ऑस्ट्रेलिया में बढ़ता सामाजिक विभाजन: 74.4% नागरिकों ने माना, देश पिछले 12 महीनों में और बंटा
सारांश
मुख्य बातें
स्वतंत्र थिंक टैंक मैकिनॉन के एक नए सर्वेक्षण के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में राजनीतिक और सामाजिक विभाजन की खाई तेज़ी से गहरी होती जा रही है — करीब 74.4 प्रतिशत नागरिकों ने स्वीकार किया कि उनका देश पिछले 12 महीनों में पहले की तुलना में अधिक बंट गया है। इस सर्वे में देश के प्रति असंतोष और संस्थाओं पर घटते भरोसे की व्यापक तस्वीर उभरकर सामने आई है।
सर्वेक्षण के मुख्य निष्कर्ष
सर्वेक्षण में 41.9 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने पूरी तरह सहमति जताई कि ऑस्ट्रेलिया पिछले एक वर्ष में अधिक विभाजित हुआ है, जबकि 32.5 प्रतिशत ने आंशिक सहमति व्यक्त की। इस प्रकार कुल मिलाकर तीन-चौथाई से अधिक लोग देश में बढ़ते विभाजन को महसूस कर रहे हैं।
यह सर्वे जून और जुलाई 2026 के बीच आयोजित किया गया, जिसमें 4,000 से अधिक ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों से देश की राजनीतिक व्यवस्था, नेताओं और संस्थाओं के बारे में उनके विचार जाने गए।
देश की दिशा पर घटती संतुष्टि
देश जिस राह पर चल रहा है, उससे संतुष्ट नागरिकों की संख्या में भी उल्लेखनीय कमी आई है। वर्ष 2025 में 28.8 प्रतिशत लोगों ने खुद को बहुत या कुछ हद तक संतुष्ट बताया था, जो 2026 में घटकर 26.1 प्रतिशत रह गया। इसके विपरीत, देश की दिशा को लेकर पूरी तरह असंतुष्ट लोगों की संख्या में 7.2 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्ज की गई — जो सामाजिक मोहभंग का स्पष्ट संकेत है।
नेताओं और राजनीतिक दलों पर भरोसे में गिरावट
संघीय नेताओं पर पूरा भरोसा रखने वालों का अनुपात 2025 के 35.9 प्रतिशत से घटकर 2026 में 30.5 प्रतिशत रह गया। राजनीतिक दलों पर पूर्ण विश्वास जताने वालों की संख्या भी 31.2 प्रतिशत से घटकर 24.4 प्रतिशत पर आ गई।
संघीय सरकार पर कम भरोसा रखने वाले नागरिकों की हिस्सेदारी 2025 के 46.3 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 52.8 प्रतिशत हो गई — यानी अब बहुमत नागरिक केंद्र सरकार को अविश्वास की नज़र से देखते हैं।
प्रतिनिधित्व की भावना में भी कमी
जब नागरिकों से पूछा गया कि क्या संघीय राजनेता उनकी बात सुनते और उनका प्रतिनिधित्व करते हैं, तो 34.6 प्रतिशत ने इससे पूरी तरह असहमति जताई — जो 2025 में 27 प्रतिशत था। यह अंतर दर्शाता है कि आम नागरिक और राजनीतिक नेतृत्व के बीच की दूरी तेज़ी से बढ़ रही है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
मैकिनॉन के अंतरिम कार्यकारी अध्यक्ष और विक्टोरिया राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री जॉन थ्वेट्स ने कहा, 'ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों का लोकतंत्र की संस्थाओं पर भरोसा उस राजनीति के मुकाबले कहीं अधिक है, जो इन संस्थाओं के भीतर संचालित होती है।'
थ्वेट्स ने शिक्षा के आधार पर उभरती खाई को भी रेखांकित किया। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय की डिग्री या उससे अधिक शिक्षा प्राप्त लोगों में लोकतंत्र से संतुष्टि का स्तर 59 प्रतिशत है, जबकि हाईस्कूल या उससे कम शिक्षा वाले नागरिकों में यह केवल 39.7 प्रतिशत है। यह शैक्षिक-राजनीतिक विभाजन कई पश्चिमी लोकतंत्रों में देखे जा रहे व्यापक रुझान से मेल खाता है।
गौरतलब है कि यह सर्वे ऐसे समय में आया है जब अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस सहित कई पश्चिमी देश भी राजनीतिक ध्रुवीकरण और संस्थागत अविश्वास की समस्या से जूझ रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के ये आँकड़े उस वैश्विक प्रवृत्ति का हिस्सा प्रतीत होते हैं जिसमें लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास लगातार क्षीण होता जा रहा है।