क्या भारत-यूएई की संयुक्त सेना डेजर्ट साइक्लोन-टू के तहत शहरी युद्ध के लिए तैयार हो रही है?

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क्या भारत-यूएई की संयुक्त सेना डेजर्ट साइक्लोन-टू के तहत शहरी युद्ध के लिए तैयार हो रही है?

सारांश

भारत और यूएई की सेनाएं 'डेजर्ट साइक्लोन-टू' अभ्यास के तहत शहरी युद्ध की रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य सैनिकों को शहरी क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से प्रशिक्षित करना और दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना है। जानिए इस महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास के बारे में क्या है खास।

मुख्य बातें

अभ्यास का मुख्य उद्देश्य 'इंटर-ऑपरेशन' को बढ़ाना है।
शहरी युद्ध की प्रमुख तकनीकों का अभ्यास किया जा रहा है।
इस अभ्यास में दोनो सेनाओं के बीच रणनीतियों का आदान-प्रदान हो रहा है।
अभ्यास 30 दिसंबर तक चलेगा।
हेलिबोर्न ऑपरेशंस का भी अभ्यास किया जाएगा।

नई दिल्ली, 22 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना और यूएई थल सेना के बीच अभ्यास डेजर्ट साइक्लोन-टू अल-हमरा में गहन संयुक्त प्रशिक्षण के साथ आगे बढ़ रहा है। इस अभ्यास में भारतीय सेना और यूएई थल सेना के सैनिक प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। चल रहे प्रशिक्षण का ध्यान शहरी युद्ध के मूल सिद्धांतों पर केंद्रित है, जिसमें इमारतों की मार्किंग और उन्हें खाली करना, आईईडी की पहचान, घायलों को निकालना, प्राथमिक चिकित्सा और संरचित मिशन योजना शामिल हैं।

बताया गया कि अभ्यास का उद्देश्य 'इंटर-ऑपरेशन' को बढ़ाना और शहरी क्षेत्रों में सामान्य संचालन प्रक्रियाओं को विकसित करना है। जैसे-जैसे अभ्यास आगे बढ़ रहा है, सैनिक शहरी इलाकों में प्रगतिशील व्यावहारिक अभ्यास कर रहे हैं, जिनमें कमरे में हस्तक्षेप (रूम इंटरवेंशन), इमारतों को खाली कराना और प्लाटून स्तर पर संयुक्त हमले के अभ्यास शामिल हैं।

कमरे में हस्तक्षेप और उन्हें खाली कराने के संयुक्त अभ्यासों का दोनों सेनाओं के बीच आदान-प्रदान किया गया है और रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं को मानकीकृत करने के लिए उनका पूर्वाभ्यास किया गया है।

यह प्रशिक्षण एकीकृत आक्रामक और रक्षात्मक शहरी अभियानों के साथ समाप्त होगा, जिससे समन्वित कार्रवाई, आपसी विश्वास और शहरी वातावरण में गैर-पारंपरिक आकस्मिकताओं के लिए परिचालन तत्परता को सुदृढ़ किया जा सके।

भारत-यूएई संयुक्त सैन्य अभ्यास का दूसरा संस्करण, 'डेजर्ट साइक्लोन-टू', 18 से 30 दिसंबर तक संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित किया जा रहा है। भारतीय दल में 45 जवान शामिल हैं, जिनमें मुख्य रूप से मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन के जवान हैं, जबकि यूएई थल सेना दल का प्रतिनिधित्व 53 मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री बटालियन कर रही है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास 30 दिसंबर तक अबू धाबी में आयोजित किया जाएगा। लगभग दो सप्ताह तक चलने वाले इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिक निर्मित क्षेत्रों में युद्धाभ्यास करेंगे। हेलिबोर्न ऑपरेशंस किए जाएंगे। इन ऑपरेशन के दौरान हेलिकॉप्टर से आतंकवादी क्षेत्रों में प्रवेश और राहत एवं बचाव का अभ्यास किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दोनों देशों के बीच मित्रता और सामरिक साझेदारी को भी मजबूत करता है। यह अभ्यास हमारे सैनिकों को शहरी युद्ध की चुनौतियों के लिए बेहतर तैयार करता है, जिससे उनकी क्षमता और समन्वय में सुधार होता है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभ्यास डेजर्ट साइक्लोन-टू का उद्देश्य क्या है?
इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के बीच 'इंटर-ऑपरेशन' को बढ़ाना और शहरी क्षेत्रों में सामान्य संचालन प्रक्रियाओं को विकसित करना है।
यह अभ्यास कब तक चलेगा?
यह अभ्यास 18 से 30 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है।
इस अभ्यास में कितने सैनिक भाग ले रहे हैं?
इस अभ्यास में भारतीय दल में 45 जवान और यूएई दल में 53 जवान शामिल हैं।
अभ्यास में किन गतिविधियों का समावेश है?
अभ्यास में इमारतों की मार्किंग, आईईडी की पहचान, प्राथमिक चिकित्सा, और शहरी युद्ध के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का अभ्यास शामिल है।
इस अभ्यास का अंतिम परिणाम क्या होगा?
यह प्रशिक्षण एकीकृत आक्रामक और रक्षात्मक शहरी अभियानों के साथ समाप्त होगा, जिससे परिचालन तत्परता को सुदृढ़ किया जा सकेगा।
राष्ट्र प्रेस
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