बांग्लादेश ने भारत से माँगी अधिक डीजल सप्लाई, बिजली-गैस संकट के बीच पाइपलाइन क्षमता बढ़ाने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्री इकबाल हसन महमूद ने 7 अगस्त 2026 को ढाका में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी से मुलाकात के बाद घोषणा की कि देश में जारी बिजली और गैस संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने भारत से सीमा पार पाइपलाइन के ज़रिए डीजल आपूर्ति बढ़ाने का अनुरोध किया है। यह बैठक ढाका सचिवालय में हुई, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को प्रमुखता दी गई।
मुख्य घटनाक्रम
बांग्लादेशी अखबार द बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार, मंत्री महमूद ने पत्रकारों से कहा, 'हम पाइपलाइन के ज़रिए भारत से डीजल आयात करते हैं और हमने उनसे और सप्लाई करने की अपील की है।' उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पड़ोसी देशों के रूप में दोनों के बीच आपसी हितों के अनेक क्षेत्र हैं। बैठक में बांग्लादेश के ऊर्जा राज्य मंत्री अनिंद्य इस्लाम अमित भी उपस्थित रहे।
भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन की भूमिका
रिपोर्टों के अनुसार, अप्रैल की शुरुआत में भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन के ज़रिए भारत से बांग्लादेश में 5,000 टन अतिरिक्त डीजल की आपूर्ति शुरू हुई थी। यह कदम पश्चिम एशिया में समुद्री अनिश्चितता के बीच ढाका की ईंधन सुरक्षा को मज़बूत करने के उद्देश्य से उठाया गया था, क्योंकि उस क्षेत्र की अस्थिरता ऊर्जा आयात को प्रभावित कर रही है।
भारतीय उच्चायोग की प्रतिक्रिया
ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'चर्चा में भारत-बांग्लादेश आर्थिक साझेदारी के एक अहम स्तंभ के रूप में क्रॉस-बॉर्डर पावर और ऊर्जा संपर्क की अहमियत पर फोकस किया गया।' उच्चायोग ने आगे कहा कि दोनों पक्षों ने 'ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, सतत विकास को बढ़ावा देने और दोनों देशों के लोगों की खुशहाली में मदद करने के मकसद से आपसी हित और आपसी फायदे के आधार पर सहयोग को आगे बढ़ाने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को फिर से पुष्ट किया।'
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश अपनी घरेलू ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कई मोर्चों पर जूझ रहा है। गौरतलब है कि भारत-बांग्लादेश ऊर्जा सहयोग केवल डीजल तक सीमित नहीं है — दोनों देशों के बीच बिजली व्यापार भी एक महत्त्वपूर्ण कड़ी रही है। मंत्री महमूद ने स्पष्ट किया कि भारतीय उच्चायुक्त से यह मुलाकात उनके नियमित कूटनीतिक संवाद का हिस्सा थी, न कि कोई असाधारण बैठक।
आगे क्या
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि भारत डीजल आपूर्ति बढ़ाने के अनुरोध पर कब और किस हद तक सकारात्मक प्रतिक्रिया देगा। दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता के बावजूद, आपूर्ति विस्तार की समयसीमा और मात्रा अभी तय होनी बाकी है। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, पाइपलाइन क्षमता विस्तार और द्विपक्षीय समझौतों पर आगे की वार्ता निर्णायक होगी।