बलूचिस्तान में बलूच लड़ाकों के समन्वित हमले, 200 से अधिक वाहन फूंके; पाक सुरक्षाबलों को नुकसान
सारांश
मुख्य बातें
बलूचिस्तान के कई जिलों में 27 जुलाई 2026 को सशस्त्र बलूच लड़ाकों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों पर एक के बाद एक सुनियोजित हमले किए, जिनमें कई सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ये हमले बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा घोषित कथित 'आर्थिक नाकेबंदी' के बीच हुए, जिसके तहत बलूचिस्तान के प्रमुख राजमार्गों पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
चागई जिले के नोकचाह इलाके में लड़ाकों ने खनिज सामग्री ले जा रहे वाहनों के काफिले पर गोलीबारी की। इसके बाद कई वाहनों पर कब्जा कर उन्हें आग के हवाले कर दिया गया। 'द बलूचिस्तान पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस 'आर्थिक नाकेबंदी' के दौरान अब तक 200 से अधिक वाहन जलाए जाने की खबर है।
एन-40 राजमार्ग पर किली बट्टो इलाके के पास नोश्की जा रहे पाकिस्तानी सेना के एक बड़े काफिले पर भी हमला किया गया। काफिले में बुलेटप्रूफ वाहन और पुलिस बल शामिल थे। रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में कई सुरक्षाकर्मी मारे गए, हालांकि मृतकों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी है। डिप्टी कमिश्नर की सुरक्षा में लगी एक पुलिस गाड़ी भी हमले की चपेट में आई, परंतु अधिकारी के सुरक्षित बच निकलने की सूचना है।
अन्य जिलों में हमले
हर्नाई जिले के जिंदा पीर इलाके में सशस्त्र लड़ाकों ने राजमार्ग को घंटों तक अवरुद्ध रखा और गुजरने वाले वाहनों की तलाशी ली। बाद में उन्होंने विस्फोटकों से डेलकोना लेवीज स्टेशन और पान घर क्षेत्र में एक दूरसंचार टावर को नष्ट कर दिया।
कोहलू जिले के हसरी इलाके में आतंकवाद निरोधक बल (ATF) के जवानों पर हमला किया गया, जिसमें शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार सुरक्षाबलों को हताहत और संपत्ति को नुकसान हुआ। खारान जिले के ताजीना इलाके में चल रहे एक अभियान के दौरान लड़ाकों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर मोर्टार से हमला किया, जिसके बाद रिपोर्टों के मुताबिक सुरक्षाबल पीछे हट गए।
BLA का पूर्व हमला और दावे
इसी सप्ताह पहले बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने मस्तुंग जिले के खड़कूचा इलाके में पाकिस्तानी सेना के एक काफिले पर हमले की जिम्मेदारी ली थी। संगठन ने दावा किया था कि इस कार्रवाई में 45 से अधिक सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हुए — हालांकि पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस आंकड़े की पुष्टि नहीं की।
BLA के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने एक बयान में कहा था कि यह हमला संगठन की 'फतह स्क्वाड' इकाई ने अंजाम दिया और इसे 'समन्वित तथा तीव्र कार्रवाई' बताया। उनके अनुसार, लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना के जवानों, उनकी सुरक्षा टीम और बाद में मौके पर पहुंची अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियों को ले जा रहे बसों के काफिले को निशाना बनाया।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
गौरतलब है कि यह हमला कुछ दिन पहले नोश्की के पास सेना के एक अन्य काफिले पर हुए हमले के बाद आया है, जिसमें कथित तौर पर तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत और तीन अन्य के घायल होने की खबर थी। यह ऐसे समय में है जब बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है और BLA ने प्रांत में अपनी सशस्त्र गतिविधियां तेज़ कर दी हैं।
जिम्मेदारी और आधिकारिक प्रतिक्रिया
उल्लेखनीय है कि 27 जुलाई को हुए इन सभी हमलों की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी संगठन ने आधिकारिक रूप से नहीं ली है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकार की ओर से भी अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्वतंत्र सत्यापन के अभाव में हताहतों की संख्या और नुकसान के दावों को सतर्कता के साथ देखा जाना चाहिए।