कश्मीर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का प्रेरक संदेश, 'यह हम सभी का कश्मीर'

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कश्मीर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का प्रेरक संदेश, 'यह हम सभी का कश्मीर'

सारांश

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कश्मीर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण की प्रशंसा की और युवाओं से नवाचार एवं देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति का प्रेरक संबोधन महिला सशक्तिकरण का महत्व नवाचार और कौशल विकास पर जोर कश्मीर विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियां समाजिक एकता का संदेश

श्रीनगर, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गुरुवार को श्रीनगर में कश्मीर विश्वविद्यालय के 21वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए। यह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में उनकी पहली यात्रा थी।

उपराष्ट्रपति ने स्नातक छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों की पहचान भले ही उनके बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक उत्कृष्टता में हो, लेकिन उनकी असली विरासत उनके स्नातकों के चरित्र और योगदान में स्पष्ट होती है। उन्होंने 1948 में स्थापित कश्मीर विश्वविद्यालय की गौरवमयी विरासत और बढ़ते अकादमिक प्रभाव की सराहना की। उन्होंने विश्वविद्यालय के एनएएसी ए(प्लस-प्लस) ग्रेड, एनआईआरएफ विश्वविद्यालय श्रेणी में 34वीं रैंक, 2019 से अब तक 7,700 से अधिक शोध प्रकाशनों और राष्ट्रीय हिमालयी आइस-कोर प्रयोगशाला जैसी अग्रणी पहलों की प्रशंसा की, जो इसकी बढ़ती वैश्विक उपस्थिति को दर्शाती है।

उपराष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह की तीन महत्वपूर्ण बातों पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की, जिनमें उच्च शिक्षा मंत्री और कुलपति दोनों का महिला होना और स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में अधिकतर महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने इसे जम्मू-कश्मीर में महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त प्रमाण बताया।

छात्रों को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि वे एक तेजी से बदलते विश्व में स्नातक हो रहे हैं और इस समय परिवर्तन ही एकमात्र स्थिर कारक है। उन्होंने छात्रों से निरंतर अनुकूलन, नए कौशल हासिल करने और नवाचार को अपनाने का आग्रह किया। भारत के प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवप्रवर्तक के रूप में उभरने पर जोर देते हुए, उन्होंने युवाओं को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप स्वदेशी नवाचारों को आगे बढ़ाने और 'विकसित भारत@2047' के दृष्टिकोण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों, जैसे कि श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विस्तार और चेनाब रेल पुल जैसी महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा परियोजनाएं, का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ये पहल नए अवसर पैदा करती हैं और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करती हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में श्रीनगर स्वच्छता सर्वेक्षण में देश का सबसे स्वच्छ शहर बनेगा।

उपराष्ट्रपति ने झारखंड के राज्यपाल के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल के तहत जम्मू-कश्मीर से एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य का दौरा किया था और उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना अपनी भावनाओं का सम्मान करना, और इस तरह के आदान-प्रदान से राष्ट्रीय एकता मजबूत होती है।

अपने समापन भाषण में, उपराष्ट्रपति ने युवाओं से नशे से दूर रहने और सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं को याद दिलाया कि जीवन में उनकी सहनशीलता, साहस और चरित्र की परीक्षा कक्षा में हासिल ज्ञान से भी परे होगी। एकता और अपनेपन के संदेश के साथ अपने संबोधन को समाप्त करते हुए उन्होंने कहा, 'यह ना मेरा कश्मीर है, ना तुम्हारा कश्मीर है, यह हम सबका कश्मीर है।'

इस दीक्षांत समारोह में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और कश्मीर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मनोज सिन्हा, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और कश्मीर विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर उमर अब्दुल्ला भी उपस्थित रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह जम्मू-कश्मीर में सामाजिक एकता और महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत संदेश भी है। उपराष्ट्रपति का बयान 'यह हम सबका कश्मीर' इस क्षेत्र में सामूहिक पहचान को बढ़ावा देने का प्रयास है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कश्मीर विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह कब हुआ?
कश्मीर विश्वविद्यालय का 21वां दीक्षांत समारोह 26 फरवरी को हुआ।
उपराष्ट्रपति ने छात्रों को क्या संदेश दिया?
उपराष्ट्रपति ने छात्रों को नवाचार और देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।
महिलाओं की भूमिका पर उपराष्ट्रपति ने क्या कहा?
उपराष्ट्रपति ने महिला सशक्तिकरण की प्रशंसा की और इसे जम्मू-कश्मीर में प्रगति का प्रतीक बताया।
इस समारोह में कौन-कौन मौजूद थे?
इस समारोह में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी उपस्थित रहे।
उपराष्ट्रपति का संदेश क्या था?
उन्होंने कहा, 'यह ना मेरा कश्मीर है, ना तुम्हारा कश्मीर है, यह हम सबका कश्मीर है।'
राष्ट्र प्रेस
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