30 सितंबर 2026
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बांग्लादेश: अवामी लीग का आरोप — बीएनपी सरकार में ७ महीनों में २१,७५६ हिंसा के मामले, कानून-व्यवस्था ध्वस्त

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बांग्लादेश: अवामी लीग का आरोप — बीएनपी सरकार में ७ महीनों में २१,७५६ हिंसा के मामले, कानून-व्यवस्था ध्वस्त

सारांश

बांग्लादेश में अवामी लीग ने बीएनपी सरकार पर बड़ा हमला बोला है — सात महीनों में २१,७५६ हिंसा के मामले, १,७८९ हत्याएँ और ८७ अज्ञात शव। गृह मंत्री पर आरोप है कि वे जन-सुरक्षा नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध चला रहे हैं।

मुख्य बातें

अवामी लीग ने 30 सितंबर 2026 को बीएनपी सरकार पर कानून-व्यवस्था ध्वस्त करने का आरोप लगाया।
फरवरी से सितंबर 2026 के बीच हिंसा के 21,756 मामले दर्ज, जिनमें 1,789 हत्याएँ और महिलाओं-बच्चों पर 11,165 हमले शामिल।
जनवरी से अगस्त 2026 के बीच बलात्कार के 339 मामले , जिनमें 114 सामूहिक बलात्कार और 41 हत्याएँ शामिल।
एचआरएसएस रिपोर्ट के अनुसार, राजनीतिक हिंसा में 56 मौतें , 5,246 घायल और 383 पत्रकार उत्पीड़ित।
अल्पसंख्यक समुदायों के 44 लोग मारे गए; अगस्त में 87 अज्ञात शव बरामद।
गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद पर आरोप — अवामी लीग कार्यकर्ताओं को पकड़वाने पर इनाम की घोषणा, जेलों में 58 मौतें नजरअंदाज।

बांग्लादेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी अवामी लीग ने 30 सितंबर 2026 को सत्ताधारी बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि बीएनपी के सत्ता में आने के बाद ढाका सहित पूरे बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बुरी तरह चरमरा गई है और सरकार जन-सुरक्षा के बजाय राजनीतिक प्रतिशोध को प्राथमिकता दे रही है। अवामी लीग के अनुसार, फरवरी से सितंबर 2026 के बीच केवल सात महीनों में हिंसा के 21,756 मामले दर्ज किए गए।

हिंसा के आंकड़े: सात महीनों की भयावह तस्वीर

अवामी लीग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी से सितंबर 2026 के बीच दर्ज 21,756 हिंसा के मामलों में 1,789 हत्याएँ और महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध हिंसा के 11,165 मामले शामिल हैं। इसके अलावा, पुलिस पर हमले के 317 मामले भी सामने आए।

पार्टी के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच बलात्कार के 339 मामले दर्ज हुए, जिनमें 114 सामूहिक बलात्कार के मामले थे और 41 पीड़िताओं की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई। इसी अवधि में जून में भीड़ की हिंसा में 31 लोगों और अगस्त में 28 और लोगों की मौत की बात कही गई है।

मानवाधिकार संस्था की रिपोर्ट का हवाला

ढाका स्थित संस्था 'ह्यूमन राइट्स सपोर्ट सोसाइटी' (एचआरएसएस) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए अवामी लीग ने बताया कि जनवरी से जून 2026 के बीच राजनीतिक हिंसा की 830 घटनाओं में 56 लोगों की मौत हुई और 5,246 लोग घायल हुए। अल्पसंख्यक समुदायों के 44 लोग मारे गए, जबकि 383 पत्रकारों को उत्पीड़न या हमलों का सामना करना पड़ा।

पार्टी ने यह भी बताया कि केवल अगस्त में नदियों, नहरों और जंगलों से 87 अज्ञात शव बरामद किए गए। ये आंकड़े, पार्टी का कहना है, बांग्लादेश में शासन के पूर्ण विघटन की ओर इशारा करते हैं।

गृह मंत्री पर सीधा निशाना

अवामी लीग ने बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद पर आरोप लगाया कि वे कानून-व्यवस्था बहाल करने के बजाय अवामी लीग से जुड़े लोगों को पकड़वाने पर इनाम की घोषणा कर रहे हैं। पार्टी ने कहा, 'ऐसे हालात में, गृह मंत्री की सबसे बड़ी चिंता तथाकथित अवामी लीग सहयोगियों को पकड़ने पर इनाम देने की है। यह ऐसा है, जैसे खून से सने युद्ध के मैदान में गुलाब बांटे जा रहे हों।'

पार्टी ने आगे कहा कि मंत्री पुलिस इंटेलिजेंस की डींगें तो मारते हैं, 'लेकिन पुलिस कस्टडी में मौतें, लोगों का जबरन गायब होना और जेलों में 58 लोगों की मौतें उनके हिसाब-किताब का हिस्सा नहीं लगतीं।'

ऐतिहासिक संदर्भ: बीएनपी-जमात के पिछले कार्यकाल का जिक्र

अवामी लीग ने 2001 से 2006 के बीएनपी-जमात सरकार के कार्यकाल का भी हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर राजनीतिक हत्याएं, जबरन गुमशुदगी, अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न और भ्रष्टाचार शामिल थे। पार्टी का कहना है, 'सत्ता में वापसी के बाद बीएनपी ने महज सात महीनों में ही यह दिखा दिया है कि वह शासन करने के लिए नहीं, बल्कि बदला लेने के लिए लौटी है।'

पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि राजनीतिक दिवालियापन किस हद तक बढ़ सकता है कि कोई सरकार उसी पार्टी को खत्म करने का इरादा जाहिर करे, जिसके नेतृत्व में बांग्लादेश का निर्माण हुआ था। गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव अपने उच्चतम स्तर पर बताया जा रहा है।

आगे क्या होगा

अवामी लीग ने स्पष्ट किया है कि 'कानून-व्यवस्था बनाए रखना गृह मंत्रालय की संवैधानिक जिम्मेदारी है। जब कोई मंत्री उस जिम्मेदारी को निभाने में नाकाम रहने के बाद राजनीतिक गिरफ्तारियों के लिए इनाम की घोषणा करने लगता है, तो यह साफ हो जाता है कि इस सरकार के लिए लोगों की सुरक्षा प्राथमिकता नहीं है।' बीएनपी सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों की नजरें अब बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ह्यूमन राइट्स सपोर्ट सोसाइटी जैसी स्वतंत्र संस्था के आंकड़ों का हवाला उन्हें सिरे से खारिज करना मुश्किल बनाता है। असली सवाल यह है कि बीएनपी सरकार इन आरोपों का जवाब तथ्यों से देगी या चुप्पी साधे रहेगी — क्योंकि दोनों ही स्थितियाँ बांग्लादेश की लोकतांत्रिक साख के लिए चिंताजनक हैं। अल्पसंख्यकों और पत्रकारों पर हमलों के आंकड़े अंतरराष्ट्रीय दबाव को आमंत्रित कर सकते हैं, जो ढाका के लिए कूटनीतिक मुश्किलें बढ़ाएगा। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि यह केवल दो दलों की लड़ाई नहीं — यह उस देश की संस्थागत नींव का सवाल है जो दशकों से राजनीतिक हिंसा के चक्र में फँसा है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अवामी लीग ने बीएनपी सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
अवामी लीग ने आरोप लगाया है कि बीएनपी सरकार के सात महीनों में बांग्लादेश में हिंसा के 21,756 मामले दर्ज हुए, जिनमें 1,789 हत्याएँ और महिलाओं-बच्चों पर 11,165 हमले शामिल हैं। पार्टी का कहना है कि सरकार जन-सुरक्षा के बजाय राजनीतिक प्रतिशोध को प्राथमिकता दे रही है।
बांग्लादेश में बीएनपी सरकार के दौरान अल्पसंख्यकों की स्थिति कैसी है?
अवामी लीग द्वारा उद्धृत एचआरएसएस रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के बीच अल्पसंख्यक समुदायों के 44 लोग मारे गए। इसके अलावा 383 पत्रकारों को उत्पीड़न या हमलों का सामना करना पड़ा, जो प्रेस स्वतंत्रता के लिए भी गंभीर संकेत है।
गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद पर क्या आरोप हैं?
अवामी लीग ने गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद पर आरोप लगाया है कि वे कानून-व्यवस्था सुधारने के बजाय अवामी लीग कार्यकर्ताओं को पकड़वाने पर इनाम की घोषणा कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि पुलिस कस्टडी में मौतें, जबरन गुमशुदगी और जेलों में 58 मौतों को मंत्री नजरअंदाज कर रहे हैं।
बांग्लादेश में बीएनपी का पिछला शासन कैसा रहा था?
अवामी लीग के अनुसार, 2001 से 2006 के बीएनपी-जमात सरकार के कार्यकाल में राजनीतिक हत्याएं, जबरन गुमशुदगी, अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न और भ्रष्टाचार देखा गया था। पार्टी का दावा है कि मौजूदा बीएनपी सरकार ने सात महीनों में वही पैटर्न दोहराया है।
क्या इन आरोपों पर बीएनपी सरकार ने कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक बीएनपी सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ये आंकड़े अवामी लीग द्वारा जारी किए गए हैं और एचआरएसएस जैसी स्वतंत्र संस्था की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है, लेकिन सरकारी पक्ष की पुष्टि अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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