चीन पर खाद-अनाज जमाखोरी का आरोप: विश्व बैंक के पूर्व अध्यक्ष मालपास ने भंडार छोड़ने की माँग की
सारांश
विश्व बैंक के पूर्व अध्यक्ष डेविड मालपास ने चीन पर खाद और अनाज की जमाखोरी का आरोप लगाते हुए भंडार छोड़ने की माँग की है। अमेरिका-ईरान तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से वैश्विक आपूर्ति संकट गहरा गया है — हर हफ्ते करीब दस अरब भोजन की कमी की चेतावनी दी जा रही है।
मुख्य बातें
विश्व बैंक के पूर्व अध्यक्ष डेविड मालपास ने चीन पर खाद्य और उर्वरक जमाखोरी का आरोप लगाया।
चीन वर्ष 2025 में वैश्विक उर्वरक उत्पादन का लगभग 25% हिस्सा था; उसका उर्वरक निर्यात 13 अरब डॉलर से अधिक रहा।
चीन ने मार्च 2026 से कई उर्वरकों के निर्यात पर रोक लगाई है; 2021 से आंशिक पाबंदियाँ जारी हैं।
उद्योग जगत की चेतावनी — आपूर्ति रुकने से दुनिया में हर हफ्ते करीब दस अरब भोजन की कमी हो सकती है।
यारा कंपनी के CEO स्वेन टोरे होलसेथर ने कहा — खाद की कमी से फसल उत्पादन घटेगा और देशों के बीच खाद्य होड़ बढ़ेगी।
चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंग्यू ने आरोप खारिज करते हुए कहा कि संकट के लिए सिर्फ चीन जिम्मेदार नहीं।
विश्व बैंक के पूर्व अध्यक्ष डेविड मालपास ने कहा है कि चीन को अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक खाद्य और उर्वरक संकट को कम करने के लिए खाने-पीने की चीजों और खाद की जमाखोरी तत्काल बंद करनी चाहिए। 12 मई 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। मालपास का यह बयान ऐसे समय में आया है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से वैश्विक उर्वरक आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हो चुकी है।
मालपास का आरोप और माँग
मालपास ने कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
जिसमें चीन की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। चीन का उर्वरक निर्यात प्रतिबंध घरेलू खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से तर्कसंगत हो सकता है, परंतु जब वह वैश्विक उत्पादन का 25% नियंत्रित करता हो तो यह नीति अनिवार्यतः भू-राजनीतिक रंग ले लेती है। असली सवाल यह है कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय के पास कोई ऐसा बाध्यकारी तंत्र है जो संकटकाल में किसी एकल देश की जमाखोरी को रोक सके — फिलहाल उत्तर नकारात्मक प्रतीत होता है।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
डेविड मालपास ने चीन पर क्या आरोप लगाया है?
विश्व बैंक के पूर्व अध्यक्ष डेविड मालपास ने आरोप लगाया है कि चीन खाद्य पदार्थों और उर्वरकों की जमाखोरी कर रहा है, जिससे अमेरिका-ईरान तनाव के बीच उत्पन्न वैश्विक संकट और गहरा हो रहा है। उन्होंने चीन से अपने भंडार बढ़ाना बंद करने की माँग की है।
चीन ने उर्वरक निर्यात पर रोक क्यों लगाई है?
चीन का कहना है कि मार्च 2026 से लगाई गई उर्वरक निर्यात पाबंदी घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि चीन 2021 से ही आंशिक निर्यात प्रतिबंध लगाता आ रहा है, जो वैश्विक आपूर्ति को प्रभावित करता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से खाद्य संकट कैसे बढ़ा?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक प्रमुख समुद्री मार्ग है जिससे उर्वरक और खाद्य सामग्री की वैश्विक आपूर्ति होती है। इसके बंद होने से कई देशों को वसंत की बुवाई से पहले खाद सुरक्षित करने में कठिनाई हो रही है, और उद्योग जगत ने हर हफ्ते करीब दस अरब भोजन की कमी की चेतावनी दी है।
यारा कंपनी के CEO ने क्या चेतावनी दी?
यारा कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वेन टोरे होलसेथर ने कहा कि खाद की कमी के कारण फसलों की पैदावार घट सकती है, जिससे खाद्य सामग्री के लिए देशों के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा पैदा हो सकती है। इसका सबसे अधिक असर गरीब और विकासशील देशों पर पड़ेगा।
चीन ने इन आरोपों का जवाब कैसे दिया?
वॉशिंगटन डीसी स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंग्यू ने कहा कि चीन वैश्विक खाद्य और उर्वरक बाजार को स्थिर बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा संकट के लिए सिर्फ चीन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।