अमेरिका में खसरे के 35 साल के रिकॉर्ड मामले, NIH प्रमुख डॉ. भट्टाचार्य की माता-पिता से टीकाकरण की अपील
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) के डायरेक्टर डॉ. जय भट्टाचार्य ने 10 अगस्त 2026 को अमेरिकी माता-पिता से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को खसरे सहित सभी मानक टीके अवश्य लगवाएं, क्योंकि अमेरिका में पिछले 35 वर्षों में खसरे के सर्वाधिक मामले दर्ज किए गए हैं। सीबीएस न्यूज़ के कार्यक्रम 'फेस द नेशन' में बोलते हुए उन्होंने टीकाकरण को बच्चों को रोकी जा सकने वाली बीमारियों से बचाने का सबसे कारगर उपाय बताया।
मुख्य घटनाक्रम
डॉ. भट्टाचार्य, जो इस समय सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के नेतृत्व में भी सहयोग कर रहे हैं, ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'अपने बच्चों को खसरे से बचाने का सबसे अच्छा तरीका खसरे का टीका लगवाना है।' उन्होंने माता-पिता से खसरा, डिप्थीरिया, टेटनस और पर्टुसिस (काली खांसी) — यानी DTP — सहित बचपन के सभी मानक टीके लगवाने की सिफारिश की।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं अपने बच्चों को ये टीके लगवाए हैं। साथ ही उन्होंने परिवारों को संक्रमण के भय से बच्चों को स्कूल से दूर न रखने की सलाह दी: 'किसी भी स्थिति में बच्चों को स्कूल भेजना बेहतर है, क्योंकि इसी तरह आप उन्हें स्वस्थ रख सकते हैं।'
टीकाकरण की स्थिति और प्रभावित राज्य
कार्यक्रम की एंकर मार्गरेट ब्रेनन ने रेखांकित किया कि देश में केवल 10 राज्य ही उस 95 प्रतिशत टीकाकरण दर तक पहुँचे हैं जिसे बीमारी के सामुदायिक प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक माना जाता है। डॉ. भट्टाचार्य ने बताया कि साउथ कैरोलिना, टेक्सास, एरिजोना और यूटा में प्रकोप पर काबू पा लिया गया है और वर्जीनिया में मामले तेज़ी से घट रहे हैं। हालाँकि, पेंसिल्वेनिया में कुछ विशेष समुदायों में अभी भी जोखिम बना हुआ है।
सार्वजनिक भरोसे की चुनौती
NIH प्रमुख ने टीकाकरण दरों में गिरावट को आंशिक रूप से कोविड-19 महामारी के बाद सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थाओं पर घटे हुए जन-विश्वास से जोड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता इस विश्वास को पुनः स्थापित करना है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में वैक्सीन-संशयवाद को लेकर सार्वजनिक बहस तेज़ हो रही है।
टीके और ऑटिज्म विवाद
जब उनसे व्हाइट हाउस द्वारा टीकों और ऑटिज्म पर संभावित एग्जीक्यूटिव ऑर्डर तैयार किए जाने की रिपोर्टों के बारे में पूछा गया, तो डॉ. भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें उस आदेश की विशिष्ट सामग्री की जानकारी नहीं है और उनके अनुसार वह अभी अंतिम रूप नहीं ले पाया है। उन्होंने ब्रेनन से कहा, 'मुझे ठीक-ठीक नहीं पता कि इस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में क्या है और आपको भी नहीं पता।'
उन्होंने बताया कि NIH के वित्त-पोषण से चलने वाली एक दर्जन से अधिक शोध टीमें 'ऑटिज्म डेटा साइंस इनिशिएटिव' के अंतर्गत ऑटिज्म मामलों में वृद्धि के संभावित कारणों की जाँच कर रही हैं, और प्रारंभिक निष्कर्ष कुछ सप्ताहों में आने की उम्मीद है। एक वैज्ञानिक के रूप में उन्होंने स्वीकार किया, 'मुझे इस सवाल का जवाब नहीं पता कि ऑटिज्म के मामलों में यह बढ़ोतरी क्यों हुई है।'
आगे क्या होगा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि राष्ट्रीय टीकाकरण दर 95 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे बनी रही, तो खसरे के मामलों में और वृद्धि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। NIH और CDC मिलकर जन-जागरूकता अभियान तेज़ करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जबकि ऑटिज्म शोध के नतीजे आने के बाद नीतिगत दिशा और स्पष्ट होने की संभावना है।