क्या बांग्लादेश में बीएनपी और एनसीपी समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई?

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क्या बांग्लादेश में बीएनपी और एनसीपी समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई?

सारांश

बांग्लादेश में बीएनपी और एनसीपी के बीच हुई हिंसक झड़प से 35 लोग घायल हो गए हैं। क्या यह संघर्ष राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है? जानिए इस घटना की सभी जानकारी।

मुख्य बातें

बीएनपी और एनसीपी समर्थकों के बीच हिंसा हुई।
कम से कम 35 लोग घायल हुए हैं।
हिंसा का कारण राजनीतिक विरोध प्रदर्शन है।
पांच पत्रकार भी इस झड़प में घायल हुए।
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

ढाका, 31 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश के कुमिल्ला जिले के मुरादनगर में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और नेशनल सिटिजन्स पार्टी (एनसीपी) के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के बीच एक गंभीर झड़प हुई। इस संघर्ष में कम से कम 35 लोग घायल हो गए, जिनमें से पांच पत्रकार भी शामिल हैं।

स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, यह हिंसक मुठभेड़ बुधवार शाम उस समय शुरू हुई जब एनसीपी समर्थकों ने अंतरिम सरकार के स्थानीय सरकारी सलाहकार आसिफ महमूद शोजीब भुइयां के खिलाफ कथित साजिश और दुष्प्रचार के विरोध में 'मुरादनगर उपजिला के सभी तबकों के लोग' नामक बैनर तले एक विरोध रैली का आयोजन किया।

रैली के दौरान, जब आसिफ के समर्थकों ने “उगाही करने वालों के खिलाफ सीधी कार्रवाई”, “उगाही करने वालों को पकड़ो, जेल में डालो”, और “मुरादनगर की मिट्टी, आसिफ का गढ़” जैसे नारे लगाए, तभी अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर फेंकने का सिलसिला शुरू कर दिया, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे-जैसे झड़प बढ़ी, व्यवसायियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और लोग इधर-उधर भागने लगे। इस हिंसक घटना में पांच पत्रकारों के घायल होने की भी खबर आई है।

'नागरिक समाज' के संयोजक मिनाजुल हक ने आरोप लगाया कि यह हमला बीएनपी नेता और पूर्व सांसद काजी शाह मोफज्जल हुसैन कैकोबाद के समर्थकों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किया गया।

उन्होंने कहा, "जैसे ही हमने रैली निकाली, बीएनपी के लोगों ने हम पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए और हमें दौड़ा-दौड़ाकर मारा। हमारे लगभग 50 समर्थक घायल हुए।"

मुरादनगर सदर यूनियन परिषद के सदस्य शेखर ने कहा, "हमारी रैली शुरू होते ही बीएनपी के लोगों ने हम पर हमला कर दिया। मेरे सिर में चोट लगी है।"

हालांकि, बीएनपी के मुरादनगर इकाई के संयोजक माहीउद्दीन अंजन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा, "हमारा विरोध तो आसिफ महमूद द्वारा दर्ज कराए गए झूठे मामलों के खिलाफ था। उनके समर्थकों ने पुलिस सुरक्षा में हम पर हमला किया।"

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी बीएनपी नेता कैकोबाद के समर्थकों ने मुरादनगर में सलाहकार आसिफ महमूद के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना हमारे लिए एक चिंताजनक संकेत है। राजनीतिक असहमति को हिंसा में बदलना समाज के लिए बेहद खतरनाक है। हमें एक ऐसा समाज बनाने की आवश्यकता है जहाँ संवाद और सहिष्णुता हो।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएनपी और एनसीपी के बीच क्या हुआ?
बीएनपी और एनसीपी के समर्थकों के बीच मुरादनगर में हुई हिंसक झड़प में 35 लोग घायल हो गए हैं।
इस झड़प में कितने लोग घायल हुए?
इस झड़प में कुल 35 लोग घायल हुए हैं, जिनमें पांच पत्रकार शामिल हैं।
क्या इस घटना का राजनीतिक कारण है?
जी हां, यह घटना राजनीतिक प्रतिशोध और विरोध प्रदर्शन का परिणाम प्रतीत होती है।
क्या इससे पहले भी कोई विरोध प्रदर्शन हुआ था?
हाँ, इससे पहले भी बीएनपी के समर्थकों ने आसिफ महमूद के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
क्या इस घटना की कोई जिम्मेदारी ली गई है?
नागरिक समाज के संयोजक ने आरोप लगाया है कि यह हमला बीएनपी के समर्थकों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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