बांग्लादेश में खसरे से 500 से अधिक मौतें, अवामी लीग का आरोप — यूनुस सरकार की लापरवाही ने बढ़ाया संकट
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप गंभीर रूप ले चुका है और अब तक 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अवामी लीग ने 25 मई 2026 को आरोप लगाया कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पूर्व अंतरिम सरकार की नीतिगत विफलताओं और जानबूझकर की गई लापरवाही ने इस स्वास्थ्य संकट को जन्म दिया। पार्टी के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने पहले ही इस खतरे की चेतावनी दी थी, जिसे सरकार ने नजरअंदाज किया।
वैक्सीन खरीद में बदलाव से कैसे बढ़ा संकट
रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेश सरकार वर्षों से यूनिसेफ के माध्यम से सीधी खरीद (डायरेक्ट प्रोक्योरमेंट) के जरिए टीके खरीदती थी। लेकिन पूर्व अंतरिम सरकार ने इस व्यवस्था को बदलकर खरीद को यूनिसेफ और ओपन टेंडर प्रक्रिया के बीच विभाजित करने का निर्णय लिया। इस बदलाव से वैक्सीन की आपूर्ति में देरी हुई और नियमित टीकाकरण कार्यक्रम बाधित हो गए।
यूनिसेफ ने इस कदम का कड़ा विरोध करते हुए बार-बार लिखित में और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठकों में चेतावनी दी थी कि इससे टीकाकरण प्रणाली में गंभीर व्यवधान आ सकता है। बांग्लादेश में एजेंसी की प्रतिनिधि राणा फ्लावर्स ने इसे 'बहुत निराशाजनक' बताया।
अवामी लीग के आरोप
अवामी लीग ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी पहले ही आगाह किया था कि बदली हुई खरीद प्रणाली से वैक्सीन की डिलीवरी में देरी होगी और बड़े पैमाने पर खसरा फैलेगा। पार्टी के अनुसार, 'उन चेतावनियों के बावजूद यूनुस सरकार ने उन्हें नजरअंदाज किया। नौकरशाही अड़चनों की वजह से टेंडर प्रक्रिया रुक गई, वैक्सीन का भंडार समाप्त हो गया और नियमित टीकाकरण कार्यक्रम ठप हो गए।'
बांग्लादेश भ्रष्टाचार विरोधी आयोग में दर्ज शिकायतों और मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए अवामी लीग ने यह भी दावा किया कि वैक्सीन और सिरिंज की खरीद में 'गबन और गड़बड़ियों' के आरोप सामने आए हैं। पार्टी ने कहा कि यह केवल अक्षमता नहीं, बल्कि एक सुनियोजित अपराध है।
व्यापार समझौते पर भी उठाए सवाल
अवामी लीग ने आरोप लगाया कि यूनुस सरकार ने सत्ता के अंतिम दिनों में अमेरिका के साथ 'पारस्परिक व्यापार समझौता' (ART) पर हस्ताक्षर किए। पार्टी के अनुसार, इस समझौते की समीक्षा से पता चला कि इसे बांग्लादेश के राष्ट्रीय हितों की अनदेखी करके साइन किया गया। इसकी समय-सीमा और भी संदिग्ध है — यह समझौता फरवरी 2026 में होने वाले चुनाव से ठीक तीन दिन पहले हस्ताक्षरित किया गया था।
संसद पर भी निशाना
अवामी लीग ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान राष्ट्रीय संसद में कई ऐसे सांसद हैं जिन्होंने कथित तौर पर 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तान का साथ दिया था। पार्टी का कहना है कि इन सदस्यों की प्राथमिकता बांग्लादेश की जनता की सुरक्षा नहीं, बल्कि पाकिस्तान के हितों की रक्षा करना है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में सामने आया है जब बांग्लादेश में राजनीतिक संक्रमण काल चल रहा है और स्वास्थ्य ढाँचे पर दबाव बढ़ रहा है। अवामी लीग के इन आरोपों पर यूनुस सरकार या वर्तमान प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि टीकाकरण कार्यक्रम को पुनः पटरी पर लाना अब सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।