अमेरिका में 4.5 लाख लापता प्रवासी बच्चे: DHS सचिव मुलिन ने संसद में जताई गहरी चिंता, टास्क फोर्स गठित
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी गृह सुरक्षा सचिव मार्कवेन मुलिन ने 26 जून 2026 को हाउस एप्रोप्रिएशन सब-कमेटी के समक्ष गवाही देते हुए खुलासा किया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में प्रायोजकों (स्पॉन्सर्स) के पास भेजे गए 4.5 लाख प्रवासी बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि गृह सुरक्षा विभाग (DHS) इन बच्चों का पता लगाने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित कर रहा है और अब तक 1.47 लाख बच्चों की पहचान की जा चुकी है।
मुख्य घटनाक्रम
मुलिन ने सांसदों के सामने इस मुद्दे को DHS की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा, 'यह उन सबसे भयावह और विचलित करने वाले मामलों में से एक है, जिनसे हमें जूझना पड़ा है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि पता लगाए गए सभी बच्चे खतरे में नहीं थे — कुछ अपने परिजनों के साथ सुरक्षित मिले — लेकिन कई मामले अत्यंत गंभीर और चिंताजनक पाए गए।
मुलिन ने कहा, 'हमारा मिशन है कि सभी 4.5 लाख बच्चों का पता लगाया जाए। सबसे ज़्यादा पीड़ा इस बात की है कि यह पूरी स्थिति रोकी जा सकती थी — इसमें कोई दो राय नहीं।'
मानव तस्करी के भयावह मामले
जाँच के दौरान मानव तस्करी गिरोहों का खुलासा हुआ, जिनके चंगुल में फंसे बच्चों को गंभीर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ा। मुलिन ने एक मामले का उल्लेख किया जिसमें कई वयस्कों का एक गिरोह बच्चों को भूमिगत बंकर जैसी कालकोठरी में बंद करके रखे हुए था।
उन्होंने उन नाबालिग लड़कियों का भी जिक्र किया, जो कथित तौर पर तस्करों के कब्जे में पहुँचने के बाद बार-बार यौन शोषण का शिकार हुईं। मुलिन के अनुसार, 'इन घटनाओं की भयावहता इतनी ज़्यादा है कि किसी डरावनी कहानी की भी कल्पना इससे आगे नहीं जा सकती।' अधिकारियों ने यह भी नोट किया कि लड़के भी तस्करी का शिकार हो रहे हैं और बुजुर्गों का आपराधिक संगठनों द्वारा शोषण किया जा रहा है।
संसदीय बहस और राजनीतिक तनाव
सुनवाई के दौरान एरिजोना के सांसद जुआन सिस्कोमानी ने कहा कि यह मुद्दा पिछली सरकार के दौरान उनकी सबसे बड़ी चिंताओं में से एक रहा था। बाद में कनेक्टिकट की सांसद रोजा डेलाउरो के साथ तीखी बहस भी हुई, जिन्होंने ट्रंप सरकार के पहले कार्यकाल की फैमिली सेपरेशन पॉलिसी की आलोचना की। मुलिन ने पलटवार करते हुए कहा कि सांसदों को उन बच्चों पर भी ध्यान देना चाहिए जो पिछले प्रशासन के दौरान लापता हो गए। बातचीत इतनी तीखी हो गई कि कमेटी चेयरमैन को बार-बार दखल देना पड़ा।
व्यापक संदर्भ और पृष्ठभूमि
मानव तस्करी अमेरिकी संघीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए लंबे समय से एक गंभीर चुनौती रही है, विशेषकर मध्य अमेरिका, मेक्सिको और संयुक्त राज्य अमेरिका को जोड़ने वाले प्रवासन मार्गों पर। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी इमिग्रेशन नीति पर राजनीतिक ध्रुवीकरण चरम पर है। गौरतलब है कि प्रवासी बच्चों की भलाई, हिरासत प्रक्रियाएँ और सीमा प्रवर्तन, अमेरिकी इमिग्रेशन बहस के सबसे विवादित मुद्दे बने हुए हैं।
आगे की राह
DHS द्वारा गठित विशेष टास्क फोर्स शेष लापता बच्चों की तलाश जारी रखेगी। संघीय अधिकारी राज्य और स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर तस्करी नेटवर्क को तोड़ने और बच्चों को सुरक्षित बचाने के अभियान को और तेज करने की योजना पर काम कर रहे हैं। मुलिन के बयान के बाद यह मामला अमेरिकी संसद में आने वाले हफ्तों में और अधिक जाँच-पड़ताल का केंद्र बन सकता है।