चीन-ब्राजील पाँचवीं रणनीतिक वार्ता: वांग यी और मौरो विएरा की पेइचिंग में अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
चीनी विदेश मंत्री वांग यी और ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा ने 1 जून को पेइचिंग में पाँचवीं चीन-ब्राजील विदेश मंत्री स्तरीय व्यापक रणनीतिक वार्ता का आयोजन किया, जिसमें दोनों देशों ने 'साझे भविष्य वाले समुदाय' के निर्माण और बहुपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई। यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और ग्लोबल साउथ के दो प्रमुख देशों के बीच रणनीतिक तालमेल पर दुनिया की नज़र है।
मुख्य घटनाक्रम
वांग यी ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के रणनीतिक नेतृत्व में हाल के वर्षों में चीन-ब्राज़ील संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' से बढ़ाकर 'साझे भविष्य वाले समुदाय' तक पहुँचाया गया है, जिसे उन्होंने 'मील के पत्थर की छलांग' बताया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि दोनों देशों के संबंधों का वैश्विक, रणनीतिक और दीर्घकालिक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
वैश्विक शासन पर ज़ोर
वांग यी ने कहा कि 'सदी का अभूतपूर्व परिवर्तन' तेज़ी से हो रहा है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की शांति-स्थिरता की उम्मीद और भी ज़रूरी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि विश्व शासन व्यवस्था में सुधार को जल्द से जल्द एजेंडे में लाया जाना चाहिए। दोनों पक्षों को नेताओं की सहमतियों का कार्यान्वयन कर बाहरी चुनौतियों का समान रूप से मुक़ाबला करना होगा।
ब्राज़ील का रुख़
मौरो विएरा ने कहा कि ब्राज़ील-चीन संबंध विकासशील देशों द्वारा 'स्वतंत्रता व आत्मनिर्भरता बनाए रखने और एकजुटता व सहयोग मज़बूत करने' की मिसाल हैं। उन्होंने दोहराया कि ब्राज़ील 'एक चीन' नीति पर क़ायम है और आपसी रणनीतिक विश्वास, व्यवहारिक सहयोग तथा जनमत का आधार और मज़बूत करना चाहता है, ताकि समान समृद्धि साकार हो सके।
क्यों मायने रखती है यह वार्ता
गौरतलब है कि BRICS के दो संस्थापक सदस्य होने के नाते चीन और ब्राज़ील ग्लोबल साउथ के एजेंडे को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका-चीन तनाव और पश्चिमी टैरिफ़ नीतियाँ विकासशील देशों के लिए नई चुनौतियाँ खड़ी कर रही हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुका है, और कृषि, ऊर्जा तथा बुनियादी ढाँचे में सहयोग का विस्तार जारी है।
आगे क्या
दोनों पक्षों ने संकेत दिया कि नेताओं की सहमतियों के क्रियान्वयन के लिए विभिन्न क्षेत्रीय संवाद तंत्र सक्रिय किए जाएँगे। आने वाले महीनों में आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग के नए समझौतों की संभावना जताई जा रही है।