8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चीन की शानशी कोयला खदान में गैस विस्फोट: 90 लोग फँसे, PM मोदी ने शी जिनपिंग को दी संवेदना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चीन की शानशी कोयला खदान में गैस विस्फोट: 90 लोग फँसे, PM मोदी ने शी जिनपिंग को दी संवेदना

सारांश

चीन के शानशी प्रांत की लिउशेन्यू कोयला खदान में शुक्रवार रात हुए गैस विस्फोट ने 247 मजदूरों को भूमिगत फँसा दिया। शनिवार तड़के तक 90 लोग अभी भी नीचे थे, 4 की मौत की पुष्टि हो चुकी थी। PM मोदी ने एक्स पर शी जिनपिंग को संवेदना दी।

मुख्य बातें

चीन के शानशी प्रांत की लिउशेन्यू कोयला खदान में 23 मई की रात 9:43 बजे भीषण गैस विस्फोट हुआ।
विस्फोट के समय खदान में 247 मजदूर मौजूद थे; शनिवार तड़के तक 157 को निकाला गया।
90 मजदूर अभी भी भूमिगत, जिनमें 16 की हालत गंभीर ; 4 की मौत की पुष्टि।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आपातकालीन बचाव निर्देश जारी किए और पूर्ण जाँच का आदेश दिया।
PM नरेंद्र मोदी ने एक्स पर शी जिनपिंग और चीन की जनता के प्रति संवेदना व्यक्त की।

चीन के उत्तरी शानशी प्रांत की लिउशेन्यू कोयला खदान में शुक्रवार रात 9 बजकर 43 मिनट (स्थानीय समय) हुए भीषण गैस विस्फोट में 247 मजदूर जमीन के नीचे फँस गए। शनिवार तड़के 3 बजकर 33 मिनट तक 157 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका था, जबकि 90 लोग अभी भी भूमिगत थे — जिनमें से 16 की हालत गंभीर बताई गई और 4 की मौत की पुष्टि हो चुकी थी। यह हादसा चांगजी के किनयुआन काउंटी में हुआ।

हादसे का घटनाक्रम

रिपोर्टों के अनुसार, विस्फोट के समय खदान में 247 मजदूर काम कर रहे थे। बचाव दल ने रात भर अभियान जारी रखा और शनिवार सुबह तक 157 श्रमिकों को बाहर निकाला। हालाँकि, 90 मजदूर अभी भी भूमिगत थे, जिनमें से कुछ की हालत नाज़ुक बताई गई। बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

शी जिनपिंग के निर्देश

चीन के राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की केंद्रीय समिति के महासचिव शी जिनपिंग ने हादसे के तुरंत बाद आपातकालीन निर्देश जारी किए। उन्होंने लापता श्रमिकों को बचाने, घायलों का समुचित उपचार करने और हादसे के कारणों की पूरी जाँच कर कानूनी जवाबदेही तय करने का आदेश दिया। शी ने देशभर के अधिकारियों से इस घटना से सबक लेने और कार्यस्थल सुरक्षा को और मज़बूत करने की अपील की।

PM मोदी की संवेदना

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा, 'भारत की जनता की ओर से मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीन की जनता के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ। ईश्वर शोक संतप्त परिवारों को इस दुख की घड़ी में शक्ति प्रदान करें। हम प्रार्थना करते हैं कि सभी लापता व्यक्तियों की शीघ्र और सुरक्षित वापसी हो।' यह संदेश भारत-चीन के बीच हाल के कूटनीतिक संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बाढ़ के बीच आपदा प्रबंधन की चुनौती

गौरतलब है कि यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब चीन में बाढ़ का मौसम शुरू हो चुका है। राष्ट्रपति शी ने इमरजेंसी तैयारियों को मज़बूत करने और बाढ़ नियंत्रण व आपदा राहत के ठोस उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। चीन में खनन दुर्घटनाएँ एक पुरानी समस्या रही हैं — आलोचकों का कहना है कि सुरक्षा मानकों के कमज़ोर क्रियान्वयन के कारण ऐसे हादसे बार-बार होते हैं।

आगे क्या

बचाव अभियान अभी जारी है और अधिकारियों के अनुसार लापता सभी लोगों को खोजने की कोशिशें युद्धस्तर पर चल रही हैं। हादसे की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार जाँच और जवाबदेही के वादे किए जाते हैं। सवाल यह है कि क्या इस बार की जाँच केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी, या सुरक्षा मानकों के क्रियान्वयन में वास्तविक बदलाव आएगा। PM मोदी की त्वरित संवेदना भारत-चीन के बीच हाल में सुधरे कूटनीतिक माहौल को रेखांकित करती है, लेकिन इस हादसे की असली कीमत वे परिवार चुका रहे हैं जिनके प्रियजन अभी भी जमीन के नीचे हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन की शानशी कोयला खदान में क्या हुआ?
चांगजी के किनयुआन काउंटी स्थित लिउशेन्यू कोयला खदान में 23 मई की रात 9 बजकर 43 मिनट पर भीषण गैस विस्फोट हुआ, जिस समय 247 मजदूर भूमिगत काम कर रहे थे। शनिवार तड़के तक 157 को निकाला गया, 4 की मौत की पुष्टि हुई और 90 अभी भी जमीन के नीचे थे।
PM मोदी ने इस हादसे पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा कि वे भारत की जनता की ओर से राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीन की जनता के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं और लापता लोगों की शीघ्र व सुरक्षित वापसी की प्रार्थना करते हैं।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हादसे के बाद क्या निर्देश दिए?
शी जिनपिंग ने लापता श्रमिकों को बचाने, घायलों का इलाज करने और हादसे की पूर्ण जाँच कर कानूनी जवाबदेही तय करने के आदेश दिए। उन्होंने देशभर के अधिकारियों से कार्यस्थल सुरक्षा मज़बूत करने और संभावित खतरों को समय रहते पहचानने की भी अपील की।
अब तक कितने मजदूरों को बचाया जा सका है?
शनिवार सुबह 3 बजकर 33 मिनट तक 157 मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा चुका था। 90 लोग अभी भी भूमिगत थे, जिनमें 16 की हालत गंभीर बताई गई, और 4 की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी थी।
क्या चीन में इस तरह के खदान हादसे पहले भी हुए हैं?
हाँ, चीन में कोयला खदान दुर्घटनाएँ एक पुरानी और गंभीर समस्या रही हैं। आलोचकों का कहना है कि सुरक्षा मानकों के कमज़ोर क्रियान्वयन और निगरानी की कमी के कारण ऐसे हादसे बार-बार होते हैं, भले ही हर बार जाँच और सुधार के वादे किए जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 9 घंटे पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 11 महीने पहले