतर होता है और ध्यान से एकाग्रता में वृद्धि होती है। ये सभी उपाय मिलकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।

खाने में मसालों का उपयोग, जैसे कि हल्दी, जीरा, धनिया और लहसुन, स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होता है। ये न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ाते हैं। हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं और लहसुन इम्युनिटी को मजबूत बनाने में मदद करता है।

आयुर्वेदिक उपायों में आयुष मंत्रालय की सलाह है कि हर सुबह एक चम्मच च्यवनप्राश का सेवन करें, लेकिन यदि आप डायबिटीज के मरीज हैं तो शुगर-फ्री विकल्प चुनना न भूलें। दिन में एक-दो बार तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सूखी अदरक और मुनक्का वाला हर्बल काढ़ा बनाएं, और चाहें तो उसमें थोड़ा गुड़ या नींबू का रस डालकर स्वाद बढ़ा सकते हैं। रात को सोने से पहले हल्दी वाला गर्म दूध पीना भी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। यह शरीर को आराम देता है, नींद को बेहतर बनाता है और अंदरूनी ताकत को बढ़ाता है।

कुछ अन्य सरल देसी उपाय भी हैं, जैसे हर सुबह-शाम तिल या नारियल के तेल या घी की कुछ बूंदें नाक के दोनों छिद्रों में डालना चाहिए। इससे नाक की सफाई होती है और सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं से बचाव होता है। इसके अलावा, एक चम्मच नारियल या तिल का तेल मुंह में भरकर दो-तीन मिनट घुमाएं और फिर थूक दें और गर्म पानी से कुल्ला करें। इस प्रक्रिया को 'ऑयल पुलिंग' कहते हैं। इससे मुंह साफ रहता है, दांत मजबूत होते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। इसे रोजाना करना स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है। गले में खराश होने पर पुदीने या अजवाइन वाला पानी गर्म करके उसकी भाप लें। इन आयुर्वेदिक उपायों को नियमित रूप से अपनाने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को प्राकृतिक रूप से बढ़ाया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयुर्वेदिक उपाय क्या हैं?
आयुर्वेदिक उपाय प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और मसालों का उपयोग करके स्वास्थ्य को सुधारने के लिए होते हैं।
कौन से खाद्य पदार्थ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं?
हल्दी, लहसुन, तुलसी, दालचीनी जैसे खाद्य पदार्थ रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कितनी बार योग करना चाहिए?
रोजाना कम से कम 30 मिनट योग और प्राणायाम करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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