शांक्सी कोयला खदान विस्फोट में 82 की मौत, जिनपिंग ने दिए जांच और जवाबदेही के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
चीन के शांक्सी प्रांत में स्थित लिउशेन्यू कोयला खदान में 22 मई को हुए भीषण गैस विस्फोट में 82 लोगों की मौत हो गई है। विस्फोट के समय खदान में 247 कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद थे और घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
यह विस्फोट शुक्रवार, 22 मई को स्थानीय समयानुसार शाम 7:29 बजे (11:29 GMT) हुआ। खदान का संचालन शांक्सी तोंगझू ग्रुप करता है। रिपोर्टों के अनुसार, गैस विस्फोट की चपेट में आने से 82 कर्मचारियों की जान चली गई। लापता लोगों की तलाश और घायलों के उपचार के लिए राहत-बचाव दल युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।
जिनपिंग और ली कियांग के निर्देश
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग — जो चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) केंद्रीय समिति के महासचिव और केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष भी हैं — ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने दुर्घटना के बाद की स्थिति को सुव्यवस्थित ढंग से संभालने, कारणों की गहन जांच करने और कानून के अनुसार जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री ली कियांग, जो CPC केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य भी हैं, ने बचाव कार्यों और दुर्घटना जांच को लेकर अलग से निर्देश जारी किए। उन्होंने देशभर में कार्यस्थल सुरक्षा निगरानी को मजबूत करने और प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा जांच अभियान चलाने का आग्रह किया।
घटनास्थल पर उच्चस्तरीय निगरानी
उप प्रधानमंत्री झांग कुओझिंग बचाव कार्यों और दुर्घटना के बाद की स्थिति की निगरानी के लिए एक उच्चस्तरीय टीम के साथ लिउशेन्यू खदान स्थल पर पहुँच गए हैं। यह इस दुर्घटना की गंभीरता को दर्शाता है।
व्यापक सुरक्षा चेतावनी
राष्ट्रपति जिनपिंग ने जोर दिया कि देशभर के अधिकारियों को इस हादसे से सबक लेना चाहिए, कार्यस्थल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना चाहिए और संभावित जोखिमों की पहचान कर उन्हें खत्म करने के प्रयास तेज करने चाहिए। उन्होंने आगामी मौसम में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं की आशंका को देखते हुए आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करने और लोगों के जीवन व संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि चीन में कोयला खदान दुर्घटनाएँ नई नहीं हैं — देश दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक है और खदान सुरक्षा एक दीर्घकालिक चुनौती रही है। अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना की जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बचाव अभियान के नतीजे और आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने वाले दिनों में सामने आने की उम्मीद है।