चीन पटाखा प्लांट विस्फोट: हुनान में 37 की मौत, 51 घायल — 2019 के बाद सबसे बड़ा हादसा
सारांश
मुख्य बातें
चीन के हुनान प्रांत के लियुयांग शहर में एक पटाखा निर्माण प्लांट में सोमवार, 8 मई 2026 को दोपहर 4 बजकर 43 मिनट (स्थानीय समय) पर हुए भीषण विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, 51 लोग घायल हुए हैं और 1 व्यक्ति अभी भी लापता है। इस हादसे को 2019 के जिआंगसु केमिकल प्लांट विस्फोट के बाद चीन में अब तक का सबसे बड़ा औद्योगिक ब्लास्ट माना जा रहा है।
हादसे का विवरण और पीड़ितों की स्थिति
न्यूज़ एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, 51 घायलों में से 5 की हालत गंभीर बनी हुई है। इससे पहले चांग्शा शहर के स्वास्थ्य आयोग के कम्युनिस्ट पार्टी सेक्रेटरी लियू जियायोंग ने बताया था कि 6 घायल इंटेंसिव केयर में भर्ती हैं। अधिकांश घायलों को आपातकालीन उपचार के लिए लियूयांग पीपल्स हॉस्पिटल और लियूयांग ट्रेडिशनल चाइनीज मेडिसिन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
पीड़ितों में सबसे अधिक उम्र के व्यक्ति की आयु 68 वर्ष थी, जबकि सबसे कम उम्र का पीड़ित लगभग 20 वर्ष का था। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि हादसे ने सभी आयु वर्गों के श्रमिकों को प्रभावित किया।
राहत और बचाव अभियान
घटनास्थल पर चलाए गए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में अग्निशमन विभाग, आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम, सार्वजनिक सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग के 1,500 से अधिक कर्मी शामिल थे। अधिकारी चेन ने बताया कि बचाव अभियान काफी हद तक पूरा हो चुका है, हालाँकि एक व्यक्ति की तलाश अभी जारी है।
सरकार की प्रतिक्रिया और जाँच
हादसे की गंभीरता को देखते हुए चीन के वाइस-प्रीमियर झांग गुओकिंग को हुनान प्रांत भेजा गया है। सिन्हुआ के अनुसार, झांग ने घोषणा की कि स्टेट काउंसिल (चीन की कैबिनेट) हादसे के कारणों की जाँच और दोषियों को आपराधिक सज़ा दिलाने के लिए एक विशेष जाँच टीम गठित करेगी।
झांग ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले पटाखा निर्माताओं को कड़ी सज़ा देने का वादा किया। उन्होंने उन नियामकों (रेगुलेटर्स) को भी जवाबदेह ठहराने की बात कही जो कंपनियों की निगरानी करने के बजाय केवल जुर्माना लगाने तक सीमित रहे।
लियुयांग: चीन की पटाखों की राजधानी
लियुयांग को चीन की 'पटाखों की राजधानी' के रूप में जाना जाता है। यह शहर देश की घरेलू पटाखा आपूर्ति का 60 प्रतिशत और निर्यात का लगभग 70 प्रतिशत उत्पादन करता है। यह ऐसे समय में आया है जब चीन में औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
2019 की त्रासदी से तुलना
गौरतलब है कि 2019 में पूर्वी चीन के जिआंगसु प्रांत में एक केमिकल प्लांट में हुए विस्फोट में लगभग 78 लोग मारे गए थे। वर्तमान हादसे में मृतकों की संख्या अब तक उससे कम है, लेकिन यह पिछले सात वर्षों का सबसे घातक औद्योगिक विस्फोट बन चुका है। जाँच के नतीजे और सरकारी कार्रवाई आने वाले दिनों में चीन की औद्योगिक सुरक्षा नीति की दिशा तय करेंगे।