20 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूएई में पाकिस्तानियों से भेदभाव: असद कैसर ने संसद में उठाया मुद्दा, भारत-अमेरिका को तरजीह का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूएई में पाकिस्तानियों से भेदभाव: असद कैसर ने संसद में उठाया मुद्दा, भारत-अमेरिका को तरजीह का आरोप

सारांश

पाकिस्तान के पूर्व नेशनल असेंबली अध्यक्ष असद कैसर ने संसद में खुलासा किया कि यूएई में फ्लाइट रद्द होने पर पाकिस्तानी यात्रियों को होटल से वंचित रखा गया, जबकि भारतीय और अमेरिकी नागरिकों को प्राथमिकता मिली। स्पीकर ने मामले को यूएई के समक्ष उठाने का निर्देश दिया।

मुख्य बातें

पाकिस्तान के पूर्व नेशनल असेंबली अध्यक्ष असद कैसर ने 18 अगस्त 2026 को संसद में यूएई में पाकिस्तानियों से भेदभाव का मुद्दा उठाया।
कैसर के अनुसार, फ्लाइट रद्द होने पर भारतीय और अमेरिकी पासपोर्ट धारकों को होटल दिया गया, पाकिस्तानी यात्रियों को नहीं।
यूएई के GCAA के नियमों के अनुसार, पासपोर्ट के आधार पर अलग सुविधा देने का कोई प्रावधान नहीं है।
यूएई में लगभग 18 लाख पाकिस्तानी निवास करते हैं, जो निर्माण, परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में कार्यरत हैं।
नेशनल असेंबली के स्पीकर ने मामले को यूएई के सामने गंभीरता से उठाने का निर्देश दिया।

पाकिस्तान के नेशनल असेंबली के पूर्व अध्यक्ष असद कैसर ने 18 अगस्त 2026 को संसद में यह गंभीर मुद्दा उठाया कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में पाकिस्तानी नागरिकों के साथ भारतीय और अमेरिकी नागरिकों की तुलना में दोयम दर्जे का व्यवहार किया गया। फ्लाइट रद्द होने की स्थिति में होटल और ठहरने की सुविधा से पाकिस्तानी यात्रियों को कथित तौर पर वंचित रखा गया, जबकि भारतीय और अमेरिकी पासपोर्ट धारकों को प्राथमिकता दी गई।

संसद में क्या कहा असद कैसर ने

कैसर ने संसद सत्र में कहा, 'जंग शुरू हुई तो हमारे लोगों के साथ सुलूक अच्छा नहीं हुआ। मैंने महसूस किया रवैया मुनासिब नहीं था।' उन्होंने आगे बताया कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद भारतीय और अमेरिकी नागरिकों को होटल में कमरे दिए गए, जबकि पाकिस्तानी यात्रियों को ठहरने की कोई सुविधा नहीं मिली। उन्होंने कहा, 'अनाउंसमेंट हो रही थी कि सिर्फ भारत और अमेरिका के पासपोर्ट वालों को ही जगह मिलेगी।'

डिप्लोमैटिक चैनल से कार्रवाई की माँग

कैसर ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से आग्रह किया कि वह इस मामले को यूएई के समक्ष औपचारिक रूप से उठाए। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि हमारे पास डिप्लोमैटिक चैनल हैं; उन्हें यह मामला उठाना चाहिए।' कैसर ने यह भी उल्लेख किया कि एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मिलकर इसी प्रकार के अनुभव साझा किए। उन्होंने अमेरिका-ईरान तनाव के दौरान पाकिस्तान की सकारात्मक भूमिका का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तानी नागरिक यूएई सरकार का सम्मान करते हैं, लेकिन उनके साथ हुआ व्यवहार 'इंसानियत के लिहाज से सही नहीं है।'

नेशनल असेंबली स्पीकर का संज्ञान

कैसर के बयान पर नेशनल असेंबली के स्पीकर ने संज्ञान लिया और निर्देश दिया कि इस मुद्दे को यूएई के सामने पूरी गंभीरता के साथ उठाया जाए। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान और यूएई के बीच आर्थिक और श्रम-संबंधी रिश्ते बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

यूएई में पाकिस्तानी प्रवासी और नियम की वास्तविकता

यूएई में लगभग 18 लाख पाकिस्तानी निवास करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या निर्माण, परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में कार्यरत है। गौरतलब है कि यूएई के जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (GCAA) के पैसेंजर वेलफेयर प्रोग्राम के अनुसार, फ्लाइट रद्द या लंबे समय तक विलंब होने पर सभी यात्रियों को होटल, भोजन और अन्य सुविधाएँ दी जानी चाहिए। किसी यात्री के पासपोर्ट के आधार पर अलग-अलग सुविधा देने का कोई प्रावधान नहीं है — जिससे कैसर के आरोप और अधिक गंभीर हो जाते हैं।

आगे क्या होगा

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय पर अब दबाव है कि वह इस मामले को यूएई के साथ द्विपक्षीय स्तर पर उठाए। यदि ये आरोप सत्यापित होते हैं, तो यह यूएई के अपने ही नागरिक उड्डयन नियमों के उल्लंघन का मामला बन सकता है। पाकिस्तानी प्रवासी समुदाय की बड़ी संख्या को देखते हुए यह मुद्दा दोनों देशों के श्रम और राजनयिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी यदि ये घटनाएँ सत्य हैं तो सवाल उठता है कि पाकिस्तानी दूतावास उस वक्त कहाँ था। 18 लाख पाकिस्तानी श्रमिकों की रेमिटेंस पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए जीवनरेखा है, लेकिन इस निर्भरता के बावजूद पाकिस्तान यूएई के साथ बराबरी के स्तर पर बात करने की स्थिति में नहीं दिखता — यही असंतुलन इस पूरे प्रकरण की असली त्रासदी है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असद कैसर ने यूएई के बारे में संसद में क्या कहा?
पूर्व नेशनल असेंबली अध्यक्ष असद कैसर ने 18 अगस्त 2026 को संसद में आरोप लगाया कि यूएई में फ्लाइट रद्द होने पर पाकिस्तानी यात्रियों को होटल सुविधा नहीं दी गई, जबकि भारतीय और अमेरिकी पासपोर्ट धारकों को प्राथमिकता मिली। उन्होंने इसे 'इंसानियत के लिहाज से सही नहीं' बताया।
यूएई में फ्लाइट रद्द होने पर यात्रियों के लिए क्या नियम हैं?
यूएई के जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (GCAA) के पैसेंजर वेलफेयर प्रोग्राम के तहत फ्लाइट रद्द या लंबे समय तक विलंब होने पर सभी यात्रियों को होटल, भोजन और अन्य सुविधाएँ दी जानी चाहिए। किसी भी देश के पासपोर्ट के आधार पर अलग-अलग सुविधा देने का कोई नियम नहीं है।
यूएई में कितने पाकिस्तानी रहते हैं?
यूएई में लगभग 18 लाख पाकिस्तानी नागरिक निवास करते हैं। इनमें बड़ी संख्या निर्माण, परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में कार्यरत है, और इनकी रेमिटेंस पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
पाकिस्तान सरकार इस मामले में क्या कदम उठाएगी?
नेशनल असेंबली के स्पीकर ने निर्देश दिया है कि यह मुद्दा यूएई के सामने पूरी गंभीरता से उठाया जाए। कैसर ने विदेश मंत्रालय और विदेश विभाग से माँग की है कि डिप्लोमैटिक चैनल के माध्यम से इस मामले को औपचारिक रूप से उठाया जाए।
क्या यह पाकिस्तान-यूएई संबंधों पर असर डालेगा?
यदि ये आरोप सत्यापित होते हैं, तो यह यूएई के अपने ही नागरिक उड्डयन नियमों के उल्लंघन का मामला बन सकता है। पाकिस्तान और यूएई के बीच श्रम और आर्थिक संबंध गहरे हैं, इसलिए यह मुद्दा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले