7 अगस्त 2026
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बांग्लादेश में खसरा संकट: 24 घंटे में 5 और बच्चों की मौत, कुल मृतक संख्या 854 पहुंची

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बांग्लादेश में खसरा संकट: 24 घंटे में 5 और बच्चों की मौत, कुल मृतक संख्या 854 पहुंची

सारांश

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा — 24 घंटे में 5 और बच्चों की मौत के साथ कुल मृतक संख्या 854 पहुंच गई है। 1,32,905 संदिग्ध मामलों के बीच, 90% प्रभावित परिवारों को इलाज के लिए कर्ज लेना पड़ा — यह महामारी अब स्वास्थ्य संकट के साथ-साथ आर्थिक तबाही भी बन चुकी है।

मुख्य बातें

बांग्लादेश में खसरे से पिछले 24 घंटों में 5 और बच्चों की मौत, कुल मृतक संख्या 854 हुई।
डीजीएचएस के अनुसार 96 मौतें पुष्ट, 758 मौतें संदिग्ध श्रेणी में।
कुल संदिग्ध मामले 1,32,905 ; पुष्ट मामले 16,655 तक पहुंचे।
बीडीआरसीएस और आईएफआरसी की रिपोर्ट: 10 में से 9 परिवारों ने इलाज के लिए कर्ज लिया; प्रति परिवार औसत खर्च 16,000 बांग्लादेशी टका ।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ मुश्तुक हुसैन ने इसे 'चिकित्सीय गरीबी' करार दिया; सरकार के मुफ्त स्वास्थ्य सेवा के वादे पर सवाल उठाए।

बांग्लादेश की राजधानी ढाका से प्राप्त जानकारी के अनुसार, देश में खसरा (मीजल्स) का प्रकोप 5 अगस्त 2026 को और गहरा गया, जब पिछले 24 घंटों में 5 और बच्चों की मौत की पुष्टि हुई। इसके साथ ही इस महामारी से अब तक कुल 854 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ये पाँचों नई मौतें अभी संदिग्ध श्रेणी में रखी गई हैं।

मृत्यु और संक्रमण के आंकड़े

डीजीएचएस के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 96 मौतों की प्रयोगशाला से पुष्टि हो चुकी है, जबकि 758 मौतें संदिग्ध श्रेणी में हैं। पिछले 24 घंटों में 959 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे कुल संदिग्ध मामलों की संख्या 1,32,905 हो गई है। इसी अवधि में 124 नए पुष्ट मामले दर्ज हुए और कुल पुष्ट मामले 16,655 तक पहुंच गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश पहले से ही राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहा है।

आर्थिक बोझ: परिवारों पर चिकित्सीय गरीबी का संकट

मंगलवार को स्थानीय मीडिया में प्रकाशित एक संयुक्त रिपोर्ट में चिंताजनक तस्वीर सामने आई। बांग्लादेश रेड क्रिसेंट सोसाइटी (बीडीआरसीएस) और इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज (आईएफआरसी) ने देशभर के 12 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में इलाज करा रहे 2,746 परिवारों के आंकड़ों का अध्ययन किया।

रिपोर्ट के अनुसार, खसरे से प्रभावित 10 में से कम से कम 9 परिवारों को इलाज का खर्च उठाने के लिए कर्ज लेना पड़ा, जबकि 10 में से 6 परिवार अपनी पूरी बचत खर्च कर चुके हैं। प्रत्येक परिवार ने खसरे के इलाज पर औसतन 16,000 बांग्लादेशी टका खर्च किए। कई अभिभावकों ने बताया कि बीमार बच्चों की देखभाल के लिए उन्हें काम छोड़ना पड़ा, जिससे कुछ लोगों की आय बंद हो गई और कुछ ने नौकरी भी गंवाई।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ मुश्तुक हुसैन ने कहा कि कम आय वाले परिवारों पर खसरे के इलाज का यह आर्थिक बोझ 'मेडिकल इम्पॉवरिशमेंट' यानी चिकित्सीय गरीबी का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र में मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन मौजूदा खसरा संकट के दौरान इसका कोई असर देखने को नहीं मिला। उनके अनुसार, 'ऐसे संकट के समय ही लोगों को सरकारी सहायता की सबसे अधिक जरूरत होती है।'

सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की राह

गौरतलब है कि बांग्लादेश में खसरे का यह प्रकोप सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र की गंभीर खामियों को उजागर करता है। डीजीएचएस स्थिति पर नज़र रखे हुए है और रोज़ाना आंकड़े जारी कर रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि टीकाकरण अभियान को और तेज़ करने और प्रभावित परिवारों को वित्तीय राहत देने की तत्काल आवश्यकता है। यदि संक्रमण की वर्तमान दर नहीं थमी, तो आने वाले हफ्तों में स्थिति और विकट हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक ऐसी व्यवस्था की विफलता का प्रमाण है जहाँ टीकाकरण कवरेज में दशकों की कमज़ोरियाँ अब जानलेवा साबित हो रही हैं। रेड क्रॉस की रिपोर्ट यह भी बताती है कि यह संकट गरीब परिवारों को दोहरी मार दे रहा है — पहले बच्चे की जान का खतरा, फिर कर्ज का बोझ। सरकार के मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के वादे और ज़मीनी हकीकत के बीच की यह खाई चिंताजनक है। अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों की मौजूदगी राहत की बात है, लेकिन असली सवाल यह है कि राष्ट्रीय टीकाकरण तंत्र इतने बड़े प्रकोप को रोकने में क्यों नाकाम रहा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में खसरे से अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
5 अगस्त 2026 तक बांग्लादेश में खसरे से कुल 854 मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें 96 की प्रयोगशाला से पुष्टि हो चुकी है और 758 संदिग्ध श्रेणी में हैं। पिछले 24 घंटों में 5 नई मौतें सामने आई हैं।
बांग्लादेश में खसरे के कुल कितने मामले सामने आए हैं?
डीजीएचएस के अनुसार, अब तक कुल 1,32,905 संदिग्ध मामले और 16,655 पुष्ट मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले 24 घंटों में अकेले 959 नए संदिग्ध और 124 नए पुष्ट मामले जुड़े हैं।
खसरे से प्रभावित परिवारों पर आर्थिक असर कितना गहरा है?
बीडीआरसीएस और आईएफआरसी की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, 10 में से 9 प्रभावित परिवारों को इलाज के लिए कर्ज लेना पड़ा और 10 में से 6 ने अपनी पूरी बचत खर्च कर दी। प्रति परिवार औसत खर्च 16,000 बांग्लादेशी टका रहा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बांग्लादेश सरकार पर क्या सवाल उठाए हैं?
सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ मुश्तुक हुसैन ने कहा कि सरकार ने मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का वादा किया था, लेकिन खसरा संकट के दौरान यह वादा खोखला साबित हुआ। उन्होंने इसे 'चिकित्सीय गरीबी' का उदाहरण बताया।
यह रिपोर्ट किसने तैयार की और कितने परिवारों पर आधारित है?
यह संयुक्त रिपोर्ट बांग्लादेश रेड क्रिसेंट सोसाइटी (बीडीआरसीएस) और इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज (आईएफआरसी) ने तैयार की है। इसमें देश के 12 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में इलाज करा रहे 2,746 परिवारों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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