एडम स्मिथ की माँग: ईरान युद्ध और लैटिन अमेरिका अभियानों पर पेंटागन की जवाबदेही तय हो
सारांश
मुख्य बातें
डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ सांसद और अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र सेवा समिति के शीर्ष डेमोक्रेटिक सदस्य एडम स्मिथ ने 5 नवंबर 2026 को वाशिंगटन में पेंटागन पर कड़ी निगरानी की माँग करते हुए 120वीं कांग्रेस के लिए अपनी पार्टी की निगरानी प्राथमिकताएँ सार्वजनिक कीं। स्मिथ ने ईरान संघर्ष, कैरेबियाई और लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अभियानों तथा निजी कंपनियों को दिए जा रहे रक्षा ठेकों को अपनी निगरानी सूची में सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है।
मुख्य माँगें और प्रस्तावित कदम
स्मिथ ने पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारियों की सार्वजनिक गवाही बढ़ाने और सशस्त्र सेवा समिति में निगरानी एवं जाँच के लिए एक समर्पित उपसमिति फिर से बहाल करने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा, "अगली कांग्रेस में रक्षा विभाग और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करना मेरी प्राथमिकता होगी।" गौरतलब है कि स्मिथ ने अपनी इस घोषणा में किसी विशेष रक्षा ठेके, कंपनी या हथियार कार्यक्रम का नाम नहीं लिया और न ही किसी औपचारिक जाँच या सुनवाई का कार्यक्रम घोषित किया है।
ईरान संघर्ष पर आलोचना
ईरान के साथ जारी संघर्ष को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए स्मिथ ने इसे 'अवैध युद्ध' करार दिया — हालाँकि यह उनकी राजनीतिक और कानूनी राय है और उन्होंने अपने बयान में इसके समर्थन में विस्तृत कानूनी विश्लेषण प्रस्तुत नहीं किया। आलोचकों का कहना है कि संसदीय अनुमोदन के बिना सैन्य अभियानों को लेकर अमेरिकी संविधान और युद्ध शक्ति अधिनियम के तहत गंभीर सवाल उठते हैं।
रक्षा ठेके और वित्तीय जवाबदेही
स्मिथ ने कहा, "सरकार की ओर से निजी कंपनियों को दिए जाने वाले ठेकों और वित्तीय सहायता की भी जाँच होनी चाहिए, ताकि सरकारी धन के इस्तेमाल में संभावित अनियमितताओं, धोखाधड़ी और दुरुपयोग का पता लगाया जा सके।" उन्होंने यह भी कहा कि नए हथियारों और सैन्य प्रणालियों में निवेश करते समय हालिया संघर्षों से मिले सबक को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और कम लागत में प्रभावी क्षमताओं के विकास पर ज़ोर होना चाहिए।
लैटिन अमेरिका, राजनीतिकरण और बजट पर रुख
स्मिथ ने कैरेबियाई क्षेत्र और लैटिन अमेरिका में कथित तौर पर अनधिकृत सैन्य हमलों, अमेरिकी शहरों में सैन्य तैनाती और सशस्त्र बलों के राजनीतिकरण को भी निगरानी के दायरे में रखने की बात कही। रक्षा बजट पर उनका स्पष्ट मत था: "राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक के रक्षा बजट की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए।" उन्होंने घरेलू कार्यक्रमों में भारी कटौती किए बिना रक्षा संसाधनों के बेहतर उपयोग की वकालत की।
सैन्य नियुक्तियों पर आरोप और आगे की राह
स्मिथ ने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन में सैन्य और नागरिक पदों पर नियुक्तियों के दौरान योग्यता के बजाय राजनीतिक निष्ठा को तरजीह दी जा रही है। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों, रक्षा विभाग के नागरिक कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बेहतर सुविधाओं और जीवन स्तर की भी माँग की, ताकि सेना में प्रतिभाशाली लोगों की भर्ती और उन्हें बनाए रखने में मदद मिले। स्मिथ की इन प्रस्तावित प्राथमिकताओं से संकेत मिलता है कि आने वाली कांग्रेस में ईरान संघर्ष और अमेरिकी रक्षा खर्च को लेकर प्रशासन तथा विपक्ष के बीच टकराव और तीखा होगा।