क्या सर्दियों में आटे में मिलाएं ये पांच पोषण भरी चीजें, स्वाद और सेहत दोनों के फायदे मिलेंगे?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 12 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। सर्दियों के मौसम में शरीर को अंदर से गर्म और मजबूत बनाए रखना अति आवश्यक है। इसके लिए हमें अपने खाने में कुछ परिवर्तन करने होंगे और कुछ चीजों को अपने आहार में शामिल करना होगा। रोटियां हर घर की थाली में होती हैं, लेकिन अगर इनमें कुछ विशेष प्राकृतिक तत्व मिलाए जाएं, तो ये सर्दियों में शरीर के लिए औषधि का कार्य करेंगी।
विज्ञान ने सिद्ध कर दिया है कि कुछ हर्ब्स और मसाले शरीर की गर्मी बनाए रखने, इम्यूनिटी को बढ़ाने और पाचन को बेहतर करने में मददगार होते हैं।
सोंठ पाउडर: सर्दियों में सोंठ का उपयोग शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में सहायक होता है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों के अनुसार, सोंठ में उपस्थित जिंजरोल और शोगोल जैसे तत्व शरीर में गर्मी उत्पन्न करते हैं और सर्दी-जुकाम से बचाते हैं। इसके एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं। यदि आप रोजाना के आटे में आधा या एक चम्मच सोंठ पाउडर मिलाते हैं, तो आपकी रोटियां स्वाद में मसालेदार होने के साथ-साथ शरीर को गर्म रखती हैं।
मेथी पाउडर: मेथी के बीजों में मौजूद सैपोनिन और फ्लेवोनॉयड्स शरीर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं। सर्दियों में जोड़ों का दर्द और गठिया की समस्या बढ़ जाती है, ऐसे में मेथी पाउडर वाला आटा लाभकारी हो सकता है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, मेथी रक्त शर्करा को नियंत्रित करने और पाचन को सुधारने में सहायक होती है। जब आप आटे में 1-2 चम्मच मेथी पाउडर मिलाते हैं, तो रोटियों का स्वाद थोड़ा कड़वा होता है, लेकिन यह कड़वाहट शरीर को गर्मी और ऊर्जा देती है।
अजवाइन पाउडर: सर्दियों में भारी भोजन करने से पेट फूलना और गैस की समस्या आम हो जाती है। ऐसे में अजवाइन एक प्राकृतिक समाधान है। अजवाइन में थाइमोल तत्व होता है, जो पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करता है और गैस, अपच जैसी समस्याओं से राहत देता है। वैज्ञानिक अनुसंधान बताते हैं कि अजवाइन पेट की मांसपेशियों को आराम देती है और भोजन के पाचन को सरल बनाती है। आटे में एक चम्मच अजवाइन पाउडर मिलाकर बनाई गई रोटियां पोषण से भरपूर होती हैं।
तिल पाउडर: तिल में मौजूद कैल्शियम, आयरन, जिंक और हेल्दी फैट्स शरीर को मजबूत बनाते हैं। वैज्ञानिक अध्ययनों में देखा गया है कि तिल में सेसमोलिन और सेसामोलिन जैसे तत्व होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करते हैं और हड्डियों के साथ-साथ त्वचा को भी स्वस्थ रखते हैं। सर्दियों में जब त्वचा रूखी हो जाती है, तब तिल से बनी रोटियां शरीर को अंदर से पोषण प्रदान करती हैं। आटे में 2-3 चम्मच तिल का पाउडर मिलाने से रोटियां सेहत के लिए लाभकारी होती हैं।