क्या ब्राजील में यूएन सीओपी30 के पवेलियन में लगी आग का कारण जनरेटर फेल होना था?
सारांश
Key Takeaways
- आग से 21 लोग घायल हुए हैं।
- कार्यक्रम में अफरातफरी
- सभी घायलों का मौके पर ही इलाज किया गया।
- यूएन महासचिव को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
- आग लगने के कारणों की जांच चल रही है।
बेलेम, 21 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। ब्राजील के बेलेम शहर में चल रहे 30वें यूएन क्लाइमेट चेंज कॉन्फ्रेंस (सीओपी30) के एक पवेलियन में आग लग गई। इस घटना के बाद फायर डिपार्टमेंट ने लोगों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला।
कार्यक्रम के आयोजकों के अनुसार, यह घटना ब्लू जोन में हुई। ब्लू जोन वह क्षेत्र है, जहां इंटरनेशनल स्टैंड और ऑफिशियल बातचीत के लिए बनाए गए कमरे हैं। हालांकि, सुखद बात यह है कि आग लगने की सूचना मिलते ही लोगों को सुरक्षित तरीके से एग्जिट गेट से बाहर निकाल लिया गया।
आग की इस घटना में कम से कम 21 लोग घायल हुए। कार्यक्रम में उपस्थित हजारों लोगों के बीच अफरातफरी का माहौल बन गया। लोग अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागने लगे।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने बताया कि ब्राजील के टूरिज्म मंत्री सेल्सो सबिनो ने कहा कि आग स्थानीय समयानुसार दोपहर 2 बजे के आसपास लगी थी और दोपहर 2:30 बजे तक उस पर काबू पा लिया गया। अब तक किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
बेलेम के पारा के गवर्नर हेल्डर बारबाल्हो ने स्थानीय मीडिया को बताया कि इमरजेंसी टीमें अभी घटना के दो संभावित कारणों की जांच कर रही हैं। एक कारण जनरेटर का फेल होना हो सकता है, या दूसरा शॉर्ट सर्किट।
आग लगने की इस घटना के समय यूएन सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस वहां मौजूद थे और उन्हें यूनाइटेड नेशंस डिपार्टमेंट ऑफ सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ने तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
यूएन सीओपी30 ऑर्गनाइजिंग कमिटी ने कहा कि सभी घायलों का धुएं में सांस लेने के कारण मौके पर ही इलाज किया गया है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा भारत के पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और भारतीय डेलीगेशन भी आग लगने के समय ब्लू जोन के अंदर थे। हालांकि, सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
भारत के केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव भी ब्राजील के बेलेम में संयुक्त राष्ट्र के तहत 30वें कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (सीओपी30) में शामिल होने पहुंचे हुए हैं।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने जापान के पर्यावरण मंत्री हिरोताका इशिहारा से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने जॉइंट क्रेडिटिंग मैकेनिज्म (जेसीएम) को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ ही भारत-जापान सहयोग के अन्य विशेष क्षेत्रों पर चर्चा की। भूपेंद्र यादव ने सीओपी 30 के दौरान जापानी पर्यावरण मंत्रालय द्वारा आयोजित 11वीं जेसीएम पार्टनर देशों की मीटिंग में भी हिस्सा लिया।