जम्मू-कश्मीर का युवा प्रतिनिधिमंडल उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मिला
सारांश
Key Takeaways
- जम्मू-कश्मीर के युवाओं का 250 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल उपराष्ट्रपति से मिला।
- 'वतन को जानो' कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
- उपराष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर में महिलाओं के विकास पर प्रकाश डाला।
- युवाओं को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की सलाह दी गई।
- जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गृह मंत्रालय के 'वतन को जानो' कार्यक्रम में भाग लेने वाले जम्मू-कश्मीर के 250 सदस्यीय युवा प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नई दिल्ली के उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की।
'वतन को जानो' कार्यक्रम, गृह मंत्रालय और जम्मू-कश्मीर सरकार की एक पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के युवाओं को भारत के विभिन्न हिस्सों को जानने का अवसर प्रदान करना और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
उपराष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें जम्मू-कश्मीर के ऐसे ऊर्जावान, प्रतिभाशाली और दृढ़ निश्चयी युवाओं से बातचीत करके खुशी हुई। उन्होंने पिछले महीने श्रीनगर में कश्मीर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह की यात्रा का उल्लेख करते हुए जम्मू-कश्मीर में महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की बात की।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम के पहली बार रणजी ट्रॉफी जीतने के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि शिक्षा में महिलाओं का नेतृत्व और युवा क्रिकेटरों की खेल संबंधी उपलब्धियां, जम्मू-कश्मीर के युवाओं के भविष्य को आकार देने की दिशा में प्रगति को दर्शाती हैं।
राधाकृष्णन ने गृह मंत्रालय के ‘वतन को जानो’ कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल न केवल युवाओं को साझा राष्ट्रीय पहचान से जोड़ती है, बल्कि आत्मविश्वास, जागरूकता और आकांक्षा का निर्माण भी करती है। इसके साथ ही, 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को भी प्रोत्साहित करती है।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर को असाधारण प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध संस्कृति का स्थल बताते हुए कहा कि यहां एक प्रमुख वैश्विक पर्यटन स्थल बनने की संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, प्रौद्योगिकी, पर्यटन और उद्यमिता में अवसरों का विस्तार करते हुए, प्रत्येक युवा में एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और समावेशी भविष्य का निर्माता बनने की क्षमता है।
उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थी सिविल सेवा, आईआईटी और आईआईएम प्रवेश परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
राधाकृष्णन ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा एक मजबूत और प्रगतिशील राष्ट्र की नींव हैं।
उपराष्ट्रपति ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए युवा प्रतिभागियों से आत्मविश्वास से खड़े रहने, आत्म-विश्वास रखने और विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल तभी विकसित भारत की परिकल्पना संभव है जब प्रत्येक राज्य विकसित हो।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी उपस्थित थे। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में जम्मू-कश्मीर में हुए विकासात्मक परिवर्तनों को याद किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं की आकांक्षाएं बढ़ी हैं और कई युवा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।