8 अक्टूबर 2026
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अराघची का दावा: अमेरिका ने छुपाया युद्ध में 81 एयरक्राफ्ट के नष्ट होने का सच

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अराघची का दावा: अमेरिका ने छुपाया युद्ध में 81 एयरक्राफ्ट के नष्ट होने का सच

सारांश

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिकी कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में अमेरिका के 81 एयरक्राफ्ट नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए — और असली नुकसान इससे भी ज्यादा है। एक सीनेटर को बेस निरीक्षण से रोकना इस विवाद को और गहरा कर रहा है।

मुख्य बातें

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 8 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि अमेरिका ने युद्ध में हुए नुकसान के आंकड़े छुपाए हैं।
अमेरिकी कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में अमेरिका के 81 एयरक्राफ्ट नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए।
अराघची ने दावा किया कि मई में यह संख्या 42 बताई गई थी, जो अब बढ़कर 81 हो चुकी है।
डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी को कतर के अल उदीद एयर बेस के निरीक्षण की अनुमति नहीं दी गई।
अमेरिकी रक्षा विभाग और सेंटकॉम की ओर से इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 8 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में हुए वास्तविक सैन्य नुकसान के आंकड़े जनता से छुपाए हैं। अराघची ने दावा किया कि अमेरिकी सैनिकों की मौत और सैन्य संपत्तियों के नष्ट होने की असली संख्या सार्वजनिक रूप से स्वीकार किए गए आंकड़ों से 'कहीं ज्यादा' है।

अराघची का एक्स पोस्ट और कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस रिपोर्ट

अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) की एक पोस्ट शेयर करते हुए अपना दावा पेश किया। उन्होंने अमेरिकी संसद की अनुसंधान शाखा कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की एक रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसका शीर्षक था — "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अमेरिकी एयरक्राफ्ट का कॉम्बैट लॉस: कांग्रेस करे विचार।"

अराघची ने लिखा, "मई में, कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस ने माना था कि ईरान की सेना ने अमेरिका के 42 मिलिट्री एयरक्राफ्ट को नष्ट कर दिया था। अब यह संख्या 81 है।" उन्होंने कटाक्ष करते हुए यह भी कहा, "आप कुछ समय के लिए सभी लोगों को बेवकूफ बना सकते हैं।"

रिपोर्ट में क्या है

कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ शुरू हुए अमेरिकी सैन्य अभियान में 81 फिक्स्ड विंग और रोटरी विंग एयरक्राफ्ट — जिनमें बिना चालक दल के उड़ने वाले ड्रोन सिस्टम भी शामिल हैं — या तो नष्ट हो गए या क्षतिग्रस्त हो गए। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया कि यह आंकड़ा समाचार रिपोर्टों, अमेरिकी रक्षा विभाग, सेंटकॉम के बयानों और रक्षा विभाग के इंस्पेक्टर जनरल की जांच से जुटाया गया है, और इसमें बदलाव हो सकता है।

सीनेटर मर्फी का बेस निरीक्षण विवाद

अराघची का यह बयान कथित तौर पर डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी के सार्वजनिक दावे के संदर्भ में आया है। मर्फी ने हाल ही में खुलासा किया कि पेंटागन और सेंटकॉम ने उन्हें कतर स्थित अल उदीद एयर बेस का निरीक्षण करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। अराघची ने इसे ही अपनी बात का 'सबूत' बताया — कि अगर वास्तव में सब कुछ ठीक ठाक होता, तो एक वर्तमान सीनेटर को उस बेस का निरीक्षण करने की इजाजत क्यों नहीं मिलती?

भू राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि अमेरिका ईरान के बीच तनाव लंबे समय से चला आ रहा है, और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत शुरू हुआ यह सैन्य टकराव एक बड़े भू राजनीतिक संकट का हिस्सा है। अराघची के ये दावे ऐसे समय में आए हैं जब अमेरिकी कांग्रेस के भीतर भी इस युद्ध के आंकड़ों और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय मीडिया और अमेरिकी विपक्ष दोनों सेंटकॉम की सूचना पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अराघची के बयान को ईरान की आधिकारिक स्थिति के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

आगे क्या होगा

अमेरिकी रक्षा विभाग या सेंटकॉम की ओर से अराघची के इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सीनेटर मर्फी की बेस निरीक्षण की माँग और कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट अमेरिकी संसद में इस मुद्दे को और गरमाने की संभावना रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसे खारिज करना मुश्किल बनाता है। असली सवाल यह है कि जब एक वर्तमान अमेरिकी सीनेटर को सैन्य बेस का निरीक्षण करने से रोका जाता है, तो पारदर्शिता के दावे कितने खोखले लगते हैं। 42 से बढ़कर 81 एयरक्राफ्ट का आंकड़ा — महज कुछ महीनों में — यह संकेत देता है कि जानकारी का प्रवाह नियंत्रित और चुनिंदा रहा है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि यह विवाद अब केवल ईरान बनाम अमेरिका नहीं रहा — यह अमेरिकी कार्यपालिका बनाम अमेरिकी विधायिका की जवाबदेही की लड़ाई भी बन गई है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अराघची ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाए?
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में हुए सैन्य नुकसान के आंकड़े जनता से छुपाए हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट के अनुसार 81 एयरक्राफ्ट नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए, जबकि असली संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है।
कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
रिपोर्ट का शीर्षक 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अमेरिकी एयरक्राफ्ट का कॉम्बैट लॉस: कांग्रेस करे विचार' है। इसमें बताया गया है कि 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान में 81 फिक्स्ड विंग और रोटरी विंग एयरक्राफ्ट (ड्रोन सहित) नष्ट हो गए या क्षतिग्रस्त हो गए, और यह आंकड़ा बदल भी सकता है।
सीनेटर क्रिस मर्फी का इस विवाद से क्या संबंध है?
डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी ने सार्वजनिक रूप से कहा कि पेंटागन और सेंटकॉम ने उन्हें कतर स्थित अल उदीद एयर बेस का निरीक्षण करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। अराघची ने इसी को अपने दावे का 'सबूत' बताते हुए कहा कि अगर सब ठीक होता, तो निरीक्षण से क्यों रोका जाता।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी क्या है?
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ चलाया गया सैन्य अभियान है, जो कथित तौर पर 28 फरवरी से शुरू हुआ। इस अभियान के दौरान हुए नुकसान के आंकड़ों को लेकर अमेरिकी संसद और ईरान दोनों की ओर से पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
अमेरिका ने अराघची के दावों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
अभी तक अमेरिकी रक्षा विभाग या सेंटकॉम की ओर से अराघची के इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह विवाद अमेरिकी कांग्रेस में इस मुद्दे को और उठाए जाने की संभावना बढ़ाता है।
राष्ट्र प्रेस
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