6 अगस्त 2026
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पाकिस्तान-ईरान से एक दिन में 2,292 अफगान नागरिक स्वदेश लौटे, 460 परिवारों का पुनर्वास शुरू

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पाकिस्तान-ईरान से एक दिन में 2,292 अफगान नागरिक स्वदेश लौटे, 460 परिवारों का पुनर्वास शुरू

सारांश

पाकिस्तान और ईरान से एक ही दिन में 2,292 अफगान नागरिक चार अलग-अलग सीमा चौकियों से स्वदेश लौटे। तालिबान प्रशासन ने 466 परिवारों को वित्तीय सहायता दी, लेकिन एमनेस्टी और यूएनएचसीआर की चेतावनियाँ बताती हैं कि यह वापसी स्वैच्छिक कम, मजबूरी अधिक है।

मुख्य बातें

6 अगस्त 2026 को पाकिस्तान और ईरान से 460 परिवारों के 2,292 अफगान नागरिक एक ही दिन में स्वदेश लौटे।
सर्वाधिक 1,947 लोग पाकिस्तान से लगी टोरखम सीमा के रास्ते अफगानिस्तान पहुँचे।
तालिबान प्रशासन ने 466 परिवारों को वित्तीय सहायता और 395 सिम कार्ड वितरित किए।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने 20 जून को अफगान शरणार्थियों के गैरकानूनी निष्कासन पर तत्काल रोक की माँग की थी।
यूएनएचसीआर और आईओएम ने वापसी सुरक्षित, स्वैच्छिक और सम्मानजनक तरीके से कराने की अपील की है।

पाकिस्तान और ईरान से 6 अगस्त 2026 को एक ही दिन में 460 अफगान परिवारों के 2,292 सदस्य अफगानिस्तान वापस लौटे। तालिबान के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर हाई कमीशन फॉर एड्रेसिंग रिटर्नीज इश्यूज की दैनिक रिपोर्ट साझा करते हुए यह जानकारी दी। यह वापसी ऐसे समय में हुई है जब अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन अफगान शरणार्थियों के जबरन निष्कासन पर गहरी चिंता जता रहे हैं।

किस सीमा से कितने लोग लौटे

फितरत के अनुसार, सर्वाधिक 1,947 लोग — यानी 372 परिवार — पाकिस्तान से लगी टोरखम सीमा के रास्ते अफगानिस्तान पहुँचे। स्पिन बोल्डक सीमा से 17 परिवारों के 85 सदस्य लौटे, जबकि ईरान से सटे निमरोज प्रांत के सिल्क ब्रिज क्रॉसिंग से 66 परिवारों के 239 लोग वापस आए। इसके अतिरिक्त इस्लाम काला सीमा के जरिए पाँच परिवारों के 21 सदस्य भी स्वदेश लौटे।

पुनर्वास और सहायता का ब्यौरा

लौटे हुए नागरिकों में से 398 परिवारों के 2,213 लोगों को अफगानिस्तान के विभिन्न प्रांतों में पुनर्वासित किया गया। तालिबान प्रशासन ने 466 परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की और 395 सिम कार्ड भी वितरित किए, ताकि लौटे हुए परिवार अपनों से संपर्क बनाए रख सकें।

मानवाधिकार संगठनों की चेतावनी

गौरतलब है कि 20 जून को एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफगान शरणार्थियों के गैरकानूनी निष्कासन पर तत्काल रोक लगाने की अपील की थी। संगठन ने कहा था कि मेजबान देशों में अफगान शरणार्थियों को मनमानी गिरफ्तारियों और परिवारों से बिछड़ने जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एमनेस्टी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा था, 'दुनियाभर से लाखों अफगान शरणार्थियों को निकाला जा रहा है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। मेजबान देशों में उन्हें मनमानी गिरफ्तारियों और परिवारों के बिछड़ने का सामना करना पड़ रहा है, जबकि वापसी के बाद वे गंभीर मानवीय संकट और मानवाधिकार उल्लंघनों से जूझ रहे हैं।'

संगठन ने यह भी माँग की कि अंतरराष्ट्रीय संरक्षण की आवश्यकता वाले अफगान नागरिकों की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत सुनिश्चित की जाए।

संयुक्त राष्ट्र की स्थिति

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) कई बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि अफगान शरणार्थियों की वापसी सुरक्षित, स्वैच्छिक और सम्मानजनक तरीके से होनी चाहिए। दोनों संगठनों ने लौटने वालों के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की भी अपील की है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब अफगानिस्तान में मानवीय संकट गहराता जा रहा है और लौटने वाले नागरिकों के लिए पर्याप्त संसाधनों की भारी कमी बनी हुई है।

आगे की स्थिति

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान और ईरान में अफगान शरणार्थियों पर बढ़ता दबाव आने वाले महीनों में वापसी की संख्या को और अधिक बढ़ा सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह अफगानिस्तान में पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए ठोस सहायता सुनिश्चित करे।

संपादकीय दृष्टिकोण

292 अफगानों की वापसी की संख्या प्रभावशाली लग सकती है, लेकिन असली सवाल यह है कि यह वापसी स्वैच्छिक है या दबाव में — और तालिबान के आँकड़े इस अंतर को स्पष्ट नहीं करते। एमनेस्टी और यूएनएचसीआर की चेतावनियाँ बताती हैं कि मेजबान देशों में जबरन निष्कासन की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जो अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी कानून का उल्लंघन है। अफगानिस्तान में जारी मानवीय संकट के बीच लौटने वालों के पुनर्वास की जिम्मेदारी केवल तालिबान प्रशासन पर नहीं छोड़ी जा सकती — अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निष्क्रियता इस संकट को और गहरा कर रही है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 अगस्त को पाकिस्तान-ईरान से कितने अफगान नागरिक वापस लौटे?
6 अगस्त 2026 को पाकिस्तान और ईरान से कुल 460 परिवारों के 2,292 अफगान नागरिक एक ही दिन में चार अलग-अलग सीमा चौकियों से अफगानिस्तान लौटे। यह जानकारी तालिबान के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने दी।
अफगान नागरिक किन सीमा चौकियों से लौटे?
वापसी चार सीमा चौकियों से हुई — टोरखम (1,947 लोग), स्पिन बोल्डक (85 लोग), निमरोज प्रांत का सिल्क ब्रिज क्रॉसिंग (239 लोग), और इस्लाम काला (21 लोग)। टोरखम सीमा से सर्वाधिक संख्या में लोग लौटे।
लौटे हुए अफगान परिवारों को क्या सहायता मिली?
तालिबान प्रशासन ने 466 परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की और 395 सिम कार्ड वितरित किए। इसके अलावा 398 परिवारों के 2,213 लोगों को अफगानिस्तान के विभिन्न प्रांतों में पुनर्वासित किया गया।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अफगान शरणार्थियों के बारे में क्या कहा है?
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने 20 जून को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफगान शरणार्थियों के गैरकानूनी निष्कासन पर तत्काल रोक लगाने की अपील की थी। संगठन ने कहा कि मेजबान देशों में शरणार्थियों को मनमानी गिरफ्तारियों और परिवारों से बिछड़ने का सामना करना पड़ रहा है, और वापसी के बाद भी वे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों से जूझ रहे हैं।
यूएनएचसीआर और आईओएम का अफगान शरणार्थियों की वापसी पर क्या रुख है?
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि अफगान शरणार्थियों की वापसी सुरक्षित, स्वैच्छिक और सम्मानजनक तरीके से होनी चाहिए। दोनों संगठनों ने लौटने वालों के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की भी अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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