4.3 करोड़ अमेरिकी छात्र ऋण के बोझ तले: शिक्षा सचिव मैकमोहन का कांग्रेस में बड़ा खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी शिक्षा सचिव लिंडा मैकमोहन ने 15 मई 2025 को प्रतिनिधि सभा की शिक्षा और कार्यबल समिति के समक्ष स्वीकार किया कि अमेरिका में 4.3 करोड़ नागरिक कुल 1.7 ट्रिलियन डॉलर के छात्र ऋण के बोझ तले दबे हुए हैं। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से पेश होते हुए उन्होंने व्यापक उच्च शिक्षा सुधारों का बचाव किया और तर्क दिया कि असीमित संघीय ऋण व्यवस्था ने ही देशभर में कॉलेज फीस की बेतहाशा वृद्धि को बढ़ावा दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
मैकमोहन ने समिति के सामने कहा, 'हम पर 1.7 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज है और 4.3 करोड़ छात्र इससे प्रभावित हैं। कॉलेज की लागत कम करने के लिए हमें वास्तव में कुछ ठोस करना होगा।' उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से संघीय ऋण नीतियों ने विश्वविद्यालयों को बिना किसी जवाबदेही के मनमानी फीस वसूलने की छूट दे रखी थी।
सुनवाई जल्द ही स्नातकोत्तर छात्रों के लिए प्रस्तावित नई ऋण सीमाओं को लेकर तीखी बहस में बदल गई — विशेष रूप से नर्सिंग, शिक्षण और सामाजिक कार्य जैसे कार्यक्रमों पर। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका पहले से ही गंभीर स्वास्थ्यकर्मी कमी का सामना कर रहा है।
डेमोक्रेटिक आलोचना
कनेक्टिकट से प्रतिनिधि जो कर्टनी ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह उन्नत नर्सिंग शिक्षा को और महंगा बना रहा है, जबकि देश स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी झेल रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ स्नातकोत्तर नर्सिंग कार्यक्रम पहले ही नई संघीय ऋण सीमा से अधिक महंगे हैं।
मिनेसोटा से प्रतिनिधि इहान ओमर ने कहा कि नई ऋण सीमाएँ फीस सस्ती करने के बजाय छात्रों को महँगे निजी ऋण बाज़ार की ओर धकेलेंगी। उन्होंने मैकमोहन से तीखी बहस के दौरान सीधे कहा, 'आप अपना काम ठीक से नहीं कर रही हैं।' डेमोक्रेटिक नेताओं ने चेतावनी दी कि ये बदलाव कम आय वाले अमेरिकियों की उच्च शिक्षा तक पहुँच को कमज़ोर कर सकते हैं।
सरकार का पक्ष
मैकमोहन ने आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि सुधारों का उद्देश्य विश्वविद्यालयों पर फीस घटाने का दबाव बनाना है। उन्होंने बताया कि नए नियमों की घोषणा के बाद कुछ विश्वविद्यालयों ने स्नातकोत्तर कार्यक्रमों की फीस घटानी भी शुरू कर दी है।
समिति अध्यक्ष टिम वालबर्ग ने प्रशासन के प्रयासों की सराहना की और कहा कि पुनर्भुगतान कार्यक्रमों को सरल बनाया गया है तथा उधारकर्ताओं की जवाबदेही बहाल की गई है। उन्होंने इसे जो बाइडन काल की असफल ऋण माफी योजनाओं के बाद एक आवश्यक कदम बताया।
धोखाधड़ी पर कार्रवाई
मैकमोहन ने यह भी बताया कि प्रशासन ने संघीय छात्र सहायता प्रणाली में पहचान सत्यापन उपायों को मज़बूत किया है। अधिकारियों ने आईपी एड्रेस और डुप्लीकेट फोटो आईडी के ज़रिए संदिग्ध आवेदनों की पहचान कर 'घोस्ट स्टूडेंट्स' तथा एआई-जनित फर्जी आवेदनों सहित 1 अरब डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी वाली छात्र सहायता भुगतान को रोका है। नए एफएएफएसए (FAFSA) आवेदन को भी सरल बनाया गया है — जिसे अब कई दिनों के बजाय लगभग 35 मिनट में पूरा किया जा सकता है।
भारतीय छात्रों पर असर
गौरतलब है कि भारतीय छात्र अमेरिका में सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय छात्र समूहों में से एक हैं। संघीय ऋण नीतियों, स्नातकोत्तर कार्यक्रमों की वहनीयता और रोज़गार-केंद्रित शिक्षा सुधारों में बदलाव का अमेरिका में पेशेवर डिग्री हासिल करने वाले विदेशी छात्रों पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। आने वाले महीनों में प्रस्तावित नियमों के अंतिम रूप लेने के साथ यह बहस और तेज़ होने की संभावना है।