ट्रंप की ईरान को दो-टूक: प्रस्ताव मानो तो युद्धविराम, नहीं तो और भीषण बमबारी
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 मई 2026 को स्पष्ट किया कि यदि ईरान उनकी पूर्व-निर्धारित शर्तें स्वीकार करता है तो दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम संभव है, लेकिन इनकार की स्थिति में वाशिंगटन पहले से कहीं अधिक तीव्र सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है। ट्रंप ने यह चेतावनी अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के ज़रिए दी।
ट्रंप की ट्रुथ सोशल पोस्ट में क्या कहा
ट्रंप ने लिखा कि यदि ईरान पूर्व-निर्धारित शर्तें मान लेता है तो अमेरिकी सैन्य अभियान 'एपिक फ्यूरी' पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नौसैनिक नाकेबंदी हटाकर सभी देशों के लिए खुला रखा जाएगा — जिसमें ईरान भी शामिल होगा। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है और अमेरिका-ईरान तनाव का केंद्रबिंदु रहा है।
ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' की पृष्ठभूमि
28 फरवरी 2026 को शुरू हुए ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' के तहत अमेरिका ने इज़राइल के साथ मिलकर तेहरान और ईरान के परमाणु कार्यक्रमों तथा सैन्य ठिकानों पर बमबारी की थी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रेस के सामने दावा किया कि इस ऑपरेशन के उद्देश्य हासिल हो चुके हैं, इसलिए इसे औपचारिक रूप से रोक दिया गया है। रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका ऐसे हालात दोबारा नहीं चाहता और शांति का रास्ता अपनाना चाहता है।
प्रोजेक्ट फ्रीडम और होर्मुज विवाद
ट्रंप की यह पोस्ट प्रोजेक्ट फ्रीडम पर लगी रोक के बाद सामने आई है। अमेरिका ने इस अभियान का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में फँसे वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित निकालना बताया था। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन में आयोजित प्रेस वार्ता में दावा किया था कि अमेरिका यह कदम मानवता की रक्षा के लिए उठा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज से गुज़रने वाले वैश्विक तेल व्यापार पर गहरा असर पड़ने की आशंका थी।
आगे क्या हो सकता है
ट्रंप की दोहरी रणनीति — एक तरफ शांति का प्रस्ताव, दूसरी तरफ और तीव्र बमबारी की चेतावनी — यह संकेत देती है कि वाशिंगटन कूटनीतिक दबाव और सैन्य ताकत दोनों का एक साथ इस्तेमाल कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के अनुसार, ईरान की प्रतिक्रिया अगले कुछ दिनों में क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा तय करेगी। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के भविष्य पर दुनिया की निगाहें टिकी हैं।