बीएलएफ का दावा: महिला दस्ते 'केएएडी' ने सीपीईसी हाईवे पर मारे पाकिस्तान के 9 सुरक्षाकर्मी
सारांश
मुख्य बातें
बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने दावा किया है कि उसके नवगठित महिला दस्ते 'करीमा आर्म्ड असॉल्ट डिवीजन' (केएएडी) ने हाल के हमलों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के नौ जवानों को मार गिराया। ये हमले 22 सितंबर 2026 को बलूचिस्तान के कई इलाकों में किए गए बताए जा रहे हैं, जिनमें चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के राजमार्ग पर एक काफिले पर हमला भी शामिल है। पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
तुरबत में सीपीईसी हाईवे पर हमला
बीएलएफ प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलूच के अनुसार, 22 सितंबर को तुरबत के पास जुशाक इलाके में सीपीईसी राजमार्ग पर तीन वाहनों वाले क्विक रिस्पॉन्स फोर्स (क्यूआरएफ) काफिले को निशाना बनाया गया। समूह का दावा है कि इस हमले में छह पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हुए।
प्रवक्ता के अनुसार, केएएडी के साथ बीएलएफ की कुर्बान यूनिट ने भी इस अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी बलों ने दोनों दस्तों को घेरने की कोशिश की, लेकिन वे मुकाबला करते हुए सुरक्षित वापस लौट गए। हालाँकि, इस दौरान कुर्बान यूनिट का एक लड़ाका चाकर मुराद उर्फ दिलीप जान भी मारा गया।
कलात जिले में क्वेटा-कराची राजमार्ग पर नाकेबंदी
ग्वाहराम बलूच के दावों के अनुसार, केएएडी ने कलात जिले की मंगुचर तहसील में क्वेटा-कराची राजमार्ग पर तीन स्थानों पर नाकेबंदी की। मंगुचर बाजार की तरफ से आ रहे बख्तरबंद वाहन और दो अन्य वाहनों में सवार पाकिस्तानी बलों पर हमला किया गया, जिसमें कथित तौर पर दो सैन्यकर्मी मारे गए। समूह के अनुसार, बाद में हुई एक और मुठभेड़ में एक अतिरिक्त पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी के मारे जाने और कई अन्य के घायल होने का दावा किया गया।
बीआरए का मारी एनर्जी के ठिकाने पर हमले का दावा
बलूच रिपब्लिकन आर्मी (बीआरए) ने डेरा बुगती जिले के बेह लोटी इलाके में मारी एनर्जी लिमिटेड के एक ठिकाने पर हमले की जिम्मेदारी ली है। बीआरए प्रवक्ता सरबाज बलूच के हवाले से बताया गया कि रॉकेट और भारी हथियारों से किए गए इस हमले में कंपनी के तीन कर्मचारियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। बीआरए ने आगे दावा किया कि हमले के बाद हुए संघर्ष में नौ पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों और सरकार समर्थित एक सशस्त्र संगठन के तीन सदस्यों के मारे जाने के साथ-साथ बीआरए के छह लड़ाके भी हताहत हुए।
बीआरजी के अन्य दावे
बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने हाजी शहर पर नियंत्रण करते हुए वहाँ एक पुलिस थाने को विस्फोटकों से उड़ा दिया। बीआरजी के अनुसार, बीआरए के लड़ाके एरी शहर में दाखिल हुए, सरकारी इमारतों पर अस्थायी कब्जा किया और अभियान के बाद वापस लौट गए। बीआरजी प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने यह भी कहा कि कच्छी जिले के कच्छी कलंदर इलाके में नियमित गश्त के दौरान एक 'सरकार समर्थित सशस्त्र संगठन' से उनका आमना-सामना हुआ, जिसके सदस्य हथियार छोड़कर भाग गए।
बलूचिस्तान में बढ़ते हमलों का संदर्भ
गौरतलब है कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और पुलिस प्रतिष्ठानों पर सशस्त्र समूहों के हमलों में हाल के महीनों में उल्लेखनीय तेज़ी आई है। सीपीईसी बुनियादी ढाँचा बार-बार इन हमलों का निशाना बना है, जो पाकिस्तान और चीन दोनों के लिए एक संवेदनशील आर्थिक एवं रणनीतिक प्रश्न बन चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तानी सरकार क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पर काबू पाने के प्रयास तेज़ कर रही है। इन सभी दावों की पुष्टि स्वतंत्र स्रोतों से नहीं हो सकी है और पाकिस्तानी सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।