क्या चीन की जलवायु प्रतिबद्धता वैश्विक शासन को मजबूत करेगी?

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क्या चीन की जलवायु प्रतिबद्धता वैश्विक शासन को मजबूत करेगी?

सारांश

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। चीन का लक्ष्य 2035 तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को 7% से 10% कम करना है, जो वैश्विक जलवायु शासन में एक नई दिशा दे रहा है। यह कदम न केवल चीन की जलवायु प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि अन्य देशों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

मुख्य बातें

चीन ने 2035 तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने का लक्ष्य रखा है।
इसका उद्देश्य वैश्विक जलवायु शासन को मजबूत करना है।
चीन ने नवीकरणीय ऊर्जा में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
दुनिया के अन्य देशों को भी इस पहल से प्रेरणा मिल सकती है।

बीजिंग, 30 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। 24 सितंबर को, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान के एक नए चरण की घोषणा की। इस योजना के अनुसार, 2035 तक, देश में अर्थव्यवस्था-व्यापी शुद्ध ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन अपने चरम से 7 फीसदी से 10 फीसदी तक कम किया जाएगा।

यह 'माइलस्टोन प्रतिबद्धता' (जिसका उल्लेख बीबीसी ने किया है) ने वैश्विक जलवायु शासन में महत्वपूर्ण गति प्रदान की है।

वर्तमान वैश्विक जलवायु स्थिति बहुत गंभीर है। पिछले एक दशक में ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन लगातार बढ़ रहा है। पिछले वर्ष, वैश्विक औसत वार्षिक तापमान परिवर्तन पहली बार 1.5 डिग्री सेल्सियस की महत्वपूर्ण सीमा को पार कर गया, जबकि कई प्रमुख देश अपनी जिम्मेदारियों से बचते रहे हैं।

इस पृष्ठभूमि में, चीन, जो सबसे बड़ा विकासशील देश है, ने न केवल पांच साल पहले अपने 'दोहरे कार्बन' लक्ष्य निर्धारित किए थे, बल्कि अब पहली बार, सभी ग्रीनहाउस गैसों को शामिल करते हुए एक अर्थव्यवस्था-व्यापी पूर्ण उत्सर्जन कटौती लक्ष्य प्रस्तावित किया है, जो 'उत्सर्जन कटौती को लगातार बढ़ावा देने' के उसके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

चीन के कदम पहले ही जड़ पकड़ चुके हैं। देश ने दुनिया की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली और नवीन ऊर्जा उद्योग श्रृंखला का निर्माण किया है। 2016 से विकासशील देशों को 177 अरब चीनी युआन से अधिक की सहायता प्रदान की है और 100 से अधिक देशों के साथ हरित ऊर्जा सहयोग में संलग्न है।

अफ्रीका में पवन ऊर्जा परियोजनाओं से लेकर वैश्विक नवीन ऊर्जा वाहन आपूर्ति तक, चीन की 'हरित उत्पादन क्षमता' दुनिया को लाभान्वित कर रही है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के एक अधिकारी ने टिप्पणी की, 'चीन वैश्विक निम्न-कार्बन परिवर्तन में विश्वास का संचार कर रहा है।'

शिखर सम्मेलन में, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एक तीन-सूत्री पहल प्रस्तुत की, 'विश्वास को मजबूत करना, जिम्मेदारियां उठाना और सहयोग को गहरा करना।'

उन्होंने 'साझा लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों' पर जोर दिया और विकसित देशों से अपने दायित्वों को पूरा करने और उत्तर-दक्षिण की खाई को कम करने का आह्वान किया।

वैश्विक चुनौतियों का सामना करते हुए, चीन हमेशा से सक्रिय रहा है। अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियाँ चाहे कैसी भी हों, उत्सर्जन में कमी लाने की चीन की गति धीमी नहीं होगी, न ही उसके सहयोगात्मक प्रयास कमजोर होंगे। अपने वादे के अनुसार, चीन एक स्वच्छ और सुंदर विश्व के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाता रहेगा, जिससे वैश्विक जलवायु शासन के मार्ग को रोशन करने की उसकी प्रतिबद्धता को बल मिलेगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह अन्य विकासशील देशों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। देश का यह कदम इस बात का संकेत है कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए सभी देशों को एकजुट होकर काम करना होगा।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन का जलवायु प्रतिबद्धता क्या है?
चीन ने 2035 तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को 7% से 10% कम करने का लक्ष्य रखा है।
चीन ने जलवायु परिवर्तन के लिए कौन से कदम उठाए हैं?
चीन ने दुनिया की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली का निर्माण किया है और विकासशील देशों को सहायता प्रदान की है।
चीन का 'दोहरा कार्बन' लक्ष्य क्या है?
'दोहरा कार्बन' लक्ष्य का मतलब है कि चीन ने उत्सर्जन को कम करने के लिए दो महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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