बलूच लड़ाकों का बलूचिस्तान-सिंध में पाक सेना पर हमला, 4 सैन्यकर्मी ढेर; बिजली टावर भी उड़ाए
सारांश
मुख्य बातें
बलूच लड़ाकों ने 13 अगस्त को दावा किया कि उन्होंने बलूचिस्तान और सिंध में पाकिस्तानी सेना के कई अहम ठिकानों पर समन्वित हमले किए, जिनमें चार पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय मीडिया ने हथियारबंद समूहों के हवाले से इन हमलों की पुष्टि की है, हालाँकि पाकिस्तानी सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
बोलान में चेकपोस्ट पर रिमोट-संचालित विस्फोट
यूनाइटेड बलूच आर्मी (UBA) के प्रवक्ता मजार बलूच ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि संगठन के लड़ाकों ने सोमवार को बलूचिस्तान के बोलान इलाके में दरज बीट स्थित एक पाकिस्तानी सैन्य चेकपोस्ट पर रिमोट-संचालित विस्फोटक से हमला किया। इस हमले में चार सैन्यकर्मी मारे गए जबकि एक गंभीर रूप से घायल हुआ।
मजार बलूच के अनुसार, UBA के लड़ाके दरज बीट और पंजरा ब्रिज चेकपोस्ट के बीच सेना की आवाजाही पर पहले से नज़र रख रहे थे और काफिलों व जवानों की गतिविधियों की जानकारी एकत्र कर रहे थे।
नसीराबाद में 220 केवी बिजली टावर ध्वस्त
बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) के प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने — जिनका हवाला 'द बलूचिस्तान पोस्ट' ने दिया — बताया कि उनके लड़ाकों ने मंगलवार रात बलूचिस्तान के नसीराबाद ज़िले में चत्तर के पास दो 220 केवी बिजली टावरों पर विस्फोटक लगाकर उन्हें भारी नुकसान पहुँचाया। यह हमला क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को निशाना बनाने की कथित रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।
कच्छी ज़िले में कृषि कार्यालय पर हमला
BRG ने यह भी दावा किया कि 9 अगस्त को उनके लड़ाकों ने बलूचिस्तान के कच्छी ज़िले के धादर इलाके में एक कृषि कार्यालय को विस्फोट से उड़ा दिया, जिससे इमारत को काफी नुकसान पहुँचा। समूह का आरोप है कि इस कार्यालय का उपयोग बलूचिस्तान में कृषि क्षेत्र को कमज़ोर करने की योजनाओं के लिए किया जा रहा था — हालाँकि इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
BLA का 38 हमलों का दावा
गौरतलब है कि इसी सप्ताह बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाकर किए गए 38 हमलों की जिम्मेदारी ली थी। संगठन के अनुसार, इस अभियान में 32 सैन्यकर्मी और उनके सहयोगी मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए। यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में सशस्त्र गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है और पाकिस्तान सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है।
व्यापक संदर्भ
बलूचिस्तान में दशकों से चला आ रहा यह संघर्ष पाकिस्तान के लिए एक संवेदनशील आंतरिक मुद्दा रहा है। विभिन्न बलूच सशस्त्र समूह कथित तौर पर राज्य द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और मानवाधिकार उल्लंघनों का विरोध करते हुए सक्रिय हैं। पाकिस्तानी सेना इन समूहों को आतंकवादी संगठन घोषित करती है। हमलों की आवृत्ति में वृद्धि और बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाने की रणनीति इस संघर्ष के नए आयाम को रेखांकित करती है।