बहरीन की प्रमुख सरकारी तेल कंपनी पर हमले का असर, सप्लाई में संकट
सारांश
Key Takeaways
- बापको एनर्जीज ने 'फोर्स मेज्योर' की घोषणा की है।
- ईरानी ड्रोन हमले के कारण स्थानीय बाजार में स्थिति बिगड़ सकती है।
- कंपनी की गतिविधियाँ अप्रत्याशित घटनाओं से प्रभावित हो सकती हैं।
- मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति बढ़ रही है।
- फोर्स मेज्योर का कानूनी प्रावधान महत्वपूर्ण है।
मनामा, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बहरीन की सरकारी तेल कंपनी बापको एनर्जीज ने अपनी गतिविधियों पर 'फोर्स मेज्योर' की घोषणा की है। इसका अर्थ है कि अगर किसी कारणवश तेल की सप्लाई में बाधा आती है, तो कंपनी उसकी जिम्मेदारी नहीं लेगी क्योंकि परिस्थितियां उसके नियंत्रण से बाहर हैं।
यह निर्णय तब लिया गया जब देश की प्रमुख तेल रिफाइनरी से घना धुआं उठता हुआ देखा गया। इससे पहले सरकार ने सूचित किया था कि सित्रा क्षेत्र में ईरानी ड्रोन हमले के कारण कुछ लोग घायल हुए हैं और संपत्ति को मामूली नुकसान हुआ है।
बापको एनर्जीज बहरीन की मुख्य तेल रिफाइनरी का संचालन करती है और यह देश के ऊर्जा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।
बहरीन न्यूज एजेंसी ने एक पोस्ट में कहा, "कंपनी ने स्पष्ट किया कि स्थानीय बाजार की सभी आवश्यकताएँ मौजूदा योजना के अनुसार पूरी हो रही हैं, जिससे सप्लाई सुचारू है। बापको एनर्जीज अपने सभी हितधारकों के साथ महत्वपूर्ण रिश्तों को बनाए रखने और उन्हें अद्यतन रखने का प्रयास करती है।"
यूएस-इजरायल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष को एक हफ्ते से अधिक हो चुका है और इनकी लड़ाई का प्रभाव पूरे मध्य पूर्व में दिख रहा है। अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों के जवाब में ईरान मध्य पूर्व में स्थापित उनके ठिकानों पर हमला कर रहा है।
'फोर्स मेज्योर' (अप्रत्याशित घटना) के तहत कंपनी को अपने अनुबंध में निर्धारित दायित्वों को अस्थायी रूप से निलंबित या रद्द करने का अधिकार होता है। यह एक कानूनी प्रावधान है जो तब लागू होता है जब कंपनी के नियंत्रण से परे असाधारण घटनाएँ होती हैं, जो उसे अपने दायित्वों को पूरा करने से रोकती हैं। इसके अंतर्गत कंपनी को बाद में किसी प्रकार का हर्जाना नहीं देना पड़ता।
7-8 मार्च की दरमियानी रात ईरान की राजधानी तेहरान में तेल ठिकानों पर जबरदस्त हमले किए गए थे। इसमें आग लगी और पूरा तेहरान धू-धू कर जल उठा। कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए गए, जिसमें शहर जलता हुआ दिखा।
इसके बाद ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बघाई ने कहा कि ईरान के ऊर्जा अवसंरचना स्थलों पर यूएस-इजरायल की हवाई बमबारी एक "खतरनाक दौर" की निशानी है और इसे युद्ध अपराध माना जाना चाहिए।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ईंधन डिपो को निशाना बनाकर, हमलावर हवा में खतरनाक और जहरीले तत्व छोड़ रहे हैं, जो आम लोगों को प्रभावित कर रहे हैं, पर्यावरण को नष्ट कर रहे हैं और बड़े पैमाने पर मानवता को खतरे में डाल रहे हैं।"
बघाई ने आगे कहा कि यह पर्यावरण और मानवता के लिए विनाशकारी परिणाम सिर्फ ईरान की सीमाओं तक सीमित नहीं रहेंगे। ये हमले मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार के समान हैं।