कैमरून में बोको हराम का रात्रि हमला: माडेगौआ में 13 नागरिकों की हत्या, एक घायल
सारांश
मुख्य बातें
कैमरून के सुदूर उत्तरी क्षेत्र में बोको हराम के कथित आतंकियों ने गुरुवार की रात माडेगौआ इलाके पर हमला बोला, जिसमें कम से कम 13 नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। यह हमला लोगोन-एट-चारी डिवीजन के मकरी सब-डिवीजन में स्थानीय समय के अनुसार रात करीब 1 बजे से 2 बजे के बीच हुआ, जब स्थानीय निवासी अपने घरों में सो रहे थे।
हमले का घटनाक्रम
नाम न बताने की शर्त पर एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि हमलावर अंधेरे की आड़ में इलाके में घुस आए और सोते हुए नागरिकों पर हमला कर दिया। 13 लोगों को मौके पर ही मार डाला गया, जबकि एकमात्र बचे व्यक्ति को घायल अवस्था में स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह हमला बदले की कार्रवाई हो सकती है। दरअसल, कुछ महीने पूर्व क्षेत्र में सक्रिय सुरक्षा बलों ने बोको हराम के आतंकियों तक पहुँचाए जा रहे गोला-बारूद के एक बड़े जखीरे को जब्त किया था, जिसके बाद से ऐसे प्रतिशोधात्मक हमले की आशंका जताई जा रही थी।
पिछले हमलों का संदर्भ
यह ताज़ा हमला उसी क्षेत्र में अगस्त में हुए एक अन्य हमले के महज़ कुछ सप्ताह बाद सामने आया है। 7 अगस्त की रात करीब 11 बजे संदिग्ध बोको हराम आतंकियों ने कांगलेरी गाँव पर धावा बोला था, जिसमें 6 लोग मौके पर ही मारे गए थे और 3 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ बाद में 2 और लोगों की मृत्यु हो गई, जिससे उस हमले में मरने वालों की कुल संख्या 8 हो गई।
उसी रात नाइजीरिया की सीमा से लगे मोकोलो जिले के टूरू शहर में भी बोको हराम से जुड़े संदिग्ध हथियारबंद लोगों की गतिविधियाँ दर्ज की गई थीं। वहाँ हमलावरों ने दुकानों में लूटपाट की, पशुओं को हाँककर ले गए और शहर के बाहरी हिस्से में एक बाज़ार को नुकसान पहुँचाया, हालाँकि उस घटना में किसी की मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई थी।
बोको हराम की क्षेत्र में मौजूदगी
बोको हराम नाइजीरिया में जन्मा यह आतंकी संगठन 2014 से कैमरून के सुदूर उत्तरी क्षेत्र में सक्रिय है। इन वर्षों में संगठन ने इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान पहुँचाया है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र लेक चाड बेसिन के निकट है और नाइजीरिया, नाइजर तथा चाड की सीमाओं से घिरा होने के कारण आतंकी संगठनों के लिए एक संवेदनशील गलियारा बना हुआ है।
अधिकारियों ने अभी तक ताज़ा हमले की समस्त परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जाँच जारी बताई गई है।
आम जनता पर असर
लगातार हो रहे इन हमलों से सुदूर उत्तरी कैमरून के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिक रात के समय घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं और कई परिवार अपेक्षाकृत सुरक्षित इलाकों की ओर पलायन कर रहे हैं। यह क्षेत्र पहले से ही मानवीय संकट से जूझ रहा है, जहाँ बड़ी संख्या में विस्थापित लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।
आगे की स्थिति
सुरक्षा बल इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ते हमलों के मद्देनज़र कैमरून सरकार पर सुरक्षा उपाय और सख्त करने का दबाव है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग से चल रहे ऑपरेशन भी बोको हराम की गतिविधियों को कुचलने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाए हैं, जो नीति-निर्माताओं के लिए एक गहरी चुनौती बनी हुई है।