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क्या बांग्लादेश चुनाव से पहले पोस्टल बैलेट पर विवाद छिड़ गया है?

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क्या बांग्लादेश चुनाव से पहले पोस्टल बैलेट पर विवाद छिड़ गया है?

सारांश

बांग्लादेश में चुनावों से पहले की उठापटक और पोस्टल बैलेट के विवाद ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। क्या चुनाव आयोग इस मुद्दे को सुलझा पाएगा? जानें इस जटिल राजनीतिक स्थिति के बारे में।

मुख्य बातें

बांग्लादेश में चुनाव 12 फरवरी को होंगे।
बीएनपी ने पोस्टल बैलेट में गड़बड़ी का आरोप लगाया।
चुनाव आयोग ने गड़बड़ी के किसी प्रमाण से इनकार किया।
आईएबी ने अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।

नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती जा रही है। एक ओर, पार्टी और गठबंधन के बीच आंतरिक संघर्ष सामने आ रहा है, तो दूसरी ओर, विदेश में भेजे गए पोस्टल बैलेट को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने पोस्टल बैलेट में गड़बड़ी का आरोप लगाया है, जिसके बाद चुनाव आयोग ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

इलेक्शन कमिश्नर ब्रिगेडियर जनरल (रिटायर्ड) अबुल फजल एमडी सनाउल्लाह ने कहा कि आयोग को विदेश में रहने वाले बांग्लादेशियों को भेजे गए पोस्टल बैलेट में किसी भी गड़बड़ी का कोई प्रमाण नहीं मिला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे कई वीडियो क्लिप की जांच की। सनाउल्लाह ने कहा, "अब तक, हमें तीन जगहों से वीडियो क्लिप मिले हैं। कमीशन ने उनकी गंभीरता से जांच की, लेकिन उन वीडियो में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला है।"

उन्होंने आगे कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर पहले ही प्रतिक्रिया दी है, जिससे आयोग को मामले को सत्यापित करने के लिए तुरंत कदम उठाने पड़े। असल स्थिति को समझने के लिए, हमने सभी संबंधित एंबेसी से संपर्क किया। आयोग पोस्टल बैलेटिंग सिस्टम की ईमानदारी से कोई समझौता नहीं करेगा।

इससे पहले मंगलवार को, बीएनपी ने पोस्टल बैलेट के वितरण से संबंधित वायरल वीडियो पर चुनाव आयोग के सामने चिंता व्यक्त की थी। बीएनपी ने चुनाव में देश में इस्तेमाल होने वाले पोस्टल बैलेट में उम्मीदवार के नाम के साथ उनके चुनाव चिन्ह भी शामिल करने की मांग की है।

वहीं, इस्लामिक जमात के साथ गठबंधन में फूट की खबर भी आई है। जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 पार्टियों के गठबंधन के घटक दल इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश (आईएबी) ने ब्लॉक से अलग होने की घोषणा की है।

आईएबी ने कहा कि वह दूसरों के एहसान पर निर्भर रहकर राजनीति में भाग नहीं लेना चाहती। वह अगले आम चुनाव में 300 में से 268 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की योजना बना रही है।

आईएबी का यह निर्णय तब आया है जब जमात के नेतृत्व वाले गठबंधन ने ढाका में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 253 सीटों के बंटवारे की घोषणा की। आईएबी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का विरोध किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं मानता हूँ कि बांग्लादेश के आगामी चुनावों में इन विवादों का बड़ा प्रभाव हो सकता है। हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहे, ताकि लोकतंत्र की नींव मजबूत बनी रहे।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश चुनाव कब हैं?
बांग्लादेश में चुनाव 12 फरवरी को होने वाले हैं।
बीएनपी ने पोस्टल बैलेट पर क्या आरोप लगाया है?
बीएनपी ने पोस्टल बैलेट में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
चुनाव आयोग ने गड़बड़ी के आरोप पर क्या कहा?
चुनाव आयोग ने कहा कि उन्हें किसी भी गड़बड़ी का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
राष्ट्र प्रेस
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