इजरायली मंत्री बेन-ग्विर के 'लेबनान जलाने' वाले बयान पर ब्रिटिश विदेश सचिव कूपर ने कहा — 'बेहद घिनौना'
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर ने 20 जून 2025 को इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर के उस बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'पूरा लेबनान जल जाना चाहिए।' कूपर ने इस बयान को 'बेहद भयानक और घिनौना' करार देते हुए ब्रिटिश सरकार की आपत्ति दर्ज कराई। यह बयान दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के एक हमले में चार इजरायली सैनिकों की मौत के बाद आया था।
मुख्य घटनाक्रम
दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के हमले में चार इजरायली सैनिकों की मृत्यु के बाद मंत्री बेन-ग्विर ने अपने बयान में कहा, 'अमेरिकियों के प्रति पूरे सम्मान के साथ, इजरायल को पूरी दुनिया को यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि हमारे बेटों का खून और हमारे नागरिकों की सुरक्षा सौदेबाजी का विषय नहीं है। पूरा लेबनान जल जाना चाहिए।' यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी आलोचना का केंद्र बन गया।
विदेश सचिव यवेट कूपर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'पूरे लेबनान को जलाने की बात कहना एक इजरायली मंत्री का बहुत ही भयानक और घिनौना बयान है, जिस पर ब्रिटेन की सरकार ने सही ही रोक लगाई है। हम इजरायल और हिज्बुल्लाह दोनों से अपील करते हैं कि वे तय सीजफायर का पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी आम लोग सुरक्षित रहें।'
बेन-ग्विर का अमेरिका दौरा रद्द
हिब्रू मीडिया आउटलेट्स के अनुसार, मंत्री बेन-ग्विर ने अपना अमेरिका दौरा रद्द कर दिया। अमेरिकी दूतावास ने वीजा जारी करने की शर्त के रूप में उनसे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर फिंगरप्रिंट देने को कहा था। इजरायली मीडिया टाइम्स ऑफ इजरायल ने चैनल 13 के हवाले से बताया कि वाशिंगटन उन्हें वीजा देने के लिए तैयार नहीं था, और इसकी वजह संभवतः उनके पुराने आपराधिक मामले रहे हों।
बेन-ग्विर फिंगरप्रिंट देने दूतावास पहुंचे और अधिकारियों ने उनका साक्षात्कार भी लिया, लेकिन अंततः उन्होंने पूरा दौरा रद्द करने का निर्णय लिया। उनके कार्यालय ने एक बयान में कहा कि यह निर्णय उनकी अपनी इच्छा से लिया गया, क्योंकि उनका अधिकांश दौरा व्यक्तिगत रूप से नियोजित था और उन्होंने नियमित वीजा के लिए आवेदन किया था।
बेन-ग्विर का विवादों से पुराना नाता
गौरतलब है कि इतामार बेन-ग्विर इससे पहले भी अपने भड़काऊ बयानों के कारण अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना कर चुके हैं। आलोचकों का कहना है कि उनके बयान न केवल क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाते हैं, बल्कि इजरायल की राजनयिक छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब इजरायल-हिज्बुल्लाह सीजफायर की नाजुक स्थिति बनी हुई है।
सीजफायर और आम नागरिकों की सुरक्षा
विदेश सचिव कूपर ने अपने बयान में इजरायल और हिज्बुल्लाह दोनों पक्षों से सीजफायर समझौते का पालन करने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। ब्रिटेन की यह प्रतिक्रिया लंदन और तेल अवीव के बीच बढ़ती कूटनीतिक तनातनी का संकेत देती है।
आगे क्या
अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इजरायल सरकार मंत्री बेन-ग्विर के बयान से आधिकारिक तौर पर दूरी बनाती है या नहीं। ब्रिटेन की यह सार्वजनिक आलोचना अन्य पश्चिमी देशों को भी इसी तरह की प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित कर सकती है।