क्या भारत ने फिजी को कृषि सहायता में 5 टन लोबिया के बीज सौंपे?
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सुवा, 11 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने इंडो-पैसिफिक साझेदारों के साथ एकजुटता दर्शाते हुए सोमवार को फिजी सरकार को मानवीय सहायता के रूप में पांच मीट्रिक टन लोबिया के बीज सौंपे।
यह बीजों की पहली खेप थी, जो फिजी के नाडी शहर में पहुंचाई गई। यह पहल फिजी में कृषि स्थिरता को बढ़ावा देगी, किसानों को समर्थन प्रदान करेगी और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करेगी।
सुवा स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, "भारत सरकार की ओर से भारतीय उच्चायोग ने आज नाडी के सबेटो में फिजी सरकार को लोबिया के बीज सौंपे। यह पहल कृषि लचीलापन को मजबूत करती है, किसानों को सशक्त बनाती है और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देती है।"
उन्होंने आगे कहा, "फिजी की सबसे बड़ी लोबिया परियोजना से स्थानीय किसानों को काफी लाभ होगा, जिसमें बेहतर उपज, फसलों की विविधता और आय में वृद्धि होगी, जो ग्रामीण आजीविका को वर्तमान और भविष्य में मजबूत करेगी।"
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बीजों की पहली खेप 26 जुलाई को दिल्ली से फिजी के लिए रवाना हुई थी। इस सहायता के तहत भारत ने अपने 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के हिस्से के रूप में प्रशांत साझेदार फिजी को 5 मीट्रिक टन काले लोबिया के बीज भेजे।
इससे पहले जुलाई में, भारत और फिजी ने सुवा में छठे विदेश कार्यालय परामर्श में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता निर्माण, व्यापार, निवेश, नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की थी।
भारत लंबे समय से फिजी का विकास साझेदार रहा है, जो विभिन्न क्षेत्रों और क्षमता निर्माण पहलों का समर्थन करता है, जिसमें भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम, फिजी के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और डिजिटल परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल हैं।
हाल ही में भारतीय फार्माकोपिया को मान्यता देने वाला समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी फार्मास्यूटिकल और चिकित्सा मानकों में बढ़ते सहयोग को रेखांकित करता है।